हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के 16वें सीजन की शुरुआत 15 अगस्त से होगी जिसमें भारत 51 साल का सूखा खत्म करने के इरादे के साथ मैदान पर उतरेगा। भारत ने अब तक हॉकी वर्ल्ड कप खिताब सिर्फ एक बार जीता है और तब भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को 2-1 से हराया था। भारत ने ये कमाल साल 1975 में किया था और उसके बाद से भारत ने एक बार भी इस खिताब को जीतने में सफलता हासिल नहीं की है।

भारत के पास 51 साल का सूखा खत्म करने का मौका

हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत के पास मौका है कि वो अपने 51 साल के खिताबी सूखे को खत्म करे, लेकिन ये आसान नहीं होने वाला है क्योंकि इस सीजन में भी कई ऐसी टीमें भारत के सामने होंगी जो बेहद मजबूत हैं। हालांकि भारतीय टीम भी कमजोर नहीं है और अगर टीम मजबूत इरादा दिखाए तो इस कामयाबी को हासिल कर सकता है। भारत इस वर्ल्ड कप में अपने अभियान की शुरुआत शनिवार को वेल्स के खिलाफ करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली मौजूदा भारतीय टीम के पास इस बार सबसे सुनहरा मौका है । पूल चरण में भारत (आठवीं रैंकिंग) के सामने जिन टीमों की चुनौती है, उनमें सिर्फ इंग्लैंड (तीसरी रैंकिंग) ही उससे आगे है जबकि पाकिस्तान 12वें और वेल्स 15वें स्थान पर है । टूर्नामेंट के नये प्रारूप में हर पूल से शीर्ष दो टीमें दूसरे दौर में जायेंगी जहां उन्हें चार चार टीमों के दो समूहों में बांटा जायेगा और दूसरे पूल की टीमों से इस दौर में सामना होगा। इसमें दूसरी क्वालीफाइड टीम के खिलाफ पिछले दौर के अपने पूल के अंक जोड़े जायेंगे। दोनों ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जायेंगी।

19 अगस्त को होगा भारत का पाकिस्तान से सामना

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा है कि टीम उसी मानसिकता और तैयारी के साथ उतरेगी जो पिछले दो ओलंपिक में थी । उन्होंने कहा कि हमें यकीन है कि जिस तरह से तोक्यो में 41 साल बाद ओलंपिक पदक जीता था, इस बार विश्व कप में 51 साल की कमी पूरी कर देंगे । हम उसी जज्बे उसी सोच और तैयारी के साथ यहां आये हैं। विश्व कप में पदक जीतने का दबाव नहीं है बल्कि यह हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमने शीर्ष टीमों के खिलाफ लगातार खेला है और युवा खिलाड़ी भी आत्मविश्वास से ओतप्रोत हैं । अच्छी बात यह भी है कि पिछले कुछ टूर्नामेंटों में हमने काफी फील्ड गोल किए हैं। पूल चरण में भारत को 17 अगस्त को इंग्लैंड से और 19 अगस्त को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से खेलना है।

सचिन के 203 रन, रैना का डेब्यू टेस्ट शतक, सहवाग के 99 रन, फिर भी नहीं जीता था भारत; श्रीलंका के खिलाफ टीम इंडिया ने बनाए थे 707 रन

श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर ने जिस टेस्ट मैच में 203 रन की पारी खेली थी और सुरेश रैना ने भी शतक लगाया था उस मुकाबले में भारत को जीत नहीं मिली थी। इस मैच में वीरेंद्र सहवाग 99 रन पर आउट हो गए थे और अपने शतक से सिर्फ एक रन से चूक गए थे। (इस खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें)