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हवा से बातें कर यह लड़की चलाती है फॉर्म्यूला वन कार, 16 साल में पिता के अधूरे ख्बाव को किया साकार

मीरा ने इसके बाद जो रफ्तार पकड़ी, उसके दूर-दूर तक सर्किट में कोई नजर नहीं आता। पिता उस वाकये के बाद पुणे में गो कार्टिंग रेस दिखाने ले गए थे। उसके बाद...

कहते हैं टैलेंट की कोई उम्र नहीं होती। वह तो जिसमें होता है, उभर कर आ ही जाता है। यह बात वडोदरा की एक लड़की पर बिल्कुल फिट बैठती है। रेसिंग सर्किट में उनका कोई सानी नहीं नजर आता। 16 साल की उम्र में हवा से बातें करती है। कार्ट रेसिंग में अब तक कई खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। तो आइए मिलाते हैं आपको इस नन्ही शख्सियत से।

यह जो खिलखिलाता चेहरा देख रहे हैं, इनका नाम है मीरा एर्डा (Mira Erda)। गुजरात के वडोदरा की रहने वाली हैं। उम्र 16 साल है। जिस उम्र में लोगों में लोगों को ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिलता, उस उम्र में 270 किलोमीटर घंटे की रफ्तार से चलाती है कार्ट रेसिंग करती हैं।

कम लोग जानते हैं, लेकिन मीरा कार्ट रेसिंग अपने लिए नहीं करतीं। वह पिता का सपना पूरा करने के लिए ऐसा कर रही हैं। दरअसल, उनके पिता को कार्ट रेसिंग का शौक था। वह भी रेसर बनना चाहते थे, लेकिन नहीं बन पाए।

जब भी कोई रेस होती, तो बाप-बेटी दोनों रेस देखने जाते। बेटी तब रेस का खूब आनंद लेती। जब वह नौ साल की हुई, तो पिता ने एक दिन पूछा- क्या गो कार्टिंग प्रोफेश्नली करोगी? जवाब था- हां।

फिर क्या था। मीरा ने इसके बाद जो रफ्तार पकड़ी, उसके दूर-दूर तक सर्किट में कोई नजर नहीं आता। पिता उस वाकये के बाद पुणे में गो कार्टिंग रेस दिखाने ले गए थे। उसके बाद कोल्हापुर में ट्रेनिंग दिलाई। चार दिनों तक कड़ी प्रैक्टिस कराई। 2010 में नौ साल की उम्र में उन्होंने हैदराबाद में जेके टायर नेशनल रोटेक्स कार्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया।

मीरा अब तक 75 से ज्यादा गो कार्टिंग और 13 फार्म्यूला कार रेसिंग में शामिल हो चुकी हैं। पिछले चार सालों से वह इस रेसिंग में एक्टिव हैं। जबकि उनके माता-पिता वडोदरा में गो कार्टिंग एकेडमी चलाते हैं, जिसका नाम एडल्ट रेसिंग एकेडमी है।

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