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इंडियन सुपर लीग फ़ाइनल: केरल और कोलकाता दोनों के पास इतिहास रचने का मौका

दो साल पहले भी इन दो टीमों के बीच फाइनल खेला गया था लेकिन तब गांगुली की टीम ने जीत दर्ज की थी जबकि तेंदुलकर को निराशा हाथ लगी थी।

Author कोच्चि | December 15, 2016 8:29 PM
इंडियन सुपर लीग फुटबॉल के तीसरे संस्करण में कोच्चि के नेहरू स्टेडियम में एक मैच के दौरान केरला ब्लास्टर्स (पीली जर्सी में) और दिल्ली डायनमोस के खिलाड़ी फुटबॉल पर पकड़ के लिए जद्दोजहद करते हुए। (PTI Photo/ 11 Dec, 2016)

सचिन तेंदुलकर के सह स्वामित्व वाली और अपने घरेलू दर्शकों के सामने पांच मैच जीतकर आत्मविश्वास से भरी केरल ब्लास्टर्स टीम 18 दिसम्बर को यहां होने वाले इंडियन सुपर लीग फुटबॉल टूर्नामेंट के फाइनल में सौरव गांगुली के सह स्वामित्व वाली एटलेटिको डि कोलकाता को हराकर इतिहास रचने की कोशिश करेगी। इस बार का फाइनल क्रिकेट के दो दिग्गजों तेंदुलकर और गांगुली की टीमों के बीच खेला जाएगा। कभी इन दोनों ने एकदिवसीय क्रिकेट में सफल सलामी जोड़ी बनायी थी लेकिन यहां वे एक दूसरे के खिलाफ रणनीति तैयार करते नजर आएंगे। दो साल पहले भी इन दो टीमों के बीच फाइनल खेला गया था लेकिन तब गांगुली की टीम ने जीत दर्ज की थी जबकि तेंदुलकर को निराशा हाथ लगी थी। इस बार हालांकि तेंदुलकर की टीम घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन और घरेलू मैदान पर खेलने के अनुभव का पूरा फायदा उठाना चाहेगी। केरल की टीम के पास पहले सीजन के फाइनल मुकाबले में कोलकाता के हाथों मिली हार का हिसाब बराबर करने का शानदार मौका है। पहले सीजन के फाइनल में कोलकाता ने केरल को मुम्बई में 1-0 से हराकर पहली बार खिताब अपने नाम किया था।

केरल के कोच स्टीव कोपेल ने कहा, ‘यह दो साल पहले की घटना है और आज उस फाइनल में खेलने वाले कुछ खिलाड़ी ही हमारे साथ हैं। सच्चाई यह है कि उस मैच में विजयी गोल करने वाला खिलाड़ी इस बार हमारे पास है।’ कोपेल जिस खिलाड़ी की बात कर रहे हैं, वह मोहम्मद रफीक हैं। रफीक ने स्थानापन्न के तौर पर खेलते हुए कोलकाता के लिए मैच का एकमात्र गोल किया था। उसके बाद से काफी कुछ बदला है। अब रफीक केरल के लिए खेलते हैं और उन्होंने दिल्ली के खिलाफ हुए दूसरे सेमीफाइनल के दूसरे चरण के मुकाबले में बुधवार को पेनाल्टी शूटआउट के दौरान गोल भी किया था।

कोपेल ने कहा, ‘काफी कुछ बदल गया है। यह बिल्कुल अलग प्रतियोगिता है। हमें हार का हिसाब बराबर करने की बात प्रेरित नहीं करती। हमें तो टीम भावना और यह खिताब जीतने की ललक प्रेरित कर रही है।’ कोच्चि के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 50 हजार से अधिक दर्शक पहुंचते रहे हैं और केरल को उनका भरपूर समर्थन मिलता रहा है। टीम ने लगातार पांच मैच जीतकर अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। कोपेल को दर्शकों के समर्थन के महत्व का अहसास है लेकिन वह मानते हैं कि सिर्फ दर्शक ही उनकी टीम को अपना पहला आईएसएल खिताब नहीं दिला सकते।

उन्होंने कहा, ‘हमारा सामना एक बहुत अच्छी टीम के साथ हो रहा है। केरल के कुछ पूर्व खिलाड़ी स्टीफेन पीयरसन और इयान ह्यूम हालात से बखूबी परिचित हैं। दर्शकों का साथ हमेशा फायदा पहुंचाता है लेकिन यह हमारी सफलता की गारंटी नहीं बन सकता। इस आधार पर हम खुद को खिताब का दावेदार मानकर नहीं चल सकते।’ दूसरी ओर, कोलकाता की टीम भी उसके जितना ही खिताब जीतने को लेकर प्रतिबद्ध दिख रही है। वह तो एक इतिहास भी कायम करना चाहेगी। वह आईएसएल के तीन साल के इतिहास में दूसरी बार खिताब जीतने वाली टीम बनना चाहेगी। कोलकाता एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने लगातार तीनों वर्ष सेमीफाइनल में जगह बनायी है।

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