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महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई में भारत ने जीते हैं ICC के तीनों टूर्नामेंट, यहां जानिए उनके कौन-कौन से रिकॉर्ड अब नहीं टूटेंगे

धोनी सबसे कम 42 पारियों को खेलकर ही आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच चुके हैं, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है। धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 2011 में जिस बल्ले से छक्का लगाकर टीम इंडिया को वनडे वर्ल्ड कप दिलाया था। वह बल्ला 100,000 पाउंड में नीलाम हुआ था।

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: March 18, 2020 5:44 PM
धोनी ने 2007 में वनडे टीम की कमान संभाली और अपनी अगुआई में आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले पहले और इकलौते कप्तान बने।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग ने अहमदाबाद में मंगलवार यानी 17 मार्च 2020 को महेंद्र सिंह धोनी की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने माना कि भारतीय क्रिकेट टीम के इस पूर्व कप्तान की वापसी अब लगभग असंभव है। ऐसा नहीं है कि उन्हें धोनी की प्रतिभा पर कोई संदेह है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में माही को प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बनाने के विपरीत हैं।

महेंद्र सिंह धोनी ने 23 दिसंबर 2004 को चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ वनडे से अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की शुरुआत की थी। वे टेस्ट क्रिकेट को तो 2014 में ही अलविदा कह चुके हैं। हालांकि, पिछले 8 महीने से वे टीम इंडिया की वनडे और टी20 टीम से बाहर हैं। इसके बावजूद उन्होंने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से संन्यास लेने के अब तक कोई संकेत नहीं दिए हैं।

धोनी ने अब तक अपने 15 साल के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं, जिन्हें निकट भविष्य या कभी भी तोड़ना लगभग असंभव सा है। आइए नजर डालें वे कौन-कौन से हैं उनके रिकॉर्ड…

धोनी ने 2007 में वनडे टीम की कमान संभाली और अपनी अगुआई में आईसीसी के तीनों बड़े टूर्नामेंट जीतने वाले पहले और इकलौते कप्तान बने। धोनी अपनी कप्तानी में 2007 में टी20 विश्व कप, 2011 वनडे वर्ल्ड कप और 2013 में आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी जीतने में सफल रहे। उनकी कप्तानी में भारत पहली बार आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में शीर्ष पर भी पहुंचा। धोनी के इस रिकॉर्ड की बराबरी करना अब मुश्किल है, क्योंकि आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी आखिरी बार 2017 में खेली गई थी। इसके बाद यह टूर्नामेंट बंद कर दिया गया।

धोनी ने 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर में बतौर विकेटकीपर श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 रन की पारी खेली थी। वनडे में किसी विकेटकीपर द्वारा बनाया गया यह सर्वोच्च स्कोर है। उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट के 172 रनों का रिकॉर्ड तोड़ा था। उनका यह रिकॉर्ड भी टूटना असंभव ही है।

धोनी के नाम वनडे में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा शतक लगाने का भी रिकार्ड है। धोनी ने 7वें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अब तक 2 वनडे शतक लगाए हैं। धोनी ने बतौर विकेटकीपर 9 अंतरराष्ट्रीय मैचों में गेंदबाजी भी की है। वे बतौर विकेटकीपर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी हैं। निकट भविष्य में कोई यह रिकॉर्ड तोड़ पाएगा कहना मुश्किल है।

धोनी 2007 से 2016 तक सीमित ओवरों के फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं। उन्होंने 6 टी20 विश्व कप में भारत की अगुआई की है। उनसे ज्यादा किसी भी कप्तान ने इतनी बार टी20 वर्ल्ड कप में अपनी टीम का नेतृत्व नहीं किया है। इंग्लैंड पॉल कॉलिंगवुड और वेस्टइंडीज के डैरेन सैमी इस लिस्ट में संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं।

धोनी के नाम टी20 इंटरनेशनल मैचों में बिना अर्धशतक बनाये सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड भी है। क्रिकेट के सबसे छोटे फॉर्मेट के 75 मैच में 1153 रन बनाने के बावजूद वे अर्धशतक नहीं लगा पाए थे। उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय टी20 अर्धशतक अपनी 66वीं पारी में लगाया था।

धोनी सबसे कम 42 पारियों को खेलकर ही आईसीसी वनडे बल्लेबाजी रैंकिंग में शीर्ष पर पहुंच चुके हैं, जो कि एक विश्व रिकॉर्ड है। धोनी ने श्रीलंका के खिलाफ 2011 जिस बल्ले से छक्का लगाकर टीम इंडिया को वनडे वर्ल्ड कप दिलाया था। वह बल्ला 100,000 पाउंड में नीलाम हुआ था। क्रिकेट की दुनिया का यह सबसे महंगा नीलाम हुआ बल्ला है।

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