X

पापा के साथ गोल्ड मेडल की खुशियां बांटने वाले थे तजिंदर, घर पहुंचने से पहले दुनिया छोड़ गये पिता

Asian Games 2018 Medal Tally, Medal Table: तजिंदर ने इस दिन का इंतजार वर्षो से किया था कि कब वह अपने पिता का सपना पूरा कर उन्हें उपहार के रूप में अपना जीता हुआ गोल्ड देंगे। तजिंदर की ये तमन्ना बस कुछ ही घंटों बाद पूरी होने ही वाली थी कि उनके पिता कैंसर से जंग हार गए और दुनिया छोड़ चले गए।

इंडोनेशिया में खेले गए 18वें एशियाई खेलों में शॉट पुट स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारतीय एथलीट तजिंदर पाल सिंह तूर के पिता करण सिंह का सोमवार को निधन हो गया। तजिंदर पाल सिंह सोमवार को अपने घर के लिए निकल रहे थे, तभी उन्हें पिता की मौत की खबर मिली। तजिंदर ने इस दिन का इंतजार वर्षो से किया था कि कब वह अपने पिता का सपना पूरा कर उन्हें उपहार के रूप में अपना जीता हुआ गोल्ड देंगे। तजिंदर की ये तमन्ना बस कुछ ही घंटों बाद पूरी होने ही वाली थी कि उनके पिता कैंसर से जंग हार गए और दुनिया छोड़ चले गए। गोल्ड जीत घर वापस आते समय शायद ही तजिंदर को इस बात का अंदाजा होगा कि उनके पिता से आखिरी वक्त में उनकी मुलाकात भी नहीं हो पाएगी। बता दें कि गोल्ड मेडल की सफलता को तजिंदर ने अपने पिता करण सिंह और अपने परिवार को समर्पित किया था। तजिंदर ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि उनके पिता इतनी तकलीफ में होने के बावजूद भी हमेशा उनका सपोर्ट किया करते थे।

तेजेन्दरपाल सिंह । (Reuters Photo)

तजिंदर के मुताबिक उनके पिता कभी भी उन्हें अस्पताल दवाई लेने के लिए नहीं भेजा और न ही उन्हें घर पर बुलाया। पिता बस ये चाहते थे कि तजिंदर अपना प्रशिक्षण जारी रखें और आगे की चिंता न करें, जो होगा देखा जाएगा। तजिंदर से पहले, मदन लाल ने 1951 में, परदुमन सिंह ने 1954 और 1958 में, जोगिन्दर सिंह ने 1966 और 1970 में, बहादुर सिंह चौहान ने 1978 और 1982 में तथा बहादुर सिंह सागू ने 2002 के एशियाई खेलों के शॉट पुट स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता था।

तजिंदर पाल सिंह शुरुआत में क्रिकेट खेलते थे, लेकिन उनके पिता ने ही उन्हें एथलेटिक्स की ओर जाने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान कहा, “मैं अपने गांव के टूर्नामेंटों में क्रिकेट खेलता था। मेरे पिता ने कहा कि कोई और खेल खेलो। उस समय मेरे चाचा गुरुदेव सिंह गोला फेंक खेलते थे और उनके साथ मैंने अभ्यास के लिए जाना शुरू कर दिया। वह मेरे पहले कोच थे।” इसके बाद गोला फेंक स्पर्धा में तेजेन्द्रपाल की लगन बढ़ती गई और वह इसमें रम गए। पंजाब के मोगा जिले के निवासी तेजेन्द्रपाल मे 2017 एशियाई एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता था।