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‘पहली बार 2004 में हुई थी महेंद्र सिंह धोनी पर चर्चा, पाकिस्तान दौरे पर ले जाना चाहते थे सौरव गांगुली’, पूर्व कोच का खुलासा

धोनी ने 23 साल 169 दिन की आयु में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ पहला वनडे खेला था। 24 साल 148 दिन की आयु में श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर 2005 में चेन्नई के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला था।

धोनी ने जॉन राइट की कोचिंग में इंटरनेशल मैच में डेब्यू किया था। (सोर्स – सोशल मीडिया)

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली 2004 में पाकिस्तान के दौरे पर महेंद्र सिंह धोनी को ले जाना चाहते थे। हालांकि, किसी कारण वे ऐसा नहीं कर पाए थे। इस बात का खुलासा टीम इंडिया के पहले विदेशी कोच जॉन राइट ने किया। उस दौरे पर तीन टेस्ट की सीरीज के लिए पार्थिव पटेल को टीम में रखा गया था। भारतीय टीम 15 साल बाद पाकिस्तान में खेलने गई थी। पांच वनडे की सीरीज राहुल द्रविड़ ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।

भारतीय टीम टेस्ट सीरीज में 2-1 से जीती थी। वहीं, पांच वनडे की सीरीज को 3-2 से अपने नाम की थी। जॉन राइट ने कहा, ‘‘”धोनी लगभग हमारे साथ 2004 में पाकिस्तान चले ही गए थे। सौरव उन्हें टीम में शामिल करने के लिए बहुत उत्सुक थे। वह सीमा रेखा पर थे और यह उन फैसलों में से एक था जो किसी तरफ जा सकता था। हमने एक सफल टेस्ट टीम का चयन किया था। यह स्पष्ट है कि जब धोनी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने लगे थे। सौरव के पास उनके बारे में कहने के लिए बहुत अच्छी चीजें थीं। उन्होंने हमेशा सेट-अप में आने वाले युवाओं को प्रोत्साहित किया। तभी मैंने पहली बार उनके बारे में सुनना शुरू किया।’’ भारत के पहले विदेशी कोच के रूप में राइट का पांच साल का कार्यकाल (2000-2005) था।

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धोनी ने 23 साल 169 दिन की आयु में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने दिसंबर 2004 में बांग्लादेश के खिलाफ पहला वनडे खेला था। 24 साल 148 दिन की आयु में श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर 2005 में चेन्नई के मैदान पर पहला टेस्ट मैच खेला था। राइट ने कहा, ‘‘धोनी आगे से खेल को पढ़ रहे थे। यह हमेशा एक अच्छी रणनीतिक कप्तानी का संकेत है। वह स्पष्ट रूप से आधुनिक युग में भारत के सबसे महान कप्तानों में से एक है। वह निश्चित रूप से भारत के लिए शानदार रहे हैं, उनका रिकॉर्ड इस बात की गवाही देता है।’’

राइट ने कहा, ‘‘”यह स्पष्ट था कि धोनी न केवल एक बहुत ही प्रतिभाशाली क्रिकेटर थे, बल्कि एक बहुत बुद्धिमान व्यक्ति भी थे। वह एक बहुत अच्छे श्रोता थे जिन्होंने अपनी पहली सीरीज (मेरी कोचिंग में) में ज्यादा कुछ नहीं कहा, लेकिन हर समय देख और सीख रहे थे। मैंने उस समय सोचा था कि उनके सामने एक बड़ा भविष्य है।’’ धोनी ने 200 वनडे में कप्तानी की। उन्होंने कुल 350 वनडे मैच खेले। इस दौरान धोनी का सक्सेस रेट 55 प्रतिशत रहा। टी20 में उन्होंने 98 मैच खेले। 72 में कप्तानी की। 58.33 उनका सक्सेस रेट था। टेस्ट में 90 मैच खेले और 60 में कप्तानी की। इस दौरान उनका सक्सेस रेट 45 प्रतिशत रहा।

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