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रफ्तार की नई सनसनी: उमरान मलिक

जम्मू-कश्मीर से उमरान मलिक एक ऐसा तेज गेंदबाज उभरा है, जिसके प्रदर्शन की गूंज अपने देश में ही नहीं, दुनिया भर में सुनाई पड़ रही है।

जम्मू-कश्मीर के क्रिकेटर उमरान मलिक के लिए यह अविस्मरणीय पल है। थोड़े अर्से में अनजान खिलाड़ी से भारतीय टीम में जगह बनाने का उनका सफर किसी चमत्कार से कम नहीं है। फल विक्रेता के इस 22 वर्षीय सपूत ने 2022 के आइपीएल को रोमांच से भर दिया। उनकी तेज गेंदों ने बल्लेबाजों में खौफ पैदा किया, गलतियां करने पर मजबूर किया। यार्कर हो या बाउंसर, उन्होंने ख्याति प्राप्त बल्लेबाजों की हवा खराब कर दी। उनकी तेज गेंदों पर बिखरते विकेट का नजारा ही अद्भुत था। 14 मैचों में 22 विकेट उनकी सफलता बयां करते हैं।

उमरान ने इस आइपीएल में 14 बार मैच की सबसे तेज गेंद फेंकने का कमाल किया। इस दौरान उन्होंने आइपीएल इतिहास की दूसरी सबसे तेज गेंद फेंकी- 157 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से। उनसे ज्यादा तेज गेंद आस्ट्रेलिया के शान टैट ने फेंकी थी – 157 किलोमीटर प्रति घंटा। यानी माना जाए तो वे संयुक्त रूप से भारत के सबसे तेज गेंद फेंकने वाले गेंदबाज बन गए हैं।

रेकार्ड जवागल श्रीनाथ के नाम था जिन्होंने फरवरी, 1997 में त्रिकोणीय सीरिज के दौरान 157 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से गेंद फेंकी थी। दक्षिण अफ्रीका और जिंबाब्वे की टीमों ने इसमें हिस्सा लिया था। जम्मू-कश्मीर से एक ऐसा तेज गेंदबाज उभरा है, जिसके प्रदर्शन की गूंज अपने देश में ही नहीं, दुनिया भर में सुनाई पड़ रही है। इस गेंदबाज के मुरीद वे खिलाड़ी भी हैं जिनकी क्रिकेट जगत में तूती बोलती रही है।

यही नहीं ब्रायन लारा, सुनील गावस्कर और रवि शास्त्री जैसे पुराने धुरंधरों की भी यही धारणा थी कि उमरान को तुरंत टीम इंडिया में जगह मिलनी चाहिए। इनके विचारों से भारतीय चयनकर्ता भी सहमत दिखे जिन्होंने अगले महीने दक्षिण अफ्रीका के साथ होने वाली घरेलू टी20 सीरिज के लिए उन्हें चुन लिया।

यों तो इस बार इंडियन प्रीमियर लीग में कई भारतीय तेज गेंदबाजों ने जलवा बिखेरा लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी उमरान मलिक ने। उनकी तूफानी गेंदबाजी का ऐसा रंग जमा कि हर कोई कायल हो गया। जो गेंदबाज पिछले सीजन में अपनी गेंदों की दिशा और लंबाई के लिए संघर्ष कर रहा था, आज सफलता का स्वाद चख फ्रेंचाइजी ही नहीं राष्ट्रीय टीम में भी जगह बना गया। पिछले सीजन में सिर्फ तीन मैच खेले उमरान को इस बार नीलामी में सनराइजर्स हैदराबाद ने चार करोड़ देकर अपने पास रखा। टीम प्लेआफ के लिए भले ही क्वालीफाई नहीं कर पाई पर उमरान मैच विजेता गेंदबाज के तौर पर सामने आए।

हाल ही में खेल को अलविदा कहने वाले दक्षिण अफ्रीका के तूफानी गेंदबाज डेल स्टेन तो उमरान को भावी स्टार मानते हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के कोच के तौर पर उन्होंने उमरान की गेंदबाजी को निखारा है। पिछले सीजन की तुलना में इस बार उमरान की गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता में काफी सुधार दिखाई दिया।

उमरान के आदर्श आस्ट्रेलियाई गेंदबाज ब्रेट ली हैं। इस तूफानी गेंदबाज की सलाह है कि उमरान मलिक को अपनी गति में किसी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए। वे जितनी तेजी से गेंद फेंक सकते हैं, फेंके। उसका एक्शन परफेक्ट है। गेंदबाजी खचीर्ली जरूर है पर समय के साथ उसमें सटीकता और धार आ जाएगी।

इस आइपीएल के शुरू में वे खचीर्ले साबित हुए। पर बाद में उनकी रफ्तार के खौफ ने बल्लेबाजों के आत्मविश्वास को डिगा दिया। हार्दिक पांडया हों या श्रेयस अय्यर, आंद्रे रसेल हों या शुभमन गिल सभी परेशानी में नजर आए। यार्कर और बाउंसर उनकी ताकत है तो कमजोरी भी। अभी इसमें पारंगत होने में उन्हें वक्त लगेगा।

कुछ साल पहले जम्मू-कश्मीर के टीम के सलाहकार रहे इरफान पठान ने भी उमरान की खामियों पर काम किया था। फिर डेल स्टेन से मार्गदर्शन मिला और साथ ही टीम सहयोगियों से भी। जिस खिलाड़ी ने 17 साल तक की उम्र तक कोई कोचिंग नहीं पाई हो, लैदर की गेंद का इस्तेमाल नहीं किया हो, उसके लिए परीक्षा का समय है। लेकिन आइपीएल में उन्होंने जिस तरह की सनसनी फैलाई, उसी तरह अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वे टिक गए तो टीम इंडिया की सफलता का ग्राफ और ऊंचा हो जाएगा।

1970 के दशक में आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज ज्योफ थामसन ने कहा था कि मुझे पिच पर खून गिरा हुआ देखकर मजा आता है। यानी उनका निशाना बल्लेबाज को घायल करने का रहता था। उमरान को भी बल्लेबाजों के के हेलमेट पर गेंद मारने में आनंद आता है। इसका मतलब है अपनी गेंद की तेजी से बल्लेबाज को संभलने का मौका नहीं देना, खौफ में डालना। आउट करने का एक तरीका यह भी है।

जम्मू-कश्मीर की क्रिकेट के लिए यह जश्न मनाने का मौका है। उमरान मलिक राज्य से दूसरे ऐसे क्रिकेटर हैं जिन्हें टीम इंडिया में खेलने का मौका मिला है। इससे पहले आफ स्पिनर परवेज रसूल को यह श्रेय मिला था। पर वे ज्यादा कामयाब नहीं हो पाए। आइपीए में खेले जम्मू-कश्मीर के चार क्रिकेटरों में उमरान सबसे ज्यादा चर्चित हुए हैं। इसलिए उनसे अपेक्षाएं भी ज्यादा हैं।

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