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भारत बनाम पाकिस्‍तान, वर्ल्‍ड हॉकी लीग 2017 सेमीफाइनल: आक्रामक टीम इंडिया तोड़ेगी पाक का सपना, जानिए कैसे

India vs Pakistan: पाकिस्तान की कोशिश भारत के खिलाफ खेल के स्तर में सुधार कर अपनी सेमीफाइनल की दावेदारी को बचाए रखने की होगी।

Author June 18, 2017 13:41 pm
India vs Pakistan: रेत शिल्‍पी सुदर्शन पटनायक ने दोनों टीमों को इस तरह ‘गुडलक’ कहा। (Source: PTI)

हॉकी वर्ल्‍ड लीग सेमीफाइनल्स में रविवार को भारत और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच अहम है। साख की खातिर दोनों टीमें इस मैच को जीतने की हरसंभव कोशिश करेंगी। भारत का अभी तक इस टूर्नामेंट में प्रदर्शन शानदार रहा है। उसने अपने पहले मैच में स्कॉटलैंड को 4-1 से मात दी थी तो वहीं दूसरे मैच में शनिवार को कनाडा को 3-0 से हराया। इन दोनों मैचों में भारत ने जिस तरह की आक्रामक हॉकी खेली है उससे पाकिस्तान की राह और मुश्किल हो सकती है। वैसे भी पाकिस्तान के लिए इस मैच में जीत अगले दौर में जाने के लिए बेहद अहम है। उसे पहले मैच में नीदरलैंड्स ने 4-0 से मात दी थी तो दूसरे मैच में कनाडा ने 6-0 से हराया था। इन दोनों मैचों में टीम की प्रतिस्पर्धी क्षमता देखने को नहीं मिली थी और दोनों मैचों में वह अपने विपक्षी के दबाव से उबर नहीं पाई थी। पाकिस्तान की कोशिश हालांकि भारत के खिलाफ खेल के स्तर में सुधार कर अपनी सेमीफाइनल की दावेदारी को बचाए रखने की होगी। इसके लिए उसे आगे के अपने सभी मैच जीतने होंगे। वहीं अगर वह भारत से हार जाता है तो सेमीफाइनल का उसका सपना लगभग टूट जाएगा।

खेल के हर क्षेत्र में मजबूत दिख रही भारत अपने चिर प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं लेगी साथ ही वह जानती है कि पाकिस्तान के खिलाफ जीत उसके लिए सेमीफाइनल के दरवाजे खोल सकती है। भारत और पाकिस्तान के बीच रविवार को क्रिकेट के मैदान पर भी जंग होनी है।

भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने देश की हॉकी टीम को अहम मैच से पहले शुभकामनाएं दी हैं। मैच से पहले संवाददाता सम्मेलन में कोहली ने कहा, “मैं अपने देश की हॉकी टीम को शुभकामनाएं देता हूं। हालांकि मैंने कभी भी हॉकी नहीं खेली लेकिन वह शानदार खेल रहे हैं इसलिए वह अच्छा करेंगे।” कोहली ने हॉकी टीम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें डर लगता था कि हॉकी मैच में गेंद उनके चेहरे पर लग जाएगी।

उन्होंने कहा, “मैंने इंडोर में सिंथेटिक हॉकी गेंदों से खेला है लेकिन मैदानी हॉकी नहीं खेली। मुझे इससे डर लगता है कि कहीं गेंद चेहरे पर न लग जाए। मैं नहीं जनाता कि यब लोग पेनाल्टी कॉर्नर में कैसे खेलते हैं। मुझे ऐसा करने के लिए काफी हिम्मत चाहिए।”

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