ताज़ा खबर
 

Koffee with Karan: विवाद पर बेटे के बचाव में उतरे हार्दिक पंड्या के पिता, भज्‍जी ने क्रिकेटर्स को लगाई लताड़

हार्दिक पंड्या के पिता हिमांशु पंड्या का कहना है कि उनके बेटे की मंशा किसी को आहत करने की नहीं थी और जो भी उसने कहा वो सिर्फ ऑडियंस को इंटरटेन करने के उद्देश्य से कहा था।

Author January 12, 2019 12:08 PM
कॉफी विद करन के एक शो में हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की टिप्पणियों पर हुआ विवाद। (image source-Karan Johar/Instagram)

Koffee with Karan शो के दौरान हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। दोनों खिलाड़ियों को फिलहाल सस्पेंड कर दिया गया है और दोनों खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया से भी वापस बुला लिया गया है। दोनों खिलाड़ियों के खिलाफ बोर्ड ने जांच शुरु कर दी है और जांच पूरी होने तक दोनों खिलाड़ी टीम से बर्खास्त रहेंगे। माना जा रहा है कि दोनों खिलाड़ी मौजूदा ऑस्ट्रेलिया सीरीज के साथ-साथ आगामी न्यूजीलैंड दौरे से भी बाहर रह सकते हैं। कई पूर्व खिलाड़ियों ने भी दोनों खिलाड़ियों की टिप्पणियों पर आपत्ति जतायी है। वहीं दूसरी तरफ हार्दिक पंड्या के पिता अपने बेटे के बचाव में उतर गए हैं।

हार्दिक पंड्या के पिता हिमांशु पंड्या का कहना है कि उनके बेटे की मंशा किसी को आहत करने की नहीं थी और जो भी उसने कहा वो सिर्फ ऑडियंस को इंटरटेन करने के उद्देश्य से कहा था। मिड डे के साथ बातचीत करते हुए हिमांशु पंड्या ने कहा कि ‘मुझे नहीं लगता कि लोगों को उसकी टिप्पणियों पर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। यह एक मनोरंजक शो था और उसने ये बातें हल्के मिजाज में कहीं थी। वह सिर्फ शो की ऑडियंस को एंटरटेन करने की कोशिश कर रहा था। इसलिए उसके बयानों को बहुत गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। वह एक मासूम और मजाकिया लड़का है।’

वहीं भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने हार्दिक पंड्या और केएल राहुल की शो के दौरान की गई टिप्पणियों पर कड़ी आपत्ति जतायी है। हरभजन दोनों क्रिकेटर्स से इतने नाराज हैं कि उनका कहना है कि वह दोनों खिलाड़ियों के साथ एक टीम बस में भी बैठना पसंद नहीं करेंगे। इंडिया टुडे के साथ बातचीत में हरभजन ने कहा कि “देखिए, बैन दो मैच या तीन मैच का हो सकता है। लेकिन इससे कुछ नहीं बदलेगा। उनकी खिलाड़ियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। वो अपनी टीम के साथियों का भरोसा खो चुके हैं। यदि वह आएं और किसी पार्टी में आपके बराबर में खड़े हो जाएं, तो क्या आप उनके बराबर में खड़ा होना चाहेंगे? मैं इन दोनों के साथ एक टीम बस में सफर कर रहा हूं और उसमें मेरी बेटी और पत्नी भी हैं तो मैं उस टीम बस में सफर नहीं करूंगा। वो लोग कैसा मसहूस करेंगे? आप महिलाओं को सिर्फ एक एंगल से देखते हैं? यह ठीक नहीं है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App