एमएस धोनी ने माना, हमारी बल्लेबाजी में गहराई की कमी

भारतीय क्रिकेट टीम की पिछले कुछ अर्से में खराब गेंदबाजी के कारण आलोचना होती रही है लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि विश्व कप में भाग ले रही बाकी टीमों की तुलना में भारतीय बल्लेबाजी में भी गहराई की कमी है। धोनी ने कहा कि उनकी टीम को विकेट बचाकर खेलना होगा ताकि […]

Author February 8, 2015 1:01 PM

भारतीय क्रिकेट टीम की पिछले कुछ अर्से में खराब गेंदबाजी के कारण आलोचना होती रही है लेकिन कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कहा कि विश्व कप में भाग ले रही बाकी टीमों की तुलना में भारतीय बल्लेबाजी में भी गहराई की कमी है। धोनी ने कहा कि उनकी टीम को विकेट बचाकर खेलना होगा ताकि स्लॉग ओवरों में अधिक रन बनाये जा सकें चूंकि बल्लेबाजी क्रम में गहराई नहीं है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी क्रम स्थायी नहीं होगा और हालात के अनुसार उसमें बदलाव होता रहेगा।

धोनी ने 14 फरवरी से शुरू हो रहे विश्व कप से पहले ओपन मीडिया सत्र में कहा,‘‘दूसरी टीमों की तुलना में हमारी बल्लेबाजी में उतनी गहराई नहीं है। हमें विकेट बचाकर खेलना होगा। हमें तेजी से रन बनाना सीखना होगा। इसके अलावा हालात के अनुरूप बल्लेबाजी क्रम में बदलाव होता रहेगा।’’

बल्लेबाजी भारत की ताकत रही है और विश्व कप में इसकी अहम भूमिका होगी चूंकि अधिकांश भारतीय गेंदबाज खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं। ऐसे में धोनी का यह कहना कि भारतीय बल्लेबाजी में गहराई की कमी है, साबित करता है कि विश्व कप खिताब बरकरार रख पाना आसान नहीं होगा।

धोनी ने कहा कि बीच के ओवरों में बल्लेबाजी और गेंदबाजी अहम होगी। धोनी ने कहा,‘‘सबसे महत्वपूर्ण हालात के अनुकूल ढलना और बीच के ओवर होंगे। बीच के ओवरों में गेंदबाजी अहम है ताकि हम विरोधी टीम पर दबाव बना सके। हमें स्लॉग ओवरों में ज्यादा गेंदबाजी का मौका नहीं मिला है।’’

विश्व कप से ठीक पहले भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है लेकिन धोनी ने कहा कि भारतीय खेमा इसे लेकर चिंतित नहीं है और हर बार की तरह टीम आईसीसी टूर्नामेंट में फिर अच्छा प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा,‘‘आईसीसी चैम्पियंस ट्रॉफी से पहले भी हम खराब फॉर्म में थे लेकिन टूर्नामेंट में हमने अच्छा प्रदर्शन किया।’’

चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले विश्व कप के पहले मैच के बारे में उन्होंने कहा कि यह दूसरे मैचों की तरह ही होगा। उन्होंने कहा,‘‘भारत-पाकिस्तान मैचों को लेकर सभी की अलग अलग सोच है। मेरा मानना है कि यह ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका या दूसरे टेस्ट देश के साथ खेलने जैसा ही है। जब आप पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता के बारे में सोचने लगेंगे तो खुद पर दबाव बना लेंगे।’’

धोनी ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आठ फरवरी और अफगानिस्तान से 10 फरवरी को होने वाले अभ्यास मैच अहम होंगे जिनसे पाकिस्तान के खिलाफ अंतिम एकादश का निर्धारण होगा। उन्होंने कहा,‘‘हमें दो अभ्यास मैच खेलने हैं जिनसे पहले मैच की अंतिम एकादश तय की जायेगी। इस लिहाज से दोनों अभ्यास मैच काफी अहम हैं।’’

उन्होंने कहा कि इस बार टूर्नामेंट काफी कठिन होगा और सही समय पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना अहम होगा। उन्होंने कहा,‘‘इस बार अधिकांश टीमें काफी संतुलित हैं। यह काफी खास विश्व कप होगा। सही समय पर लय हासिल करने वाली टीम ही खिताब जीतेगी।’’

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