टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली मनिका बत्रा का राष्ट्रीय कोच पर सनसनीखेज आरोप, कहा- वक्त आने पर दूंगी सबूत

मनिका बत्रा ने कहा, ‘राष्ट्रीय कोच ने मार्च 2021 में दोहा में क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में मुझ पर दबाव बनाया कि उनकी प्रशिक्षु के खिलाफ मैच गंवा दूं, ताकि वह ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाए। संक्षेप में कहूं तो मुझसे मैच फिक्सिंग के लिए कहा गया।’

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टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा का आरोप है कि राष्ट्रीय कोच ने उन्हें ओलंपिक क्वालिफायर के दौरान एक मैच गंवाने के लिए कहा था। (सोर्स- इंस्टाग्राम/मनिका बत्रा)

टोक्यो ओलंपिक में इतिहास रचने वाली मनिका बत्रा ने राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मनिका की मानें तो सौम्यदीप रॉय ने उन पर मैच फिक्स करने का दबाव डाला था। मनिका का यह भी कहना है कि उनके पास अपने दावे को साबित करने के पक्के सबूत हैं। वक्त आने पर वह उन सबूतों को पेश करेंगी। मनिका ने ये आरोप भारतीय टेबल टेनिस महासंघ (टीटीएफआई) के कारण बताओ नोटिस का जवाब देते हुए लगाए हैं।

मनिका बत्रा ने टोक्यो ओलंपिक में वुमन्स सिंगल्स के तीसरे दौर में पहुंचकर इतिहास रचा था। टेबल टेनिस स्टार मनिका बत्रा ने आरोप लगाया है कि सौम्यदीप रॉय ने उन्हें इस साल मार्च में ओलंपिक क्वालिफायर के दौरान एक मैच गंवाने के लिए कहा था। इसी कारण उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में वुमन्स सिंगल्स में सौम्यदीप रॉय की मदद लेने से इनकार कर दिया था। नोटिस के जवाब में मनिका ने इस बात का पुरजोर खंडन किया कि सौम्यदीप रॉय की मदद लेने से इनकार करके उन्होंने खेल की साख को नुकसान पहुंचाया है।

टीटीएफआई सूत्रों के अनुसार दुनिया की 56वें नंबर की खिलाड़ी ने कहा कि जिसने उन्हें मैच फिक्सिंग के लिए कहा था, अगर वह उनके साथ कोच के रूप में बैठे होते तो वह मैच पर फोकस नहीं कर पातीं। मनिका ने टीटीएफआई सचिव अरुण बनर्जी को भेजे जवाब में कहा, ‘आखिरी मिनट पर उनके दखल से पैदा होने वाले व्यवधान से बचने के अलावा राष्ट्रीय कोच के बिना खेलने के मेरे फैसले के पीछे एक और अधिक गंभीर वजह थी।’

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उन्होंने कहा, ‘राष्ट्रीय कोच ने मार्च 2021 में दोहा में क्वालिफिकेशन टूर्नामेंट में मुझ पर दबाव बनाया कि उनकी प्रशिक्षु के खिलाफ मैच गंवा दूं, ताकि वह ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाए। संक्षेप में कहूं तो मुझसे मैच फिक्सिंग के लिए कहा गया।’

मनिका के इस आरोप के बाद कई प्रयासों के बावजूद सौम्यदीप रॉय से संपर्क नहीं हो पाया है। खिलाड़ी से कोच बने सौम्यदीप रॉय को मौजूदा राष्ट्रीय शिविर से बाहर रहने को कहा गया है। टीटीएफआई ने उन्हें उनका पक्ष रखने के लिए भी कहा है। इस संबंध में अरुण बनर्जी ने कहा, ‘आरोप सौम्यदीप रॉय के खिलाफ हैं। उन्हें जवाब देने दीजिए, फिर आगे के बारे में फैसला लेंगे।’

सौम्यदीप रॉय राष्ट्रमंडल खेलों की टीम स्पर्धा के स्वर्ण पदक विजेता हैं। उन्हें अर्जुन पुरस्कार भी मिल चुका है। मनिका ने कहा, ‘मेरे पास इस घटना का सबूत है, जो मैं उचित समय आने पर पेश करूंगी। मुझे मैच गंवाने के लिए कहने राष्ट्रीय कोच मेरे होटल के कमरे में आए। उन्होंने मुझसे करीब 20 मिनट बात की। उन्होने अनैतिक तरीके से अपनी प्रशिक्षु को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जो उस समय उनके साथ आई थी।’

मनिका और सुतीर्था मुखर्जी ने ओलंपिक के लिए क्वालिफाई किया था। सुतीर्था मुखर्जी, सौम्यादीप रॉय की अकादमी में अभ्यास करती हैं। मनिका ने कहा, ‘मैंने उनसे कोई वादा नहीं किया था और तुरंत टीटीएफआई को इसकी जानकारी दी थी। हालांकि, उनके दबाव और धमकी का मेरे खेल पर असर पड़ा।’

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