ताज़ा खबर
 

स्‍टीपलचेज: अविनाश साबले ने तोड़ा 37 साल पुराना रिकॉर्ड

अविनाश ने गोपाल सैनी का 1981 में टोक्यो में बनाया 8:30.88 सेकंड का रिकॉर्ड तोड़ा। सेना के फर्राटा धावक संजीत ने 200 मीटर का खिताब जीता जो पहले 100 मीटर दौड़ भी जीत चुके हैं । वहीं एशियाई खेलों के पदक विजेता अरपिंदर सिंह ने त्रिकूद में और डी अय्यास्वामी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में खिताब जीते।

अविनाश साबले।

अविनाश साबले ने 58वीं ओपन राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए पुरूषों की 3000 मीटर स्टीपलचेस में 37 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। सेना के साबले ने 8:29.80 सेकंड का समय निकाला। उन्होंने गोपाल सैनी का 1981 में टोक्यो में बनाया 8:30.88 सेकंड का रिकॉर्ड तोड़ा। सेना के फर्राटा धावक संजीत ने 200 मीटर का खिताब जीता जो पहले 100 मीटर दौड़ भी जीत चुके हैं । वहीं एशियाई खेलों के पदक विजेता अरपिंदर सिंह ने त्रिकूद में और डी अय्यास्वामी ने 400 मीटर बाधा दौड़ में खिताब जीते। अविनाश साबले ने इस शानदार जीत के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, ”इस रिकॉर्ड को तोड़ना मेरे लिए काफी मायने रखता है। पिछले साल से ही मैं खुद पर काफी मेहमनत कर रहा हूं। लगातार मेहनत की वजह से आज मैंने खुद को इस काबिल बनाया। ‘ बता दें कि टखने की चोट के कारण वह एशियाई खेलों में हिस्सा नहीं ले पाए थे।

एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के लिए अविनाश ने तैयारी की थी, लेकिन टखने की फ्रैक्चर ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। अविनाश ने कहा, ”मैं एशिया कप में भाग लेने के लिए पूरी तरह से ठीक नहीं था, इसके बावजूद भी मैंने क्वालीफाइंग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। जीवन में बहुत कम बार ऐसा होता है जब आप इस तरह की टूर्नामेंट में हिस्सा लेते हैं, मैं इस अवसर को खोना नहीं चाहता था। हालांकि, चोट की वजह से मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दे सका।”

एथलेटिक्स चैंपियनशिप के नए रिकॉर्ड को लेकर अविनाश ने कहा, ”मुझे खुशी है कि मैंने इस रिकॉर्ड को तोड़ा। विदेशों में अक्सर 3-4 साल के दौरान रिकॉर्ड्स टूटते रहते हैं, लेकिन हमारे देश में इस रिकॉर्ड को टूटने में 37 लग गए। हमारे यहां एथलीटों को प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने में कामयाब हो सके।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App