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मुझे टीम से बाहर करने में धोनी का हाथ नहीं: सहवाग

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले वीरेंद्र सहवाग ने आलोचकों के निशाने पर आए महेंद्र सिंह धोनी का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें अगले विश्व कप तक भारत का सीमित ओवरों का कप्तान बने रहना चाहिए।

Author नई दिल्ली | October 30, 2015 10:45 AM

हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले वीरेंद्र सहवाग ने आलोचकों के निशाने पर आए महेंद्र सिंह धोनी का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें अगले विश्व कप तक भारत का सीमित ओवरों का कप्तान बने रहना चाहिए।

यदि ऐसा होता है तो वे अच्छी विश्व कप टीम छोड़कर जाएंगे। उन्होंने कहा कि धोनी अगर संन्यास लेते हैं तो आप सोच सकते हैं कि अभी उनके रहते ही लोगों को सोचना पड़ रहा है कि पांचवें, छठे और सातवें स्थान पर बल्लेबाजी कौन करेगा।
सहवाग ने कहा कि अगर धोनी नहीं होंगे तो पांचवां, छठा और सातवां स्थान बिल्कुल खाली हो जाएगा और कोई इतने अच्छे तरीके से मैच फिनिश करने वाला भी नहीं होगा।

इस आक्रामक बल्लेबाज ने इन रपटों को खारिज किया कि भारतीय टीम से उन्हें बाहर करने के फैसले के पीछे धोनी थे। सहवाग ने इंडिया टीवी के कार्यक्रम ‘आप की अदालत’ में कहा कि मुझे नहीं लगता कि धोनी ने ऐसा किया होगा। वह दिल से अच्छा आदमी है। धोनी के साथ कथित मतभेद पर सहवाग ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि ऐसा कुछ हुआ।

यह मीडिया की अटकलें थी कि सहवाग और धोनी की ठन गई है। हम साथ में होटल में रहते थे और मैच खेलते थे। यदि ऐसा कुछ होता तो मुझे बहुत पहले बाहर कर दिया गया होता। मुझे नहीं लगता कि वह बयान (सौरव गांगुली का) सही था कि सहवाग के टीम इंडिया से बाहर होने के पीछे धोनी का हाथ था।

गांगुली ने कहा था कि चयन मसलों में कप्तान की हमेशा भूमिका होती है, इस बारे में सहवाग ने कहा कि चार टैस्ट में खराब खेलने पर कोई भी खिलाड़ी बाहर हो सकता है, चाहे वह कप्तान हो, सीनियर या जूनियर। उन्होंने कहा- चयनकर्ता तय करते हैं। कप्तान द्वारा खिलाड़ियों को चुनने या बाहर करने का चलन गांगुली के कप्तान रहते था लेकिन राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के कप्तान बनने के बाद हालात बदल गए। उन्होंने चलन को बदला और यह तय किया गया कि अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ी ही खेलेंगे।

भारत के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने अपने कालम में लिखा था कि सहवाग और धोनी के बीच इसलिए ठन गई क्योंकि सहवाग कप्तान बनना चाहते थे। इस बारे में सहवाग ने कहा- आप इस बारे में धोनी से पूछ सकते हैं। हमने 2007 विश्व कप साथ में खेला। यह कहना कि मैं कप्तान बनना चाहता था, पूरी तरह से गलत है। धोनी जब कप्तान बने तब मैं उनकी कप्तानी में खेला और हमने टी20 विश्व कप जीता।

सहवाग ने कहा कि टैस्ट के लिए जब चयन हो रहे थे तब मैंने साफ तौर पर मुख्य चयनकर्ता से कहा कि मेरी कप्तान या उपकप्तान बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। आप के श्रीकांत से पूछ सकते हैं। मैंने उनसे कहा था कि आप किसी को भी उपकप्तान चुन सकते हैं। आप धोनी से पूछ लीजिए।

मेरी कप्तान बनने में कोई रुचि नहीं थी। यह बताने पर कि उन्होंने छह जुलाई 2012 को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा था कि टीम धोनी की कप्तानी की वजह से विश्व कप नहीं जीती बल्कि इसलिए जीती क्योंकि टीम ने अच्छा प्रदर्शन किया था, सहवाग ने कहा कि यहां मौजूद किसी भी व्यक्ति से पूछ लीजिए कि मेरा बयान सही था या गलत। मेरा बयान गलत नहीं था लेकिन उसे गलत तरीके से पेश किया गया।

उन्होंने कहा कि मैं धोनी की आलोचना नहीं कर रहा था। मैंने इतना ही कहा था कि पूरा श्रेय कप्तान को ही नहीं बल्कि टीम को भी दिया जाना चाहिए। अगर आप रिकार्ड देखें तो धोनी अब तक भारत के सर्वश्रेष्ठ कप्तान हैं। सौरव गांगुली को पछाड़कर उन्होंने सबसे ज्यादा टैस्ट जीते, वनडे और टी20 सहित दो विश्व कप जीते। इससे कोई इनकार नहीं कर सकता लेकिन सिर्फ एक व्यक्ति को श्रेय देना गलत है।

सहवाग ने कहा- मैंने पहले मैच में 175 रन बनाए। धोनी ने आखिरी मैच में 92 रन बनाए। गौतम गंभीर ने रन बनाए और युवराज सिंह मैन आफ द सीरीज था। अब कोई यह कहे कि हमने युवराज की वजह से विश्व कप जीता तो क्या कोई मानेगा।

 

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