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रियो के लिए पेस को छोड़ना होगा मिश्रित युगल का मोह

लिएंडर पेस को सातवां ओलंपिक खेलने का अपना सपना पूरा करने के लिए मिश्रित युगल खेलने का मोह छोड़ना होगा क्योंकि रोहन बोपन्ना को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि वे रियो ओलंपिक में पेस को पुरुष युगल में अपना जोड़ीदार चुन लें।

Author नई दिल्ली | June 7, 2016 6:09 AM
भारत के शीर्ष टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस। (फाइल फोटो)

लिएंडर पेस को सातवां ओलंपिक खेलने का अपना सपना पूरा करने के लिए मिश्रित युगल खेलने का मोह छोड़ना होगा क्योंकि रोहन बोपन्ना को मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं कि वे रियो ओलंपिक में पेस को पुरुष युगल में अपना जोड़ीदार चुन लें। बोपन्ना को एटीपी रैंकिंग में शीर्ष 10 में आने के कारण पुरुष युगल में सीधे प्रवेश मिला है। उन्हें अपना जोड़ीदार चुनने की सहूलियत भी मिल गई है।

बोपन्ना अगर पेस (विश्व रैंकिंग में 46) से निचली रैंकिंग वाले खिलाड़ी को जोड़ीदार चुनते हैं तो पेस का रेकार्ड सातवां ओलंपिक खेलने का सपना टूट जाएगा। इसके मायने होंगे कि वे रियो नहीं जा सकेंगे। उच्च रैंकिंग वाले खिलाड़ी नहीं होने से भारत पुरुष युगल में एक ही टीम उतार सकता है। पेस को मिश्रित युगल में सानिया मिर्जा के साथ खेलने का मोह छोड़ना होगा। हालांकि 18 ग्रैंडस्लैम विजेता पेस ने पिछले 18 महीने में इस वर्ग में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। हाल ही में पेस ने मार्टिना हिंगिस के साथ फ्रेंच ओपन मिश्रित युगल खिताब जीता है।

एआइटीए कोशिश कर रहा है कि ओलंपिक से पहले कोई विवाद पैदा नहीं हो और हर किसी को खेलने का मौका मिले। बोपन्ना ने अभी तक अपनी पसंद नहीं बताई है लेकिन समझा जाता है कि एआइटीए उन्हें पेस के साथ जोड़ी बनाने को कहेगा। एआइटीए के एक अधिकारी ने बताया कि समझदारी इसी में है कि देश का नंबर एक और दो खिलाड़ी एक टीम के रूप में खेले। कोई तीसरा आदमी भी ऐसे ही सोचेगा। रोहन के पास विकल्प है लेकिन यहां सवाल व्यक्ति का नहीं बल्कि देश का है। हम उम्मीद करते हैं कि वे समझदारी से काम लेंगे।

उन्होंने कहा कि लिएंडर भी रोहन से कम नहीं हैं। उसकी रैंकिंग गिरी है लेकिन पिछले कुछ समय से उसके पास स्थायी जोड़ीदार नहीं रहा है। उसने फ्रेंच ओपन में अच्छा खेला। हम दखल नहीं देना चाहते लेकिन ऐसा तरीका निकालेंगे जो देश के हित में हो।

बोपन्ना के पास भारत के पांचवें सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी साकेत मयनेनी (125) का विकल्प है चूंकि उच्च रैंकिंग वाले बाकी खिलाड़ी पूरव राजा (103) और दिविज शरण (114) ओलंपिक नामांकन के लिए डेविस कप के मानदंड पर खरे नहीं उतरते। यही स्थिति जीवन नेंदुसेझियन (134) और महेश भूपति (164) की है। आइटीएफ के अधिकारी के अनुसार राष्ट्रीय संघ किसी खिलाड़ी को शामिल करने की अपील कर सकता है, भले ही वह डेविस कप के मानदंड पर खरा नहीं उतरता हो।

पेस को अगर रियो जाना है तो उन्हें सिर्फ पुरुष युगल से संतोष करना होगा क्योंकि इस बार सानिया अपना जोड़ीदार खुद चुनेंगी और यह सभी को पता है कि पेस की तुलना में बोपन्ना के साथ सानिया ज्यादा सहज हैं। सानिया को 2012 लंदन ओलंपिक में पेस के साथ खेलना पड़ा था जबकि वे महेश भूपति के साथ खेलना चाहती थीं।

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