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कभी पहलवान बनना चाहता था यह खिलाड़ी; मजबूरी में कबड्डी चुनी, अब उन पर लग रहे बड़े दांव

तोमर बचपन में पहलवानी करना चाहते थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वो कबड्डी के स्टार खिलाड़ी बन गए।

मां के साथ कबड्डी खिलाड़ी नितिन तोमर। (फोटो सोर्स- फेसबुक@nitintomar)

जब से देश में प्रो कबड्डी लीग की शुरुआत हुई है तबसे इस खेल के प्रति लोगों का रोमांच कुछ ज्यादा ही बढ़ गया है। लीग के शुरु होने से पहले ऐसे कई लोग थे जो कि कबड्डी खेल के बारे में जानते भी नहीं थे लेकिन अब किसी से भी पूछों तो उसके मुहं पर कबड्डी के धुरंधरों का ही नाम रहता है। इस खेल की लोकप्रियता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। वहीं, कुछ खिलाड़ियों ने तो इस खेल को एक नई ही पहचान दी है। इसमें नितिन तोमर का नाम सबसे आगे है। तोमर बचपन में पहलवानी करना चाहते थे लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था और वो कबड्डी के स्टार खिलाड़ी बन गए।

पहलवानी करना चाहते थे नितिन तोमरः नितिन कबड्डी लीग के कुछ स्टार खिलाड़ियों में शुमार हैं। सातवें सीजन में नितिन को पुनेरी पल्टन ने 1 करोड़ 20 लाख की कमत में अपने साथ बरकरार रखा है। नितिन बागपत के मलकपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता एक किसान हैं और उनकी दादी भी अपने बेटे के साथ खेती में हाथ बंटाती हैं। कबड्डी में यह मुकाम नितिन ने बहुत ही मेहनत करने के बाद हासिल किया है। नितिन की दादी का कहना है कि नितिन काफी मेहनती है और जब भी वह गांव आता है तो अपने पिता और दादी के साथ मिलकर खेती के काम में हाथ बंटाता है। अपनी इस कामयाबी पर बात करते हुए नितिन ने कहा कि मैं बचपन से ही पहलवान बनना चाहता था क्योंकि मेरे दो चाचा हैं जो कि पहलवान हैं। उन्हें पहलवानी करते हुए देखकर मेरा झुकाव भी पहलवानी की तरह होने लगा। बता दें कि नितिन के चाचा राजीव तोमर को खेल के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार अर्जुन अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

ऐसे पलटी किस्मतः नितिन ने बताया कि वे महर्षि दयानंद पब्लिक स्कूल में पढ़ते थे जहां पर पहलवानी के लिए कोई सुविधा नहीं थी, जिसके कारण उन्हें अपना सपना छोड़कर कबड्डी को चुनना पड़ा। स्कूल में नितिन सिर्फ मजे करने के लिए कबड्डी खेला करते थे क्योंकि उनका मन पढ़ाई से ज्यादा खेलकूद में लगता था। नितिन ने बताया कि एक बार इंटर-स्कूल कबड्डी टूर्नामेंट में मेरा प्रदर्शन अच्छा देखकर मेरे शिक्षकों ने मुझे कब्बडी में अपना करियर बनाने की सलाह दी और फिर मैंने उनकी बात सुनकर कबड्डी को सीरियसली लिया। नितिन ने बताया कि अभिनेता अभिषेक बच्चन चाहते थे कि मैं उनकी टीम जयपुर पिंक पैंथर का हिस्सा बनूं। मुझे अपनी टीम में शामिल करने के लिए अभिषेक ने 90 लाख रुपए तक की बोली लगाई थी लेकिन यूपी योद्धा के मालिक हेमंत दुआ ने 93 लाख रुपए की बोली लगाकर उन्हें खरीद लिया था।

नेवी की नौकरी भी करते हैं नितिनः नितिन के पिता ने बेटे की कामयाबी पर कहा कि चाहे कबड्डी हो, घर का काम हो या फिर अपने नेवी की नौकरी, नितिन हर काम को बहुत ही मेहनत के साथ करता है। नितिन के नेवी में सिलेक्शन की बात करते हुए उन्होंने बताया कि एक बार नितिन 2012 में धनौरा गांव में कबड्डी खेलने के लिए गया था। वहां पर आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के उच्च अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने वहां नितिन का बेहतरीन खेल देख उसे तीनों सेनाओं ने अपने साथ जोड़ने का प्रस्ताव उसके सामने रखा लेकिन नितिन ने नेवी को चुना।

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