शतरंज की दिग्गज खिलाड़ी जूडिट पोलगार ने हंगरी की अगली राष्ट्रपति बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है। यह फैसला उस घोषणा के एक दिन बाद आया, जिसमें देश के प्रधानमंत्री पीटर मैग्यार ने कहा था कि वह पोलगार से मिलकर पूछेंगे कि क्या वह यह जिम्मेदारी स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। पीटर मैग्यार चाहते थे कि नई हंगरी की संविधान व्यवस्था लागू होने तक जूडिट पोलगार इस पद पर बनी रहें।
सोमवार को हुई मुलाकात के बाद जूडिट पोलगार ने सोशल मीडिया पर बताया कि उन्होंने पीटर मैग्यार का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। बताया गया कि उनका नामांकन ‘हंगरी के सार्वजनिक जीवन की सम्मानित हस्तियों’ ने आगे बढ़ाया था।
जूडिट पोलगार ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि मेरे पास एक बंटे हुए देश को एकजुट करने जैसी ऐतिहासिक जिम्मेदारी निभाने की ताकत है, इसलिए मैं इस निमंत्रण को स्वीकार नहीं कर सकती।’’ जूडिट पोलगार ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ‘‘मैं अपनी पूरी क्षमता से ऐसे नए, स्वतंत्र और सम्मानित राष्ट्रपति का समर्थन करूंगी, जो इन लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में काम करें।’’
अगर 50 वर्षीय जूडिट पोलगार इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेतीं तो उन्हें पीटर मैग्यार की टिस्जा पार्टी का सर्वसम्मत समर्थन मिलता। संसद में इस पार्टी के पास दो-तिहाई बहुमत है। साथ ही, वह संभवतः अपने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहुंचने वाली दुनिया की एकमात्र महिला शतरंज खिलाड़ी भी बन जातीं।
पीटर मैग्यार ने जूडिट पोलगार के उनके अनुरोध को ठुकराने के फैसले पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी। पीटर मैग्यार ने लिखा, ‘‘मुझे दुख है, लेकिन मैं उनके फैसले का सम्मान करता हूं। हमारे अनुरोध को गंभीरता से लेने के लिए उनका धन्यवाद। उनकी स्पष्टता, बेबाकी और जिस गरिमा के साथ उन्होंने इस पूरे मामले को संभाला, उसके लिए भी मैं उनका आभारी हूं।’’
जूडिट पोलगार को शतरंज इतिहास की सबसे महान महिला खिलाड़ी माना जाता है। वह अब तक की एकमात्र महिला हैं, जिन्होंने विश्व शतरंज रैंकिंग के शीर्ष-10 में जगह बनाई। उन्होंने शतरंज इतिहास की सबसे कम उम्र की ग्रैंडमास्टर बनने का बॉबी फिशर का रिकॉर्ड भी तोड़ा था। जूडिट पोलगार ने मुकाबलों में गैरी कास्पारोव और विश्वनाथन आनंद सहित 11 विश्व चैंपियनों को हराया है। वह पांच बार की चेस ओलंपियाड चैंपियन भी हैं और उन्हें हंगेरियन ऑर्डर ऑफ सेंट स्टीफन से सम्मानित किया जा चुका है।
इस साल मार्च में द इंडियन एक्सप्रेस को दिए एक इंटरव्यू में जूडिट पोलगार ने कहा था कि अगली जूडिट पोलगार भारत से आ सकती हैं। जूडिट पोलगार की बहनें सुसान और सोफिया भी शीर्ष स्तर की शतरंज खिलाड़ी रही हैं। तीनों बहनों को उनके पिता लास्जलो पोलगार ने एक अनोखे प्रयोग के तहत प्रशिक्षित किया था। उनका मानना था कि प्रतिभाशाली लोग जन्म से नहीं होते, बल्कि उन्हें तैयार किया जा सकता है।
13 साल की भारतीय खिलाड़ी का कमाल, विश्व चैंपियनशिप की सिल्वर मेडलिस्ट का गैरी कास्पारोव से है खास कनेक्शन
बेंगलुरु की 13 वर्षीय वूमन फिडे मास्टर प्रतीती बोरदोलोई ने FIDE World Youth Chess Championship 2026 के गर्ल्स अंडर-18 वर्ग में रजत पदक जीता। पूरे टूर्नामेंट में अपराजित रहने वाली प्रतीती भारत की इकलौती पदक विजेता रहीं। उनका जन्मदिन शतरंज के महान खिलाड़ी गैरी कास्पारोव के जन्मदिन से ठीक 50 साल बाद का है, जिसे उनके कोच भी खास मानते हैं। (पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें)
