ऑफ स्पिन थी सचिन तेंदुलकर की कमजोरी, मुथैया मुरलीधरन ने विराट कोहली और बाबर आजम में ऐसे किया अंतर

मुरलीधरन ने वर्तमान समय के खिलाड़ियों के बारे में कहा, ‘विराट कोहली स्पिन का अच्छा खिलाड़ी है विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। बाबर आजम भी अच्छा बल्लेबाज लगता है।’

Sachin Tendulkar muttiah muralitharan Virat Kohli
सचिन तेंदुलकर, मुथैया मुरलीधरन, विराट कोहली। (सोर्स- फाइल फोटो)

दिग्गज स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा के साथ बातचीत में महान सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी की कमी बताई। मुरलीधरन का मानना है कि सचिन तेंदुलकर ऑफ स्पिन को अच्छे से नहीं खेल पाते थे। यही नहीं, उन्होंने सचिन को गेंदबाजी करने में डर नहीं लगता था, लेकिन वीरेंद्र सहवाग और ब्रायन लारा को बॉल करते समय विपरीत स्थिति रहती थी। मुरलीधरन का कहना है कि सचिन, वीरेंद्र सहवाग या ब्रायन लारा जैसा नुकसान नहीं पहुंचाते थे।

टेस्ट क्रिकेट में 800 विकेट लेने वाले गेंदबाज मुरलीधरन ने आकाश चोपड़ा से कहा, ‘अपने करियर के दौरान मुझे लगा कि ऑफ स्पिन सचिन की मामूली कमजोरी है। लेग स्पिन पर वह करारे शॉट जमाते थे लेकिन ऑफ स्पिन खेलने में उन्हें थोड़ी परेशानी होती थी क्योंकि मैंने उन्हें कई बार आउट किया। इसके अलावा कई ऑफ स्पिनर्स ने उन्हें कई बार आउट किया। मैंने इसे देखा है।’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले मुरलीधरन ने कहा कि वर्तमान बल्लेबाजों में भारत के विराट कोहली और पाकिस्तान के बाबर आजम उनका बेहतर सामना कर सकते थे। मुरलीधरन ने वर्तमान समय के खिलाड़ियों के बारे में कहा, ‘विराट कोहली स्पिन का अच्छा खिलाड़ी है विशेषकर टेस्ट क्रिकेट में। बाबर आजम भी अच्छा बल्लेबाज लगता है।’

उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं जानता। मैंने कभी उनसे इस बारे में बात नहीं की कि आप ऑफ स्पिन खेलने में सहज महसूस क्यों नहीं करते। हालांकि, मुझे लगता है कि यह उनकी थोड़ी कमजोरी है और इसलिए अन्य खिलाड़ियों की तुलना में मैं थोड़ा फायदे में रहा। सचिन को हालांकि आउट करना आसान नहीं था।’

मुरलीधरन ने बताया, ‘सचिन के लिए गेंदबाजी करने में डर नहीं लगता था, क्योंकि वह आपको बहुत नुकसान नहीं पहुंचाते थे। वह सहवाग के विपरीत थे जो आपको आहत कर सकता है। वह (सचिन) अपना विकेट बचाये रखते थे। वह गेंद को अच्छी तरह से समझते थे और वह तकनीक जानते थे।’

मुरलीधरन ने वनडे में भी 530 विकेट लिये। उन्होंने अपने करियर में तेंदुलकर को 13 बार आउट किया। उन्होंने सहवाग और लारा की भी प्रशंसा की और कहा कि उन्होंने अपने करियर में जिन बल्लेबाजों के लिये गेंदबाजी की उनमें ये दोनों सबसे खतरनाक थे।

मुरलीधरन ने कहा, ‘सहवाग बेहद खतरनाक था। उनके लिए हम सीमा रेखा के पास क्षेत्ररक्षक लगाकर रखते थे क्योंकि हम जानते थे कि वह लंबे शॉट खेलने के लिए मौका देखेगा। वह जानता था कि जब उसका दिन होगा तो वह किसी पर भी आक्रमण कर सकता है। फिर हम रक्षात्मक क्षेत्ररक्षण लगाकर क्या करते।’

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