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सिंधू के ओलंपिक रजत ने बैडमिंटन के लिए यादगार बनाया 2016

साल के पहले हिस्से में साइना चोटों से जूझती रही हालांकि वह रियो में भारत की पदक उम्मीद मानी जा रही थी।

Author नई दिल्ली | December 28, 2016 3:12 PM
ओलंपिक रजत पदकधारी भारतीय शटलर पीवी सिंधू। (पीटीआई फाइल फोटो)

पीवी सिंधू ने इस साल ओलंपिक रजत पदक जीतकर खुद को शीर्ष खिलाड़ियों की जमात में शामिल कर लिया जबकि साइना नेहवाल चोटों से जूझती रही। बीते साल भारतीय बैडमिंटन ने अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य पर अपनी मौजूदगी पूरी शिद्दत से दर्ज कराई। सिंधू के लिये यह साल यादगार रहा जिसने रियो ओलंपिक में रजत पदक जीता । भारत के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के लिये भी यह एक रिकॉर्ड रहा जो दो ओलंपिक पदक विजेताओं को तैयार करने वाले अकेले भारतीय कोच बन गए। दूसरी ओर साल के पहले हिस्से में साइना चोटों से जूझती रही हालांकि वह रियो में भारत की पदक उम्मीद मानी जा रही थी।

विश्व चैम्पियनशिप में दो कांस्य पदक जीत चुकी सिंधू को स्वर्ण पदक का प्रबल दावेदार नहीं माना जा रहा था क्योंकि ओलंपिक से पहले हुए टूर्नामेंटों में वह जल्दी बाहर हो गई थी। ओलंपिक में साइना जहां शुरुआती चरण में ही बाहर हो गई तो सिंधू रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी बनी। इस जीत से उसने भारतीय बैडमिंटन में साइना की छाया से निकलकर अपनी अलग पहचान बनाई। इसके कुछ समय बाद साइना ने मुंबई में घुटने का ऑपरेशन कराया और लंबा समय रिहैबिलिटेशन में बिताया।

ओलंपिक पदक के अलावा सिंधू ने चाइना ओपन जीतकर अपना नाम इतिहास पुस्तिका में दर्ज करा लिया। वह यह खिताब जीतने वाली तीसरी भारतीय खिलाड़ी बन गई। इसके अलावा वह हांगकांग ओपन के फाइनल में पहुंची और दुबई में पहली बार विश्व सुपर सीरिज फाइनल्स खेलते हुए सेमीफाइनल तक पहुंची। सिंधू ने कहा, ‘यह साल मेरे लिये यादगार रहा क्योंकि ओलंपिक में पदक जीतना बड़ी उपलब्धि थी। मेरा सपना सच हो गया। मैं हमेशा से सुपर सीरिज जीतना चाहती थी और वह भी जीत ली। मेरा लक्ष्य दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनना है। मैं छठे स्थान पर पहुंची और मैं बहुत खुश हूं। इस लय को कायम रखकर आगे इसमें सुधार करूंगी।’

साइना ने इस साल आस्ट्रेलियाई सुपर सीरिज जीता और के श्रीकांत रियो में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे। उन्होंने सैयद मोदी अंतरराष्ट्रीय चैम्पियनशिप भी जीती। एच एस प्रणय ने बासेल में स्विस ओपन ग्रां प्री गोल्ड जीता। पुरुष एकल में सौरभ वर्मा ने चीनी ताइपै ग्रां प्री जीता और बिटबर्गर ओपन में उपविजेता रहे। बी साइ प्रणीत ने कनाडा ग्रां प्री जीता और समीर वर्मा राष्ट्रीय चैम्पियन बने। वह हांगकांग ओपन में उपविजेता रहे और अजय जयराम डच ओपन ग्रां प्री में उपविजेता रहे। मनु अत्री और बी सुमीत रेड्डी ने कनाडा ओपन में युगल खिताब जीता और ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय जोड़ी बने।

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