ताज़ा खबर
 

भुल्लर को शिनहान डंगी ओपन का खिताब, एशियाई टूर में छठी बार बने चैंपियन

जीव मिल्खा सिंह के बाद भुल्लर शिनहान डंगी ओपन जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। जीव ने 22 साल पहले 1994 में यहां खिताब जीता था।
Author इंचियोन (कोरिया) | October 2, 2016 18:30 pm
भारत के गोल्फर गगनजीत भुल्लर। (Photo Credit – asiantour.com/File)

भारत के गगनजीत भुल्लर ने चौथे और अंतिम दौर पर चार अंडर 67 का स्कोर बनाकर रविवार (2 अक्टूबर) को यहां शिनहान डंगी ओपन का खिताब जीता और इस तरह से एशियाई टूर में छठी बार चैंपियन बने। भुल्लर ने चार दौर में 68, 66, 68 और 67 कार्ड खेले। वह तीसरे दौर के बाद कल संयुक्त चौथे स्थान पर थे लेकिन रविवार के शानदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट में उनका कुल योग 15 अंडर 269 रहा और उन्होंने इस दस लाख डॉलर इनामी प्रतियोगिता में जिम्बाब्वे के स्काट विन्सेंट और कोरियाई गोल्फर ताइवू किम पर एक शॉट से जीत दर्ज की। इससे पहले आखिरी बार 2013 में एशियाई टूर का खिताब जीतने वाले भुल्लर कलाई की चोट के कारण पिछले दो वर्षों से अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे। लेकिन कपूरथला के इस 28 वर्षीय गोल्फर ने रविवार को बेहतरीन प्रदर्शन करके शानदार वापसी की और अपना सातवां अंतरराष्ट्रीय खिताब जीता।

भुल्लर ने दिन की शुरुआत दूसरे होल में बर्डी बनाकर की लेकिन चौथे होल में बोगी करने से वह लेवल पार पर आ गए। इसके बाद उन्होंने छठे और सातवें होल में बर्डी बनायी। इनमें से दूसरी बर्डी उन्होंने 15 फीट दूरी से बनायी। अंतिम नौ होल में इस भारतीय ने अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने दसवें, 12वें, 13वें और 14वें होल में बर्डी हासिल की लेकिन तब वह सकते में पड़ गए जब उन्होंने 16वें और 17वें होल में बोगी की। भुल्लर ने 18वें होल में पार स्कोर बनाया और यह उनके खिताब जीतने के लिए पर्याप्त था क्योंकि विन्सेंट बर्डी नहीं बना पाए। ऐसी स्थिति में दोनों के बीच प्लेऑफ होता।

जीव मिल्खा सिंह के बाद भुल्लर शिनहान डंगी ओपन जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं। जीव ने 22 साल पहले 1994 में यहां खिताब जीता था। भुल्लर ने कहा, ‘मुझे पता नहीं था कि मैं 15वें होल के बाद तीन शाट की बढ़त पर हूं। उसके बाद मैंने दिन में पहली बार लीडरबोर्ड की तरफ देखा। जब मुझे पता चला कि मैं तीन शॉट से आगे हूं तो इससे मेरा आत्मविश्वास बढ़ा और मैंने सोचा कि मैं अच्छा खेल रहा हूं और मुझे यह लय बरकरार रखनी है।’

उन्होंने कहा, ‘मेरा लक्ष्य दिन में अच्छी शुरुआत करना था और पहले नौ होल में दो अंडर पर रहकर मैंने इसे हासिल किया। इसके बाद भी मैंने लय बरकरार रखी। दसवें, 12वें, 13वें और 14वें होल में बर्डी बनाना महत्वपूर्ण रहा। यह जीत मेरे लिए काफी मायने रखती है। मैंने आखिरी जीत 2013 में हासिल की थी। पिछले दो सत्र में मैं अपने करियर के सबसे बुरे दौर से गुजरा जब मैं कलाई की चोट से परेशान रहा। मैंने अपना यूरोपियन टूर कार्ड गंवा दिया और एशियाई टूर में भी जीत दर्ज नहीं कर पाया।’ अन्य भारतीयों में खालिन जोशी ने आखिरी दिन पार 71 का कार्ड खेला और वह कुल सात अंडर 277 के साथ संयुक्त 15वें स्थान पर रहे। ज्योति रंधावा ने भी आज इवन पार 71 का स्कोर बनाया और वह कुल पार 284 के साथ संयुक्त 54वें स्थान पर रहे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
Indian Super League 2017 Points Table

Indian Super League 2017 Schedule