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अंजू बॉबी जॉर्ज बोलीं- केरल के खेल मंत्री ने कहा, आपको यूडीएफ सरकार ने अध्‍यक्ष बनाया था, आपके फैसले गैरकानूनी हैं

अंजू को पिछली यूडीएफ सरकार ने परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया था।

Author तिरूवनंतपुरम | June 9, 2016 2:44 PM
अंजू ने साल 2003 में विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक जीतकर इतिहास रचा था। (file photo)

केरल के खेल मंत्री ईपी जयराजन गुरुवार को एक बार फिर विवाद में फंस गये क्योंकि पूर्व ओलंपियन और अर्जुन पुरस्कार हासिल कर चुकी अंजू बॉबी जार्ज ने उन पर अपमान करने का आरोप लगाया है। केरल खेल परिषद की अध्यक्ष अंजू ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन से भी शिकायत की है।  वर्ष 2003 में विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में पदक जीतकर इतिहास रचने वाली अंजू ने कहा कि नयी राज्य सरकार के सत्ता में आने के बाद वह सात जून को परिषद के उपाध्यक्ष के साथ खेल मंत्री से मिलने गयी थी।

अंजू को पिछली यूडीएफ सरकार ने परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया था। उन्होंने मंत्री का हवाला देते हुए मीडिया से कहा, ‘‘हमने सोचा कि वह केरल में खेलों के स्तर के बारे में हमसे बात करेंगे। पहली ही बैठक में मंत्री ने कहा कि आप सभी को पिछले मंत्रालय ने सदस्य चुना है। इसलिये आप सभी दूसरी पार्टी के सदस्य हो। आप जो भी नियुक्तियां और तबादले कर रहे हो, गैर कानूनी हैं। ’’ एथलीट ने कहा कि परिषद की बैठक में शिरकत लेने के लिये उनके द्वारा बेंगलुरू से तिरूवनंतपुरम तक लिये गये फ्लाइट टिकट पर भी मंत्री ने आपत्ति जतायी। बेंगलुरू में बसी अंजू ने कहा कि मंत्री ने उनसे कहा कि ‘यह नियमों के खिलाफ है। मैं इन सब चीजों को रोक सकता हूं’।

इस अनुभवी लंबी कूद की एथलीट ने कहा, ‘‘मंत्री ने कहा कि यह सब भ्रष्टाचार है। ’’ अंजू ने कहा कि उनके अलावा प्रीजा श्रीधरन, भारतीय हाकी कप्तान पी आर श्रीजेश और केरल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष टी सी मैथ्यू परिषद के अन्य सदस्य हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मंत्री ने कहा कि आप सभी भ्रष्टाचार में लिप्त हो। हम किसी राजनीतिक पार्टी के लिये काम नहीं कर रहे। खेल ही हमारी पार्टी है। मैं किसी पार्टी कांग्रेस या भाजपा की सदस्य नहीं हूं। ’’ अंजू ने कहा, ‘‘हम अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। अगर सरकार इसे स्वीकार करने के लिये तैयार नहीं हैं तो वे हमें छोड़ने के लिये कह सकते हैं। लेकिन हमें भ्रष्टाचारी कहना स्वीकार्य नहीं है। ’’

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