ताज़ा खबर
 

दुती चंद ने कहा- डर है कि मुझे फिर से फंसाया जा सकता है

दो साल पहले दुती का राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना तब चकनाचूर हो गया था जब टेस्टोस्टेरोन (पुरुषों में पाया जाने वाला हार्मोन्स) का स्तर अधिक पाए जाने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

Author नई दिल्ली | May 11, 2016 20:49 pm
धाविका दुती चंद (एपी फाइल फोटो)

उदीयमान धाविका दुती चंद को 2014 में विवादास्पद ‘लिंग परीक्षण’ के कारण एक साल तक पीड़ा झेलनी पड़ी और वह इससे इतनी डरी हुई हैं कि उन्हें अब भी लगता है कि उन्हें अब भी फंसाकर उनके करियर को बर्बाद किया जा सकता है। दो साल पहले दुती का राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना तब चकनाचूर हो गया था जब टेस्टोस्टेरोन (पुरुषों में पाया जाने वाला हार्मोन्स) का स्तर अधिक पाए जाने के कारण उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

दुती ने स्विट्जरलैंड के खेल पंचाट में मामला दर्ज किया जिसने उनकी अपील को स्वीकार करते हुए कहा कि हार्मोन्स के बढ़े स्तर का प्रदर्शन से कोई स्पष्ट नाता नहीं है। उन्होंने पिछले साल वापसी की और हाल में 100 मीटर में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। दुती ने यहां एक कार्यक्रम से इतर पत्रकारों से कहा, ‘‘अब मैं किसी पर भरोसा नहीं कर सकती। मुझे डर लगता है कि मुझे फिर से फंसा दिया जाएगा। मेरे बमुश्किल कोई मित्र हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं हैदराबाद में साई शिविर में अकेले अभ्यास करने को प्राथमिकता देती हूं। मैं एनआईएस पटियाला में राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास नहीं करती। चार गुणा 400 मीटर रिले की कुछ सदस्य मुझे पसंद नहीं करती। मैं हालांकि एम आर पूवम्मा (400 मीटर की धाविका) के संपर्क में हूं।’’ फरवरी में दोहा में एशियाई इंडोर में दुती ने 60 मीटर में 7.68 सेकेंड के साथ राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। वह 60 मीटर के सेमीफाइनल में पहुंचकर विश्व इंडोर मीट के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला एथलीट भी बनी थी।

दुती ने कहा, ‘‘वह (प्रतिबंध का समय) मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर था। मैं नहीं जानती थी कि क्या करना है। मेरे पास अभ्यास के लिए कोई स्थान नहीं था लेकिन तत्कालीन कोच एन रमेश ने मेरी मदद की और हैदराबाद में गोपीचंद अकादमी में मेरे ठहरने की व्यवस्था की।’’

पिछले महीने फेडरेशन कप में 100 मीटर की दौड़ 11.38 सेकेंड में पूरी करके रचिता मिस्त्री के 16 साल पुराने रिकार्ड को तोड़ने वाली दुती हालांकि ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने से चूक गई। उन्होंने कहा, ‘‘इससे मुझे 100 मीटर दौड़ में भाग लेने और रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के लिए प्रेरणा मिली।’’

बीस वर्षीय दुती को विश्वास है कि वह आगामी टूर्नामेंटों में रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीजिंग में 18 मई को आईएएएफ विश्व चैंलेज, 19 और 20 मई को ताइवान ओपन अंतरराष्ट्रीय आमंत्रण मीट और जून में कजाखस्तान ओपन अंतरराष्ट्रीय मीट और फिर किर्गीस्तान में एक प्रतियोगिता में भाग लूंगी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने हाल में अच्छा प्रदर्शन किया और मुझे ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का पूरा विश्वास है। यहां मेरे लिए चुनौती कम थी लेकिन वहां कड़ी चुनौती मिलना तय है। मैं अपनी टाइमिंग में सुधार करके क्वालीफाई करने में सफल रहूंगी। इसके बाद मैं सहज होकर ओलंपिक की तैयारी कर सकती हूं। मैंने 10.99 सेकेंड को लक्ष्य बनाया है और मैं ओलंपिक में 100 मीटर के फाइनल में पहुंचना चाहती हूं।’’ दुती ने कहा, ‘‘मैं अपनी व्यक्तिग स्पर्धा पर ध्यान दूंगी। चार गुणा 100 मीटर में हम अच्छा समय निकाल रही है। मैं अपने देश का सम्मान बढ़ाना चाहती हूं।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App