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कीनिया के जिडियोन ने जीती मुंबई मैराथन

कीनियाई पेसमेकर जिडियोन किप्केटेर ने रविवार को यहां आयोजित 13वीं स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुंबई मैराथन नए कोर्स रिकार्ड के साथ जीत ली।

Author मुंबई | January 18, 2016 1:16 AM
दो घंटे आठ मिनट और 35 सेकेंड का समय निकाल बनाया नया रेकार्ड

कीनियाई पेसमेकर जिडियोन किप्केटेर ने रविवार को यहां आयोजित 13वीं स्टैंडर्ड चार्टर्ड मुंबई मैराथन नए कोर्स रिकार्ड के साथ जीत ली। इस मैराथन में अफ्रीकी धावकों का दबदबा रहा। पेस सेटर के तौर पर शुरुआत करने वाले किप्केटेर ने मैराथन पूरी करने का फैसला लिया। उन्होंने दो घंटे आठ मिनट और 35 सेकेंड का समय निकालकर 2013 में युगांडा के जैकसन किपरोप का बनाया दो घंटे नौ मिनट और 32 सेकंड का रिकार्ड तोड़ा। उन्हें जीत के साथ 56 हजार डालर मिले। इसमें रेकार्ड तोड़ने पर मिलने वाला 15 हजार डॉलर का बोनस भी शामिल है। इथियोपिया के सेबोका दिबाबा दूसरे और कीनिया के मारियस किमुताइ तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में इथियोपिया की शुको जिनेमो ने दो घंटे 27 मिनट और 50 सेकेंड का समय निकालकर खिताब जीता। कीनिया की बोर्नेस कितुर दूसरे और वेलेंटाइन किप्केटेर तीसरे स्थान पर रहीं।

भारत के पुणे स्थित सैन्य खेल संस्थान के नितेंद्र सिंह रावत और गोपी टी ने चार साल पुराना दो घंटे 16 मिनट और 59 सेकेंड का घरेलू रेकार्ड तोड़ा। रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके रावत दो घंटे 15 मिनट और 48 सेकेंड का समय निकालकर 10वें स्थान पर रहे। वहीं केरल के गोपी उनसे एक स्थान पीछे रहे जिन्होंने दो घंटे 16 मिनट और 15 सेकेंड का समय निकाला। खेता राम 15वें स्थान पर रहे।

महिलाओं में सुधा सिंह 2:39:28 का समय निकालकर सातवें स्थान पर रहीं जबकि ललिता बाबर और ओपी जैशा क्रमश: दसवें और 11वें स्थान पर रहीं। तीनों रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। लेकिन ललिता और जैशा ने रविवार को फिर कहा कि वे 42 किलोमीटर की दौड़ में हिस्सा नहीं लेंगी हालांकि सुधा ने कहा कि वह कोच निकोलाइ स्नेसारेव की राय मानेगीं।

जैशा ने कहा,‘यह मेरी आखिरी मैराथन है। मैं रियो में 1500 मीटर और 5000 मीटर के लिए क्वालीफाई करने की कोशिश करुंगी।’ वहीं ललिता ने कहा, ‘मैं सिर्फ 3000 मीटर स्टीपलचेस पर फोकस कर रही हूं। मैराथन में दौड़ने से मुझे फायदा मिलेगा।’ सुधा ने कहा कि वह बेलारूस के अपने कोच की राय पर अमल करेंगी। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो साल से मैं मैराथन के लिए अभ्यास कर रही हूं। मैंने एक साल से स्टीपलचेस में हिस्सा नहीं लिया क्योंकि मुझे क्वालीफाई करने का यकीन हैं। मुझे लगता है कि मुझे कोच की राय माननी चाहिए।’ स्वाति गढावे, कविता राउत और ज्योति गवाते क्रमश: 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहीं।

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