भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान और ओलंपियन जेनिफर पेस का रविवार (17 मई) को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। जेनिफर 72 वर्ष की थीं और वह भारतीय टेनिस के दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस की मां थीं। परिवार के एक सूत्र ने बताया, ‘वह कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित थीं और उन्होंने रविवार को अंतिम सांस ली। उनका अंतिम संस्कार आज कोलकाता के सेंट थॉमस चर्च में हुआ।’
उनका जन्म का नाम जेनिफर डटन था और वह प्रसिद्ध बंगाली कवि और नाटककार माइकल मधुसूदन दत्त की वंशज थीं। उन्होंने वर्ष 1972 के म्यूनिख ओलंपिक 1972 में भारतीय महिला बास्केटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व किया और बाद में टीम की कप्तान भी बनीं। भारतीय महिला बास्केटबॉल में उन्हें प्रमुख हस्तियों में गिना जाता है।
बेटे और पति ने ओलंपिक में जीता पदक
जेनिफर पेस एक प्रतिष्ठित खेल परिवार से जुड़ी थीं। उनके पति डॉ. वेस पेस भारतीय हॉकी टीम का हिस्सा थे, जिसने 1972 म्यूनिख ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल किया था। उनका निधन अगस्त 2025 में हुआ था। उनके बेटे लिएंडर पेस ने भारतीय टेनिस को वैश्विक पहचान दिलाई। उन्होंने 1996 के अटलांटा ओलंपिक में पुरुष एकल वर्ग में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। लिएंडर ने अपने करियर में 18 ग्रैंड स्लैम खिताब भी अपने नाम किए।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने श्रद्धांजलि दी
बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर जेनिफर को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा,’भारतीय टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस की मां श्रीमती जेनिफर पेस के निधन से बहुत दुख हुआ। भारतीय बास्केटबॉल टीम की पूर्व कप्तान और ओलंपियन, भारतीय खेलों में उनके बहुत बड़े योगदान और उनकी विरासत को हमेशा याद किया जाएगा। इस दुख की घड़ी में लिएंडर पेस और पूरे परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं।
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