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लिएंडर पेस ने कहा- मैंने सब कुछ हासिल कर लिया, अब नए लक्ष्य तय करना मुश्किल

लिएंडर पेस ने कहा कि मैं लोगों को प्रेरित करना चाहता हूं कि यदि लिएंडर कठिन दौर से जूझने के बावजूद यह कर सकता है तो कोई भी कर सकता है।

Author नई दिल्ली | January 9, 2018 7:44 PM
लिएंडर पेस 44 साल के हो चुके हैं। (Express File Pic)

18 ग्रैंडस्लैम और एक ओलंपिक पदक जीत चुके 44 साल के लिएंडर पेस ने कहा कि उनके लिए नए लक्ष्य तय करना मुश्किल है लेकिन ऑफ सीजन में दमखम के खेल बने आधुनिक टेनिस के मानदंडों पर खरे उतरने की कोशिश में जुटे रहे। पेस के कई समकालीन कोच बन गए और उनके कई जूनियर्स ने संन्यास ले लिया लेकिन टेनिस के लिए पेस की भूख कम नहीं हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए ऑफ सीजन का मतलब कौशल, दमखम, वजन और अपने खेल को तरोताजा बनाए रखना है क्योंकि अब खेल में ताकत का बोलबाला है। सभी खिलाड़ी छह फुट से ऊंचे हैं और अधिक बलशाली हैं। ऐसे में आपके लिए जवाबी हमले का समय बहुत कम रहता है क्योंकि गेंद काफी मजबूती से आती है।’’

पेस ने प्रेस ट्रस्ट से बातचीत में कहा, ‘‘ताकत के मायने हैं कि सर्विस और फोरहैंड दमदार होने चाहिए। युगल में नई शैली के साथ वापसी कर सकते हैं। मेरे लिए ऑफ सीजन शारीरिक क्षमता बढ़ाने और नए लक्ष्य तय करने का था। वैसे नए लक्ष्य तय करना बहुत मुश्किल है।’’ टेनिस से संन्यास के बार बार उठते सवाल पर उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल मैं अपने टेनिस कैरियर के खूबसूरत मोड़ से गुजर रहा हूं जिसमें मुझे कुछ साबित नहीं करना है। अभी भी गेंद और कोर्ट पर नियंत्रण बनाने में कामयाब रहना ही मेरी प्रेरणा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं खेल का मजा ले रहा हूं। मैंने सब कुछ हासिल कर लिया है। अब मैं अपने लिए खेल रहा हूं। मैं लोगों को प्रेरित करना चाहता हूं कि यदि लिएंडर कठिन दौर से जूझने के बावजूद यह कर सकता है तो कोई भी कर सकता है।’’ पेस ने कहा, ‘‘हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जिसमें जीवन बहुत कठिन है। हर जगह आतंकवाद है, गरीबी है, रहन-सहन का खर्च बढ़ता जा रहा है, इतने घोटाले हो रहे हैं लेकिन आपको अच्छे रोल मॉडल की जरूरत है जो बता सके कि जिंदगी कठिन है लेकिन अच्छी भी हो सकती है।’’

यह पूछने पर कि क्या वह अभी भी एक और एशियाई खेल और ओलंपिक खेलना चाहते हैं, उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसलिए खेलता हूं क्योंकि मुझे इसमें मजा आता है। उसके साथ यदि यह भी खेलता हूं तो उत्तम है।’’ उन्होंने कहा कि वह इस साल अधिक मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा, “मेरे शरीर के निचले हिस्से में ताकत बढ़ी है। पुणे में मेरी सर्विस बहुत दमदार थी और वे (रोहन बोपन्ना तथा जीवन नेदुंचेझियान) मेरी सर्विस के आसपास भी नहीं थे।”

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