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सुनील गावस्कर ने बताई भारत के ICC टूर्नामेंट नहीं जीतने की वजह, कहा- हमेशा जल्दी में रहते हैं ऋषभ पंत

सुनील गावस्कर ने कहा कि 2013 से पहले हमने जब भी आईसीसी टूर्नामेंट्स जीते तब हमारे पासे ऐसे बल्लेबाज थे जो गेंदबाजी कर सकते थे और ऐसे बॉलर थे जो बैटिंग कर सकते थे। उन्होंने सुरेश रैना और युवराज सिंह के उदाहरण भी दिए।

Team India | ICC Tournaments | All Rounders
टीम इंडिया ने 2013 के बाद से कोई भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीता है। (सोर्स- ट्विटर/बीसीसीआई)

टीम इंडिया (Team India) ने साल 2013 में आखिरी बार आईसीसी (ICC) का कोई बड़ा टूर्नामेंट जीता था। भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उसके बाद से अब तक एक भी आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीतने का बताया है। सुनील गावस्कर ने भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच पहले वनडे के बाद एक निजी न्यूज चैनल पर अपने विचार व्यक्त किए। पहले वनडे में मेहमान टीम 31 रन से हार गई थी।

पहले वनडे में साउथ अफ्रीका (South Africa) ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी चुनी थी। उसने 50 ओवर में 4 विकेट पर 296 रन बनाए। कप्तान टेम्बा बावुमा (110) और रॉसी वैन डेर डूसेन (129) ने शतक बनाए। जवाब में, भारत ने शिखर धवन (79) और विराट कोहली (51) की मदद से एक विकेट पर 138 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद तेजी से विकेट खोने के कारण मैच साउथ अफ्रीका के पाले में चला गया। भारत ने श्रेयस अय्यर (17), ऋषभ पंत (16), वेंकटेश अय्यर (2) और रविचंद्रन अश्विन (7) के जल्दी-जल्दी विकेट खो दिए।

सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने कहा कि 2013 से भारत के आईसीसी टूर्नामेंट नहीं जीतने का कारण टीम में ऑलराउंडर्स की कमी है। यही नहीं, गावस्कर ने भारतीय विकेटकीपर ऋषभ पंत की उस बड़ी कमी को बताया जिसके कारण उनके प्रदर्शन में निरंतरता नहीं बनी रह पाती है। गावस्कर ने कहा कि 1983 वर्ल्ड कप, 1985 वर्ल्ड चैंपियनशिप और 2011 वर्ल्ड कप और 2013 चैंपियंस ट्रॉफी की भारतीय टीम में ढेर सारे ऑलराउंडर थे।

भारत के पूर्व कप्तान ने यह भी कहा कि अतीत में भारतीय टीमों के पास ऐसे बल्लेबाज थे जो गेंदबाजी कर सकते थे और ऐसे गेंदबाज थे जो बल्लेबाजी कर सकते थे। उन्होंने युवराज सिंह, सुरेश रैना (Suresh Raina) का उदाहरण दिया जो बीच के ओवर्स में गेंदबाजी कर सकते थे और टीम को महत्वपूर्ण सफलता भी दिला सकते थे। दिलचस्प बात यह है कि युवराज ने अपने हरफनमौला कौशल के लिए 2011 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था।

सुनील गावस्कर ने एक फैन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, कई बल्लेबाज थे जो गेंदबाजी कर सकते थे और कई गेंदबाज थे, जो बल्लेबाजी कर सकते थे। छह, 7 और 8 नंबर पर हरफनमौला खिलाड़ियों की आवश्यकता होती है जो इन सभी विजयी टीमों के पास थे। युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी बल्लेबाजी और गेंदबाजी अच्छे से कर सकते थे। पिछले दो या तीन वर्षों में भारतीय टीम में यही एक कमी है। इसी के चलते कप्तान के पास कई विकल्प नहीं हैं और टीम में लचीलेपन की कमी है।

गावस्कर ने ऋषभ पंत (Rishabh Pant) के लिए कहा, उनके पास इतनी क्षमता है कि यदि वह धीमी भी शुरुआत करें तो बाद में वह तेजी से रन बना सकते हैं। उनको धीरज रखना चाहिए। उनकी समस्या सिर्फ शॉट सेलेक्शन की है। जब उनकी शॉट सेलेक्शन सही हो जाएगी, तो उनकी निरंतरता भी बढ़ जाएगी। अभी वह हमेशा जल्दबाजी में होते हैं। उनको लगता है कि फटाफट मैच खत्म करो, लेकिन जब आपके सामने 300 का लक्ष्य होता है तो फटाफट मैच खत्म नहीं हो सकता है। उसके लिए आपको 50 या 45 ओवर खेलने ही होंगे।

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