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आईपीएल-6 फ़िक्सिंग: सुप्रीम कोर्ट ने श्रीनिवासन सहित तीन नाम लिए

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आज आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुन्द्रा और क्रिकेट प्रशासक सुन्दर रमण के नाम लिये जिनकी भूमिका की न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति ने जांच की थी और जिसने अपनी रिपोर्ट में आईपीएल-6 प्रकरण में कुछ व्यक्तियों को उनके ‘अपराध’ के लिये ‘दोषी’ […]

Author November 14, 2014 7:37 PM
सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने आज आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन, उनके दामाद गुरुनाथ मयप्पन, राजस्थान रॉयल्स के मालिक राज कुन्द्रा और क्रिकेट प्रशासक सुन्दर रमण के नाम लिये जिनकी भूमिका की न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल समिति ने जांच की थी और जिसने अपनी रिपोर्ट में आईपीएल-6 प्रकरण में कुछ व्यक्तियों को उनके ‘अपराध’ के लिये ‘दोषी’ ठहराया है।

न्यायमूर्ति तीरथ सिंह ठाकुर की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने रिपोर्ट के कुछ अंश पढ़ते हुये ये नाम लिये लेकिन कहा कि इस समय खिलाड़ियों की पहचान सार्वजनिक नहीं की जानी चाहिए और फिलहाल उन्हें छोड़ देना चाहिए।

न्यायालय ने रिपोर्ट में नामित चार व्यक्त्यिों को रिपोर्ट के संबंधित अंश मुहैया कराने का आदेश दिया ताकि वह रिपोर्ट मिलने के बाद चार दिन के भीतर अपनी आपत्तियां दाखिल कर सकें।

न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में दर्ज कुछ निष्कर्षों से ऐसा लगता है कि समिति ने कुछ व्यक्तियों को दोषी पाया है जिनके खिलाफ जांच की गयी थी। रिपोर्ट खिलाड़ियों के आचरण के बारे में भी है जिसे फिलहाल रोका जा रहा है।’’

न्यायालय ने रिपोर्ट में दोषी ठहराये गये या जिन्होंने अपराध किया उनका विवरण नहीं दिया। न्यायाधीशों ने कहा, ‘‘हमने रिपोर्ट देखी है ओर इसमें कुछ व्यक्तियों के कुछ अपराध के संकेत मिलते हैं। हमारे पास रिपोर्ट है और रिपोर्ट खिलाड़ियों के बारे और इस सारे नाटक के कुछ अन्य व्यक्तियों के बारे में भी है।’’

न्यायाधीशों ने खुले न्यायालय में कुछ नाम यह जानने के लिये पढ़े कि क्या वे क्रिकेटर हैं या गैर खिलाड़ी हैं लेकिन इस प्रक्रिया में अंजाने में ही तीन खिलाड़ियों के नाम भी पढ़ दिये गये लेकिन यह अहसास होते ही कि ये खिलाड़ी हैं उन्होंने कहा कि इस समय उनके नाम सामने नहीं आने चाहिए।
इस बीच, भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड ने न्यायालय को सूचित किया कि उसने यह मामला लंबित होने के मद्देनजर 20 नवंबर को प्रस्तावित बोर्ड की सालाना आम सभा की बैठक चार सप्ताह के लिये स्थगित कर दी है।

बीसीसीआई ने यह जानकारी उस वक्त दी जब न्यायाधीशों ने टिप्पणी की, ‘‘मुद्गल रिपोर्ट में उठाये गये मसले पर विचार के बगैर हम चुनाव कराने के बारे में, जो पहले सितंबर में और अब नवंबर में होने हैं, कुछ नहीं कह सकते हैं।’’

न्यायालय ने रजिस्ट्री को निर्देश दिया कि रिपोर्ट के संबंधित अंश इस मामले के सभी संबंधित पक्षों को मुहैया करा दिये जायें। इसके साथ ही न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई 24 नवंबर के लिये स्थगित कर दी।

मुद्गल समिति ने अपनी 35 पेज की रिपोर्ट में किसी भी खिलाड़ी के नाम का जिक्र नहीं किया है और उनके बारे सिर्फ संख्या का उल्लेख है जिसका विवरण एक अलग रिपोर्ट में दिया गया है।

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