भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने से पहले रेलवे में ट्रैवलिंग टिकट एगजामनर (TTE) काम किया था। उन्हें रेलवे में नौकरी स्पोर्ट्स कोटे से मिली थी, लेकिन यह बात जानकर हैरानी होगी कि वह घरेलू क्रिकेट में कभी रेलवे के लिए नहीं खेले। वह खेलना चाहते थे, लेकिन खेल नहीं पाए।
साल 2002 में धोनी ने रेलवे के लिए ट्रायल दिया था, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। उनके तकनीक पर कोच ने सवाल उठाए, जिन्हें उन्होंने 7 साल बाद जवाब दिया। 7 जुलाई 1981 को झारखंड के रांची (तब बिहार) में जन्मे धोनी का क्रिकेट प्रोफाइल को देखने पर टीमों की लिस्ट में बिहार का नाम मिलता है, जिसे लगभग दो दशक तक भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने दो दशक तक प्रतिबंधित कर रखा था।
धोनी ने छोड़ दी थी रेलवे की नौकरी
इसमें एयर इंडिया तक का नाम मिल जाएगा, लेकिन रेलवे का नहीं मिलेगा। धोनी ने बतौर टीटीई बंगाल के खड़गपुर रेलवे स्टेशन पर 2001 से 2003 तक काम किया। उन्होंने क्रिकेटर बनने के लिए इस नौकरी को छोड़ दिया। इसका सबसे बड़ा कारण दिल्ली में 2002 में हुआ रेलवे का चयन ट्रायल था। उन्हें अपना कौशल दिखाने के कम मौका मिल। उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया।
टिकट चेक करके खड़गपुर जाकर, टेनिस बॉल खेल
कोच ने कहा कि एमएस धोनी के पास सही तकनीक नहीं है। आस-पास के दूसरे लोगों ने भी उन्हें हल्के में लिया। किसी ने ताना मारते हुए कहा, ‘टिकट चेक करके खड़गपुर जाकर,टेनिस बॉल खेल।’ धोनी ने 2004 के अंत में भारत के लिए डेब्यू किया। आगे चलकर उन्होंने भारतीय टीम की कमान भी संभाली।
| फॉर्मेट | Mat | Inns | NO | Runs | HS | Ave | BF | SR | 100s | 50s | 4s | 6s | Ct | St |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Tests अंतर. | 90 | 144 | 16 | 4876 | 224 | 38.09 | 8249 | 59.11 | 6 | 33 | 544 | 78 | 256 | 38 |
| ODIs अंतर. | 350 | 297 | 84 | 10773 | 183* | 50.57 | 12303 | 87.56 | 10 | 73 | 826 | 229 | 321 | 123 |
| T20Is अंतर. | 98 | 85 | 42 | 1617 | 56 | 37.60 | 1282 | 126.13 | 0 | 2 | 116 | 52 | 57 | 34 |
| FC घरेलू | 131 | 210 | 19 | 7038 | 224 | 36.84 | – | – | 9 | 47 | – | – | 364 | 57 |
| List A घरेलू | 423 | 364 | 99 | 13353 | 183* | 50.38 | – | – | 17 | 87 | – | – | 402 | 141 |
| T20s घरेलू | 405 | 355 | 152 | 7628 | 84* | 37.57 | 5624 | 135.63 | 0 | 28 | 529 | 350 | 230 | 92 |
| फॉर्मेट | Mat | Inns | Balls | Runs | Wkts | BBI | BBM | Ave | Econ | SR | 4w | 5w | 10w |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| Tests | 90 | 7 | 96 | 67 | 0 | – | – | – | 4.18 | – | 0 | 0 | 0 |
| ODIs | 350 | 2 | 36 | 31 | 1 | 1/14 | 1/14 | 31.00 | 5.16 | 36.0 | 0 | 0 | 0 |
| T20Is | 98 | – | – | – | – | – | – | – | – | – | – | – | – |
| FC | 131 | – | 126 | 87 | 0 | – | – | – | 4.14 | – | 0 | 0 | 0 |
| List A | 423 | – | 63 | 53 | 2 | 1/14 | 1/14 | 26.50 | 5.04 | 31.5 | 0 | 0 | 0 |
| T20s | 405 | 1 | 12 | 25 | 0 | – | – | – | 12.50 | – | 0 | 0 | 0 |
धोनी ने कोच से पूछा- मैं ठीक खेल रहा हूं ना?
साल 2009 में धोनी ब्रेबोर्न स्टेडियम में एक टेस्ट में भारत की कप्तानी कर रहे थे। उन्होंने शतक जड़ा और श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट जीत ने भारत को टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर पहुंचा दिया। वही पुराने रेलवे कोच स्टैंड में थे। धोनी पूर्व कोच की ओर गए और बोले, ‘सर, मैं महेंद्र सिंह धोनी। पहचानना आपने? मैं ठीक खेल रहा हूं ना? कोई मेरे क्रिकेट में प्रॉब्लम तो नहीं है ना?’
कोच बोले- मैं तुम्हें टीम में चाहता था
कोच बैकफुट पर थे। उन्होंने कहा,’मैं तुम्हें टीम में चाहता था, लेकिन चयनकर्ता तुम्हें टीम में नहीं चाहते थे। मैंने कुछ नहीं किया। ‘जब धोनी ने रेलवे के लिए ट्रायल दिया था तब वह रणजी ट्रॉफी में उसका प्रतिनिधित्व करने के लिए बहुत उत्सुक थे। उन्होंने रेलवे के सालाना इंटर-रेलवे टूर्नामेंट में खूब रन बनाए थे, लेकिन मेन टीम में उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया।
मौका न मिलने से गुस्सा थे धोनी
टूर्नामेंट में अच्छा परफॉर्म करने के बावजूद मौका न मिलने पर धोनी गुस्सा थे। उनके लिए यह मानना मुश्किल था कि वे चुने जाने लायक नहीं थे। यही कारण था कि 7 साल बाद भी अपने पुराने कोच को देखकर धोनी खुद को रोक नहीं पाए और इंडियन ड्रेसिंग रूम की ओर जाने से पहले उन्होंने उनसे यह बात कही।
‘कैप्टन कूल’ के धारदार डायलॉग: जब एमएस धोनी के जवाब से सवाल पूछने वाले भी मुस्कुरा उठे
महेंद्र सिंह धोनी सिर्फ महान कप्तान नहीं, बल्कि कम शब्दों में गहरी बात कहने वाले व्यक्तित्व भी हैं। झारखंड की राजधानी रांची में सात जुलाई 1981 को जन्में एमएस धोनी के 25 मशहूर बयान और उनके पीछे की दिलचस्प कहानियां बताती हैं कि क्यों दुनिया उन्हें ‘कैप्टन कूल’ कहती है। पूरी खबर पढ़ें।
