नीरज चोपड़ा ने सर्जरी के बाद इतनी साइकिल चलाई कि टांके ही खुल गए, कोच के कहने पर छत से भी कूदने को तैयार हैं गोल्डन ब्वॉय; देखें Video

नीरज चोपड़ा ने यह भी बताया, ‘जिस प्रतियोगिता में मैं हिस्सा नहीं लेता हूं, वहां कम स्कोर में ही विजेता का फैसला हो जाता था। मैं जिस स्पर्धा में हिस्सा लेता था, वहां अच्छा करने के बावजूद चौथे-पांचवें नंबर पर आता था।’

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कार्यक्रम में नीरज चोपड़ा के साथ अभिनव बिंद्रा भी मौजूद थे। ओलंपिक में व्यक्तिगत स्पर्धाओं में अब तक सिर्फ यही दो भारतीय स्वर्ण पदक जीत पाए हैं। (सोर्स- इंस्टाग्राम/नीरज चोपड़ा)

टोक्यो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा अपनी ट्रेनिंग और कोच को लेकर बेहद संजीदा हैं। वह कभी भी अपनी ट्रेनिंग मिस नहीं करना चाहते। उनके लिए कोच का आदेश सर्वोपरि है। यदि कोच यह भी कह दें कि नीरज तुम छत से कूद जाओ तो ऐसा करने के लिए यह जैवलिन थ्रोअर जरा भी समय नहीं लगाएगा।

नीरज चोपड़ा ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में अपनी ट्रेनिंग से जुड़ीं बातें बताईं। इसी दौरान उन्होंने यह भी बताया कि सर्जरी के बाद उन्होंने इतनी ज्यादा साइकिल चला ली थी कि उनके टांके ही खुल गए थे। बता दें कि नीरज चोपड़ा की साल 2019 में सर्जरी हुई थी। सर्जरी से पूरी तरह उबरने के दौरान वह कुछ टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेने से चूक गए।

नीरज ने उस अनुभव को शेयर करते हुए कहा, ‘सर्जरी के बाद रिहैब वाला समय था। सर्जरी के बाद डॉक्टर ने मुझे आराम करने की सलाह दी थी। हालांकि, उन्होंने एक सप्ताह बाद कहा कि साइकिलंग वगैरह शुरू कर सकते हो। मैंने सोचा कि मेरी पूरी ट्रेनिंग शुरू हो गई है। मैंने पहले ही दिन 45 मिनट तक तेज रफ्तार में साइकिल चला दी।’

नीरज ने बताया, ‘नतीजा यह हुआ कि मेरे टांके खुल गए। डॉक्टर ने देखा तो कहा कि तुमने यह कर डाला। इसके बाद उन्होंने मुझे 15 दिन का बेड रेस्ट दे दिया। वह समय मेरे लिए काफी मुश्किल भरा रहा था, क्योंकि मैं अपनी ट्रेनिंग को मिस कर रहा था।’

कोच को लेकर पूछे सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर जिस कोच पर मुझे विश्वास है और उन्होंने बोल दिया कि छत से कूद जा, तेरी थ्रो इतनी दूर और चली जाएगी तो मैं छत से भी कूद जाऊंगा। मेरा कहने का मतलब है कि जितना कोच वर्कआउट करने के लिए कहते हैं उसे मैं करता हूं।’

नीरज ने बताया, ‘यदि मैंने उस समय कुछ भी छोड़ दिया तो मुझे खुद पर ग्लानि महसूस होती है। मुझे लगता है कि मैंने बहुत बड़ा गुनाह कर दिया। इसलिए मैं वह वर्कआउट कभी नहीं छोड़ता।’

नीरज चोपड़ा ने यह भी बताया, ‘जिस प्रतियोगिता में मैं हिस्सा नहीं लेता हूं, वहां कम स्कोर में ही विजेता का फैसला हो जाता था। मैं जिस स्पर्धा में हिस्सा लेता था, वहां अच्छा करने के बावजूद चौथे-पांचवें नंबर पर आता था।’

नीरज चोपड़ा ने कहा, ‘मैंने दोहा में हुई डायमंड लीग में पहली बार हिस्सा लिया था। मैंने उस इवेंट में 87.43 मीटर का थ्रो किया। वह मेरा पर्सनल बेस्ट था। मुझे पदक की उम्मीद थी, लेकिन बाकी तीन एथलीट्स ने 90 मीटर से ज्यादा का थ्रो कर दिया। इसके बाद मैंने अच्छे से कमबैक करने की ठान ली।’

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