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आकलनः अब लक्ष्य के सामने क्या है अगला लक्ष्य

भारत बैडमिंटन के क्षेत्र में काफी लंबा सफर तय कर चुका है। इसी कड़ी में एक नया अध्याय लक्ष्य सेन ने जोड़ा है। जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में लक्ष्य ने मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न को हराकर इतिहास रच दिया।

Author July 26, 2018 4:46 AM
उत्तराखंड के अल्मोड़ा के इस युवा शटलर का बचपन ही दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ियों के बीच बीता है।

खेल डेस्क

भारत बैडमिंटन के क्षेत्र में काफी लंबा सफर तय कर चुका है। इसी कड़ी में एक नया अध्याय लक्ष्य सेन ने जोड़ा है। जूनियर एशियाई चैंपियनशिप में लक्ष्य ने मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन थाईलैंड के कुनलावुत वितिदसर्न को हराकर इतिहास रच दिया। वे ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय बने। उनसे पहले 1965 में गौतम ठक्कर और 2012 में पीवी सिंधू ने इस टूर्नामेंट में सोना जीता था। लक्ष्य के इस प्रदर्शन ने भारत के लिए एक और उम्दा शटलर तैयार होने की संभावना बन गई है। सेन जूनियर एकल में अंडर-13, अंडर-17 और अंडर-19 का खिताब जीतकर दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी बन चुके हैं।

विरासत में मिला खेल

उत्तराखंड के अल्मोड़ा के इस युवा शटलर का बचपन ही दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ियों के बीच बीता है। लक्ष्य के पिता डीके सेन भारत के नामी बैडमिंटन कोच हैं। सेन के भाई भी बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। इससे यह कहा जा सकता है कि उन्हें बैडमिंटन विरासत में मिला है। वहीं उन्होंने प्रकाश पादुकोण और विमल कुमार से प्रशिक्षण लिया है। विमल का कहना है कि लक्ष्य अपने नाम के मुताबिक सिर्फ लक्ष्य पर ध्यान लगाते हैं। वे बिना देखे स्मैश नहीं लगाते। साथ ही उन्होंने कहा कि लक्ष्य के खेल में प्रकाश की झलक दिखती है। एक सक्षात्कार में तो विमल ने यह भी कहा था कि लक्ष्य भले ही नेट पर थोड़े धीमे हैं लेकिन उनका फुटवर्क सैयद मोदी की याद दिलाता है।

प्रकाश पादुकोण की याद दिलाते हैं सेन

सेन की यह जीत प्रकाश पादुकोण की याद दिलाती है। 46 साल पहले 1971 की राष्ट्रीय चैंपियनशिप में प्रकाश ने भी महज 16 साल की उम्र में लड़कों के जूनियर एकल और पुरुष एकल में जीत दर्ज कर इतिहास रचा था। तब वे राष्ट्रीय खेलों में पहुंचने वाले सबसे युवा खिलाड़ी थे। उन्होंने सुरेश गोयल और रोमेन घोष को पीछे छोड़ा था। उनका यह रेकार्ड लक्ष्य सेन ने तोड़ा। हालांकि सेन इसमें जीत हासिल नहीं कर सके जबकि पादुकोण राष्ट्रीय विजेता बने थे।

भारत के लिए प्रकाश हैं लक्ष्य

जूनियर बैडमिंटन रैंकिग में अभी नौवें स्थान पर काबिज लक्ष्य में वह हर काबिलियत है जो उन्हें तेज-तर्रार शटलर बनाती है। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं में कमाल का प्रदर्शन किया है। उन्हें प्रकाश और विमल प्रशिक्षण दे रहे हैं और यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि वे दोनों मिलकर एक नया प्रकाश पादुकोण देश को देंगे।

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