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कपिल देव से गेंद छीन मदनलाल ने फेंका था ओवर, विव रिचर्ड्स का विकेट ले भारत को बनाया था वर्ल्ड चैंपियन; कपिल शर्मा के शो में किया था खुलासा

बता दें कि उसी ओवर में मदनलाल की गेंद पर कपिल देव ने विव रिचर्ड्स का कैच पकड़ लिया। रिचर्ड्स का विकेट गिरने के बाद ही मैच का रुख पलट गया और इतिहास रच गया। भारतीय क्रिकेट टीम पहली बार वर्ल्ड चैंपियन जो बन गई थी।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: December 9, 2020 8:03 AM
Kapil Dev Madan Lal Kapil Sharma The Kapil Sharma Showकपिल देव ने कॉमडेयिन कपिल शर्मा के शो में मदन लाल के गेंद छीनने वाली घटना सुनाई थी।

भारतीय क्रिकेट टीम कपिल देव की कप्तानी में 1983 में पहली बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी। उस वर्ल्ड कप फाइनल में कपिल देव द्वारा विवियन रिचर्ड्स के लिए गए कैच की आज भी चर्चा होती है। कपिल ने मदनलाल की गेंद पर विवियन रिचर्ड्स का कैच पकड़ा था। हालांकि, शायद ही लोगों को मालूम हो कि मदनलाल ने वह ओवर कपिल देव के हाथ से गेंद छीनकर फेंका था। कॉमेडियन कपिल शर्मा के शो में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने खुद यह खुलासा किया था।

कपिल शर्मा के शो ‘द कपिल शर्मा सीजन 2’ (The Kapil Sharma Show Season 2) के एक एपिसोड में 1983 की वर्ल्ड कप विजेता टीम भी पहुंची थी। शो के दौरान खास यह था कि उस दिन ‘हॉट सीट’ नवजोत सिंह सिद्धू की जगह हरभजन सिंह ने संभाल रखी थी। शो में मौजूद वर्ल्ड कप विजेता यशपाल शर्मा ने कहा, ‘हरभजन एक बहुत ही रोचक कहानी है। जब बॉलिंग (1983 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत की गेंदबाजी) हो रही थी, विव रिचर्ड्स ने आते ही बहुत कुछ किया था। आते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी। ये कपिल बताएंगे कि उसके बाद मद्दी पा (मदनलाल) ने कैसे छीनकर ओवर लिया था, वह बताएंगे कप्तान हमारे।’

इस पर कपिल देव ने कहा, ‘एक कैप्टन की जिम्मेदारी होती है कि टीम को बचाकर रखे। विव रिचर्ड्स ने मेरे ओवर में 2-3 बाउंड्रीज मारी थीं। उसके बाद मदन को एक ओवर में मारा, दूसरे ओवर में भी दो बाउंड्रीज मारे। तब मैं मदन के पास गया, मैंने कहा कि मद्दी पा, ब्रेक ले लो। 2-3 ओवर के बाद वापस आ जाना। थोड़ा सा आराम ले लो। इस पर मद्दी पा अपने पंजाबी स्टाइल में आया। कपिल पा एक ओवर और देदे, ऐ मैनू अंडरइस्टीमेट करता है।’

कपिल देव ने कहा, ‘मुझे अब तक याद है कि मैंने इनसे कहा कि मद्दी पा कोई इगो नहीं है। आराम नाल। मद्दी पा ने कहा कि नहीं, ऐ ना मैनू बॉलर समझदा नहीं है। एकओवर और देदे और ये मुझसे ओवर फेंकने के लिए पंजाबी में बार-बार गेंद मांग रहे थे।’ जब कपिल ने अपनी बात पूरी की तो मदनलाल ने बताया, ‘वास्तव में हुआ क्या, मेरे को 3 ओवर में 21 रन पड़ चुके थे। मैं आया बॉलिंग करने, तो ये खड़ा बॉल लेकर। मैंने कहा ले भई गए। अब तो गया मैं। इन्ने ओवर ऊवर देना नहीं है।’

मदनलाल ने कहा, ‘इतने रन पड़ जाने के बाद कोई भी कैप्टन नहीं देगा, वह कहेगा कि किसी दूसरे को मैं ओवर कराता हूं।’ इसके बाद मदनलाल ने अपना हाथ आगे करते हुए बताया, ‘इसने हथेली पर गेंद को रखा हुआ था। मैंने 2-3 बार कपिल से बोला कि दे दे। ये ऐसे ही खड़ा था। इस पर मैंने इसके हाथ से गेंद छीनते हुए कहा कि अच्छा ला दे इधऱ।’

बता दें कि उसी ओवर में मदनलाल की गेंद पर कपिल देव ने विव रिचर्ड्स का कैच पकड़ लिया। रिचर्ड्स का विकेट गिरने के बाद ही मैच का रुख पलट गया। 1983 वर्ल्ड कप फाइनल में वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी। भारतीय टीम ने 54.4 ओवर में 183 रन पर ऑलआउट हो गई थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने 2 विकेट पर 57 रन बना लिए थे। विव रिचर्ड्स ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर रहे थे। वह 28 गेंद में 7 चौके की मदद से 33 रन बना चुके थे।

मदनलाल के उनका विकेट लेने के बाद वेस्टइंडीज का शेष बल्लेबाजी क्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया और पूरी टीम 52 ओवर में 140 रन पर ऑलआउट हो गई। शुरुआती 3 ओवर में 21 रन देने वाले मदन लाल ने उस मैच में 12 ओवर में 31 रन देकर 3 विकेट लिए थे। मोहिंदर अमरनाथ ने 7 ओवर में महज 12 रन देकर 3 विकेट लिए थे। बीएस संधू के हिस्से दो और कपिल देव के हिस्से एक विकेट आया था।

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