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ये हैं रणजी के सबसे सफल कोच चंद्रकांत, विदर्भ को जिताया लगातार दूसरा खिताब

चंद्रकांत की कोचिंग में ही विदर्भ की टीम पांच दशक के प्रयास के बाद पहला रणजी ट्राफी खिताब जीतने में सफल रही और अब लगातार दूसरी बार विदर्भ को चैंपियन बनाकर उन्होंने क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है।

चंद्रकांत पंडित (Express Photo by Kevin D’Souza)

विदर्भ ने फाइनल में सौराष्ट्र को 78 रन से शिकस्त देकर रणजी ट्रॉफी 2018-19 का खिताब जीत लिया। विदर्भ ने लगातार दूसरी बार ये प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। लगातार दो बार देश की सबसे बड़ी घरेलू प्रतियोगिता जीतने वाली विदर्भ पांचवीं टीम है। विदर्भ की इस जीत में सबसे बड़ा हाथ उसके फिरकी गेंदबाज आदित्य सरवटे का रहा, जिन्होंने रणजी ट्रॉफी के फाइनल की दोनों पारियों में 5 से ज्यादा विकेट लेकर इतिहास रच दिया। रणजी के इतिहास में यह छठी बार है जब फाइनल मैच में किसी गेंदबाज ने दोनों पारियों में 5 से ज्यादा विकेट लिए हैं। आदित्य के अलावा एक व्यक्ति और भी है, जिसका विदर्भ को लगातार दूसरी बार रणजी का खिताब जितवाने में बड़ा हाथ है। हम बात कर रहे हैं टीम के कोच चंद्रकांत पंडित की, जिनकी टीम की चर्चा तो हर कोई कर रहा है लेकिन उनके बारे में लोग कम ही जानते हैं। आइए आपको बताते हैं कि कौन हैं चंद्रकांत पंडित

चंद्रकांत पंडित का जन्म 30 सिंतबर 1961 को मुंबई में हुआ था। चंद्रकांत इंटरनेशनल क्रिकेटर रह चुके हैं और वे 41 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। चंद्रकांत ने अप्रैल 1986 में इंग्लैंड के खिलाफ लीड्स में भारत की ओर से वनडे डेब्यू किया था, जबकि अपना आखिरी वनडे 20 जनवरी 1992 को खेला। उन्होंने 36 वनडे में लगभग 20 की औसत से 291 रन बनाए हैं। चंद्रकांत ने साल 1986 में ही इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया और अपनी विकेटकीपिंग से सभी को प्रभावित किया। चंद्रकांत को किरने मोरे की अनुपस्थिति में 1991-92 में ऑस्ट्रेलिया जाने का मौका मिला और 11 कैच लेकर अपनी विकेटकीपिंग से सभी का ध्यान अपनी और आकर्षित किया। हालांकि ये उनकी आखिरी इंटरनेशनल सीरीज साबित हुई। अपने 6 साल के टेस्ट करियर में वह टीम से ज्यादा समय बाहर ही रहे और सिर्फ 5 टेस्ट ही खेल पाए।

Ranji Trophy, coach, Chandrakant Pandit, Viderbha, Saurashtra, Ranji Trophy final, nagpur, mumbai coach चंद्रकांत पंडित (Photo: File)

आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि चंद्रकांत पंडित मास्‍टर ब्‍लास्‍टर सचिन तेंदुलकर के गुरु रमाकांत आचरेकर के शिष्य रहे हैं और उनकी क्रिकेट कोचिंग में यह बात साफ नजर आती है। इंटरनेशनल के बाद उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट पर अपना ध्यान लगाया। 57 वर्षीय पंडित ने बतौर खिलाड़ी रणजी ट्रॉफी में मुंबई, मध्‍य प्रदेश और असम का प्रतिनिधित्‍व किया। उन्‍होंने 138 फर्स्‍ट क्‍लास मैचों में 48.57 के औसत से 22 शतक की मदद से 8209 रन बनाए, जिसमें 202 रन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस दौरान पंडित बतौर खिलाड़ी दो बार (1983-84, 1984-85) रणजी चैंपियन मुंबई की टीम का हिस्‍सा रहे।

सफल घरेलू क्रिकेट खेलने के बाद उन्होंने बतौर कोच एक नई पारी की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने धमाकेदार आगाज किया और मुंबई को लगातार दो बार (2002-03 और 2003-04) चैंपियन बनाया। इसके बाद 2011-12 में वह राजस्‍थान के साथ जुड़े जिसे उस वक्‍त रणजी की सबसे कमजोर टीम माना जाता था, लेकिन इसी साल राजस्‍थान के चैंपियन बनने से घरेलू क्रिकेट में उनका नाम मशहूर हो गया। एक बार फिर वह मुंबई कोच बने और अपनी घरेलू टीम को 2015-16 में रणजी चैंपियन बनाया। पिछले साल उनकी कोचिंग में ही विदर्भ की टीम पांच दशक के प्रयास के बाद पहला रणजी ट्राफी खिताब जीतने में सफल रही और अब लगातार दूसरी बार विदर्भ को चैंपियन बनाकर उन्होंने भारतीय क्रिकेट जगत में सनसनी मचा दी है।

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