महिलाओं की 1500 मीटर की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी और राष्ट्रीय खेलों की रजत पदक विजेता केएम दीक्षा डोप जांच में विफल हो गई हैं। 27 साल की दीक्षा ने इस साल अप्रैल में सिर्फ एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वह एक प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाई गई हैं। यह पदार्थ किस तरह का था और उनकी जांच की और जानकारी का पता नहीं चला है।
एक भरोसेमंद सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘हां, यह पुष्टि हो गई है कि वह डोप जांच में विफल हो गई हैं।’ इस बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी। दीक्षा ने हाल ही में रांची में हुए फेडरेशन कप में हिस्सा नहीं लिया था, जो ग्लास्गो में 2026 राष्ट्रमंडल खेल (23 जुलाई से दो अगस्त) के लिए चुने जाने वाले खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य टूर्नामेंट था।
दीक्षा ने 1500 मीटर रेस चार मिनट 25.74 सेकंड पूरा किया था
भारतीय खेल महासंघ (AFI) ने 13 जून को होने वाली इंडियन एथलेटिक्स सीरीज के लुधियाना चरण के दौरान अपनी स्पर्धा में राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालीफिकेशन मानक हासिल करने के लिए योग्य एथलीट को एक और मौका दिया। नाडा के पंजीकृत जांच पूल की एथलीट दीक्षा ने पांच अप्रैल को जयपुर में इंडियन ओपन एथलेटिक्स सीरीज दो में 1500 मीटर रेस जीतने के लिए चार मिनट 25.74 सेकंड का समय निकाला था।
भारत अभी अयोग्य एथलीटों की सूची में शीर्ष पर
दीक्षा की टाइमिंग भी एएफआई द्वारा तय राष्ट्रमंडल खेलों के क्वालिफाइंग मानक के तौर पर तय 4:05.09 सेकंड से काफी बाहर थी। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड 4:04.78 है, जो उन्होंने मई 2024 में बनाया था। भारत अभी अयोग्य एथलीटों की एथलेटिक्स इंटीग्रिटी इकाई (एआईयू) की सूची में शीर्ष पर है, जिसमें मई 2026 के आखिर तक 154 एथलीटों को निलंबित किया गया, जो कीनिया के 147 और रूस के 65 की तुलना में काफी ज्यादा है।
अब डोपिंग बनेगा अपराध
भारत सरकार खेलों में डोपिंग के खिलाफ कानून को और सख्त बनाने की तैयारी में है। प्रस्तावित संशोधनों में प्रतिबंधित पदार्थों की तस्करी, अवैध बिक्री और खिलाड़ियों को डोपिंग के लिए पदार्थ देने जैसी गतिविधियों को अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। पूरी खबर पढ़ें।
