scorecardresearch

नरिंदर बत्रा बने एफआईएच के पहले भारतीय अध्यक्ष

59 बरस के नरिंदर बत्रा अक्तूबर 2014 में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष बने जो पहले महासचिव थे।

Narinder Batra news, IOA Narinder Batra, FIH president Narinder Batra, FIH N Ramachandran
अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा। (फाइल फोटो)

भारत के नरिंदर बत्रा अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ के पहले गैर यूरोपीय अध्यक्ष बन गए जिन्हें शनिवार (12 नवंबर) को एफआईएच की 45वीं कांग्रेस में बहुमत से शीर्ष पद के लिए चुन लिया गया। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष बत्रा ने आयरलैंड के डेविड बालबर्नी और ऑस्ट्रेलिया के केन रीड को हराया। वह एफआईएच के 12वें अध्यक्ष बने और संस्था के 92 साल के इतिहास में इस पद पर पहुंचने वाले पहले एशियाई हैं। बत्रा को 68 वोट मिले जबकि बालबर्नी और रीड को क्रमश: 29 और 13 वोट मिले। कुल 118 मतदाताओं में से 110 ने वोट डाला जबकि आठ ने इसमें भाग नहीं लिया। मतदान गुप्त तरीके से इलेक्ट्रॉनिक मतदान प्रक्रिया के जरिए हुआ। हर राष्ट्रीय संघ के प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख को एक टेबलेट और एक यूनिक पासवर्ड दिया गया था। एशियाई हॉकी महासंघ के आधिकारिक उम्मीदवार बत्रा को एशियाई, अफ्रीकी और मध्य अमेरिकी देशों का पूरा समर्थन मिला। निवृतमान अध्यक्ष लिएंड्रो नेग्रे ने नतीजे का ऐलान किया।

बत्रा का चार साल का कार्यकाल तुरंत शुरू होगा यानी उन्हें हॉकी इंडिया के अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। वह किसी ओलंपिक खेल की अंतरराष्ट्रीय संस्थान के प्रमुख चुने जाने वाले पहले भारतीय हैं। बत्रा की जीत से अब हॉकी में सत्ता का केंद्र यूरोप की बजाय एशिया हो जाएगा। 59 बरस के बत्रा अक्तूबर 2014 में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष बने थे। वह नेग्रे की जगह लेंगे जो 2008 से एफआईएच अध्यक्ष हैं। बत्रा निवृतमान सीईओ केली फेयरवेदर के साथ अगले कुछ सप्ताह काम करेंगे। इसके बाद वह अंतरिम सीईओ डेविड ल्यूकेस, (एफआईएच खेल निदेशक) के साथ काम करेंगे। नए सीईओ जासन मैक्रेकन एक फरवरी 2017 से पद संभालेंगे। इसके साथ ही बत्रा विश्व महासंघ के अध्यक्ष बनने वाले चुनिंदा भारतीयों की जमात में शामिल हो गए। क्रिकेट प्रशासक जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन श्रीनिवासन और शशांक मनोहर आईसीसी में शीर्ष पर पर रहे हैं।

एन रामचंद्रन विश्व स्क्वॉश महासंघ के अध्यक्ष हैं जबकि जनार्दन सिंह गेहलोत अंतरराष्ट्रीय कबड्डी महासंघ के अध्यक्ष हैं। बत्रा अध्यक्ष बनने से पहले एफआईएच के कार्यकारी बोर्ड के भी सदस्य रहे। बत्रा को भारतीय हाकी में आमूलचूल बदलाव और प्रायोजन के जरिए पैसा लाने का श्रेय जाता है। उन्होंने अकेले दम पर भारत को विश्व हॉकी का केंद्र बना दिया और आईपीएल शैली में हॉकी इंडिया लीग शुरू करके भारतीय खिलाड़ियों को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाया। रपटों के अनुसार पिछले छह साल में बत्रा के रहते हॉकी इंडिया की आय पांच लाख डॉलर से बढ़कर एक करोड़ 40 लाख डॉलर हो गई।

पढें अन्य स्पोर्ट्स (Othersports News) खबरें, ताजा हिंदी समाचार (Latest Hindi News)के लिए डाउनलोड करें Hindi News App.

अपडेट

X