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ऑस्ट्रेलियाई ओपन: सेरेना सेमीफाइनल में, अब मुकाबला लुसिच बारोनी से

सेरेना ने जोहान कोंटा को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से बाहर का रास्ता दिखाया।

Author मेलबर्न | January 25, 2017 7:17 PM
ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के क्वॉर्टर फाइनल में ब्रिटिश खिलाड़ी जोहान कोंटा के खिलाफ गेंद रिटर्न करतीं अमेरिका की सेरेना विलियम्स। (AP/PTI/25 Jan, 2017)

सेरेना विलियम्स ने अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखते हुए बुधवार (25 जनवरी) को यहां जोहान कोंटा के विजय अभियान पर रोक लगाकर ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल के सेमीफाइनल में प्रवेश किया जहां उनका सामना एक अन्य अनुभवी खिलाड़ी मिरजाना लुसिच बारोनी से होगा। सेरेना ने राड लीवर एरेना में कोंटा के लगातार नौ मैच जीतने के अभियान पर रोक लगायी और इस ब्रिटिश खिलाड़ी को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से बाहर का रास्ता दिखाया। इस जीत से उन्होंने ओपन युग में स्टेफी ग्राफ के 22 खिताब के रिकॉर्ड को तोड़ने तथा अपनी बड़ी वीनस के साथ फाइनल की संभावना भी बरकरार रखी।

वीनस पहले ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर चुकी हैं जहां उनका सामना हमवतन कोको वेंडेवेगे से होगा। सेरेना को हालांकि अपनी उम्मीदें बरकरार रखने के लिये लुसिच बारोनी को हराना होगा जिन्होंने पांचवीं वरीयता प्राप्त कारोलिना पिलिसकोवा को 6-4, 3-6, 6-4 से हराकर वापसी पर अपना जबर्दस्त प्रदर्शन बरकरार रखा। सेरेना को हालांकि कोंटा को हराने में कोई दिक्कत नहीं हुई। इस 35 वर्षीय खिलाड़ी ने लगातार दसवीं बार किसी ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में जगह बनायी। वह ओवरआल 34वीं बार ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट के अंतिम चार में पहुंचने में सफल रही। उन्होंने मैच के बाद कोंटा की तारीफ की और उसे भविष्य की चैंपियन बताया।

सेरेना ने कहा, ‘वह बहुत अच्छा खेल रही है। वह भविष्य की चैंपियन है। मैं वास्तव में उस पर जीत दर्ज करके खुश हूं।’ ऑस्ट्रेलियाई ओपन के सेमीफाइनल में इस तरह से 30 से अधिक उम्र की खिलाड़ियों का जलवा देखने को मिलेगा। वीनस अभी 36 साल की हैं और उन्होंने अंतिम चार के पड़ाव तक कोई सेट नहीं गंवाया है। वह मार्टिना नवरातिलोवा (1994) के बाद किसी ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में पहुंचने वाली सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं। अब उनकी छोटी बहन सेरेना के भी सेमीफाइनल में पहुंचने से यह ओपन युग में पहला ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट बन गया है जिसमें 35 या इससे अधिक उम्र की दो महिला खिलाड़ी अंतिम चार में पहुंची हैं।

यही नहीं लुसिच बारोनी भी 34 साल की हैं। लुसिच बारोनी जब किशोरी थी तब उन्होंने टेनिस में धमाकेदार आगाज किया था लेकिन निजी कारणों से उनका करियर ठहर सा गया था। अब उन्होंने शानदार वापसी की और 18 साल बाद किसी ग्रैंडस्लैम के अंतिम चार में जगह बनायी। इन चारों में कोको वेंडवेगे ही सबसे युवा खिलाड़ी हैं। अमेरिका की यह 25 वर्षीय खिलाड़ी पहली बार किसी ग्रैंडस्लैम के सेमीफाइनल में पहुंची हैं।

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