लक्ष्य सेन ने पूरा जुझारूपन दिखाया लेकिन ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन खिताब के लिए भारत का 25 साल का इंतजार खत्म नहीं कर सके और पुरुष एकल फाइनल में रविवार आठ मार्च 2026 को चीनी ताइपे के लिन चुन यी से हार गए। चार साल पहले उपविजेता रहे लक्ष्य सेन दूसरी बार ऑल इंग्लैंड फाइनल खेल रहे थे। अलमोड़ा के 24 वर्ष के इस खिलाड़ी को 57 मिनट तक चले मुकाबले में 15-21, 20-22 से पराजय झेलनी पड़ी।

लक्ष्य सेन ने बाद में कहा, ‘यह अच्छा मैच था। पहले गेम में वह बेहतर खेल रहा था, लेकिन मैं दूसरे में बेहतर वापसी कर सकता था। इस पूरे सप्ताह हालांकि अपने प्रदर्शन से मैं खुश हूं।’ उन्होंने कहा, ‘मैच के बारे में सोचकर भावुक हो रहा हूं, लेकिन बहुत कुछ सकारात्मक रहा।’

चीनी ताइपे के लिन चुन ने रचा इतिहास

लिन ऑल इंग्लैंड पुरुष एकल खिताब जीतने वाले चीनी ताइपे के पहले खिलाड़ी बन गए। भारत के लिए प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) ही ऑल इंग्लैंड पुरुष एकल खिताब जीत पाए हैं। प्रकाश नाथ (1947) और साइना नेहवाल (2015) भी करीब पहुंचे थे, लेकिन उपविजेता रहे।

लक्ष्य सेन ने फाइनल की राह में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी शि यू की और छठे नंबर के खिलाड़ी लि शि फेंग को हराया था। कनाडा के विक्टर लेइ के खिलाफ 97 मिनट तक चले सेमीफाइनल में उन्हें ऐंठन और पैर के छालों से भी जूझना पड़ा।

रविवार को फाइनल में लिन चुन के खिलाफ कोर्ट पर उतरने से पहले तक लक्ष्य सेन टूर्नामेंट के दौरान पांच घंटे और 16 मिनट कोर्ट पर बिता चुके थे। यह अवधि लिन चुन से डेढ घंटा अधिक थी। इस थकान का असर लक्ष्य सेन के प्रदर्शन पर भी पड़ा।

शारीरिक रूप से अच्छी स्थिति में नहीं थे लक्ष्य

लक्ष्य सेन ने कहा, ‘मैं शारीरिक रूप से सर्वश्रेष्ठ स्थिति में नहीं था, लेकिन कोर्ट पर कुछ भी नहीं सोच रहा था और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना चाहता था। कल ऐंठन हो गई थी और मैं सौ फीसदी उबर नहीं पाया था। सभी खिलाड़ी आखिर तक थक गए थे। यह बेहतर हो सकता था।’

दोनों जांघ पर पट्टी बांधकर खेल रहे लक्ष्य सेन ने धीमी शुरुआत की और 0-3 से पिछड़ गए। लिन ने काफी आक्रामक शुरुआत करके दमदार स्मैश लगाते हुए 6-2 से बढ़त बना ली। लक्ष्य सेन ने स्कोर 7-8 किया लेकिन लिन ने लगातार बढ़त बनाए रखी।

सीधे और क्रॉसकोर्ट स्मैश लगाने में माहिर लिन ने 18-13 की बढ़त कर ली। लक्ष्य सेन ने लंबी रैलियों के साथ वापसी की कोशिश की लेकिन लिन चुन ने 24 मिनट में ही पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भी यही कहानी रही।

लिन की गलतियों का फायदा उठाकर लक्ष्य सेन ने 7-4 से बढ़त बनाई जो 9-4 की हो गई। लक्ष्य सेन ने ब्रेक के समय तक वापसी की कोशिश की और जल्दी ही स्कोर 14-14 हो गया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच 46 शॉट की रैली देखने को मिली। लक्ष्य ने 18-16 की बढत बनाई, लेकिन लिन ने 18-18 से वापसी की और इसके बाद लक्ष्य को कोई मौका नहीं दिया।