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मोहम्मद अजहरुद्दीन बनना चाहते हैं टीम इंडिया के हेड कोच, पद संभालते ही कर देंगे बैटिंग कोच की छुट्टी

अजहर को इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आयोजन की भी पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अंततः लीग को एक विंडो मिल सकती है। लीग ने पिछले 10-12 साल में खेल को बहुत कुछ दिया है।’

Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: June 15, 2020 7:59 PM
मोहम्मद अजरुद्दीन शुरुआती 3 टेस्ट मैच में 3 शतक लगाने वाले दुनिया के इकलौते बल्लेबाज हैं।

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्‍तान मोहम्‍मद अजहरुद्दीन ने विराट कोहली एंड कंपनी को कोचिंग देने की इच्छा जताई है। मोहम्मद अजहरुद्दीन (Mohammad Azharuddin) का 1990 के दशक के दौरान विश्व क्रिकेट में काफी जलवा था। वह 3 वर्ल्ड कप (1992 से 1999 तक) में टीम इंडिया की अगुआई करने वाले एकमात्र भारतीय कप्तान हैं।

अजहर कांग्रेस के टिकट पर सांसद भी चुने जा चुके हैं। मौजूदा समय में वह हैदराबाद क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हैं। वह न्यूज चैनलों पर क्रिकेट एक्सपर्ट के तौर पर भी दिखाई देते रहते हैं। वह ऐसे व्यक्ति हैं, जिसे हमेशा खेल से प्यार रहा है। हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान उन्होंने भारतीय टीम को कोचिंग देने की इच्छा जाहिर की।

अजहरुद्दीन ने गल्फ न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘हां, मैं यह करने के लिए तैयार हूं। अगर मुझे भारतीय टीम के साथ काम करने का मौका मिलता है, तो मैं बिना पलक झपकाए हां कर दूंगा।’ अजहर ने 174 एकदिवसीय मैचों में भारतीय टीम की कप्तानी की है। वह वनडे में सबसे ज्यादा मैचों में टीम इंडिया की कप्तानी करने वाले दूसरे भारतीय हैं।

अजहर मानते हैं कि उनके हेड कोच रहते बैटिंग कोच की कोई जरूरत नहीं होगी। उन्होंने कहा, ‘मैं इन दिनों टीम के साथ इतने लोगों (सपोर्ट स्टाफ) को देखकर आश्चर्य में हूं। उदाहरण के लिए, मेरी विशेषज्ञता बल्लेबाजी और क्षेत्ररक्षण में है। इसलिए यदि मैं किसी भी टीम को कोचिंग देता हूं तो मुझे वास्तव में बल्लेबाजी कोच की आवश्यकता ही नहीं है। क्या यह सही नहीं है?’

अजहर को इस साल इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आयोजन की भी पूरी उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि अंततः लीग को एक विंडो मिल सकती है। जहां हम कम से कम 7 मैचों की मेजबानी कर सकते हैं। लीग ने पिछले 10-12 साल में खेल को बहुत कुछ दिया है।’

उन्होंने कहा, ‘आईपीएल एक ऐसा स्टेज है, जहां क्रिकेटरों पर बहुत ध्यान दिया जाता है। यदि वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो उन्हें बहुत जल्द ही पहचान मिल जाती है। जरा सोचिए, अगर आईपीएल नहीं होता तो हार्दिक पंड्या या जसप्रीत बुमराह अब भी प्रथम श्रेणी क्रिकेट में संघर्ष कर रहे होते।’

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