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दिल्ली सरकार ने खिलाड़ियों का सम्मान समारोह टाला

विश्व कप विजेताओं के साथ कुछ दूसरे क्रिकेट खिलाड़ियों को सम्मानित करने का फैसला दिल्ली सरकार को अंतिम समय में टालना पड़ा।

Author नई दिल्ली | December 6, 2015 1:46 AM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

विश्व कप विजेताओं के साथ कुछ दूसरे क्रिकेट खिलाड़ियों को सम्मानित करने का फैसला दिल्ली सरकार को अंतिम समय में टालना पड़ा। शनिवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फीरोजशाह कोटला मैदान पर विश्व कप विजेता (1983 व 2011) टीम में शामिल दिल्ली के खिलाड़ियों को दक्षिण अफ्रीका व भारत के बीच खेले जारहे चौथे टैस्ट के दौरान सम्मानित करना चाह रही थी। सम्मान समारोह तीसरे दिन का खेल शुरू होने से पहले होना था।

केजरीवाल ने दो दिन पहले भारत के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी, बिशन सिंह बेदी, मोहिंदर अमरनाथ, मदन लाल, सुनील वालसन, कीर्ति आजाद, वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, विराट कोहली और आशीष नेहरा को सम्मानित करने का एलान किया था। पटौदी की जगह उनकी पत्नी शर्मिला टैगोर को सम्मान लेने के लिए बुलाया गया था। लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। क्योंकि दिल्ली सरकार समारोह अपनी शर्तों पर करना चाह रही थी। लेकिन तो बीसीसीआइ और दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि समारोह के बाद वे खुली गाड़ी में मैदान के दो चक्कर लगाएं, लेकिन बीसीसीआइ ने ऐसा करने से मना कर दिया। बीसीसीआइ ने शनिवार को नियमों का हवाला देकर इसकी इजाजत नहीं दी। दिल्ली पुलिस ने भी सुरक्षा कारणों की वजह से दिल्ली सरकार को ऐसा करने की इजाजत नहीं दी। बीसीसीआइ ने कहा कि नियमों के मुताबिक मैच के दौरान मैदान पर इस तरह के समारोह की इजाजत नहीं दी जा सकती। ऐसा कर७ना आइसीसी के नियमों के खिलाफ होगा। बीसीसीआइ ने कहा कि हमने सरकार से कहा कि वे इस समारोह के लिए मैदान के किसी स्टैंड का इस्तेमाल कर सकती है, लेकिन सरकार मैदान के अंदर समारोह करने की जिद कर रही थी। ऐसा करना नियमों के खिलाफ था और इसकी इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती।

दिल्ली हाई कोर्ट के नियुक्त पर्यवेक्षक न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) मुकुल मुदगल ने इस मुद्दे पर पूछे सवाल पर पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राज्य सरकार के विश्व कप विजेता क्रिकेटरों को फीरोजशाह कोटला पर खेल के मैदान पर सम्मानित करने पर ‘जोर’ दिया जिसे बीसीसीआइ के निर्देशों के मुताबिक नहीं माना जा सकता था।

मुदगल ने वकील राहुल मेहरा (दिल्ली सरकार के वकील) के कई संदेश दिखाए जो केजरीवाल की ओर से उनसे बात कर रहे थे। मुदगल ने कहा कि राहुल मुझे मुख्यमंत्री के संदेश भेज रहा था क्योंकि मैंने निजी तौर पर उससे बात नहीं की। एक संदेश में लिखा था कि इस कार्यक्रम के स्थल में बदलाव नहीं किया जा सकता। मैंने जवाब दिया कि डीडीसीए बीसीसीआइ के निर्देशों से बंधा हुआ है जिन्हें बदला नहीं जा सकता।

उन्होंने कहा कि मैंने राहुल को कहा कि वैकल्पिक इंतजाम किया जा सकता है लेकिन उसने मुख्यमंत्री की ओर से वट्सऐप पर जवाब दिया, ‘नहीं सर’।मुदगल ने पत्रकारों कोसारे संदेश दिखाए जिसमें मुख्यमंत्री की ओर से राहुल द्वारा भेजा वह संदेश भी शामिल है जिसमें लिखा है- आप बास हैं। न्यायमूर्ति मुदगल ने कहा कि एक बार बीसीसीआइ ने कह दिया कि खेल शुरू होने के बाद इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती तो मुझे नियम मानने होंगे। राहुल ने साथ ही यह मांग भी की थी कि केजरीवाल को उन स्टैंड तक जाने दिया जाना जहां स्कूली बच्चे बैठे हैं और वे उनके बात करें।

दिल्ली पुलिस ने हालांकि इस पर कड़ी आपत्ति जताई कि इससे सुरक्षा को लेकर मुद्दा बन सकता है क्योंकि बच्चे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए अफरातफरी मचा सकते हैं। मुदगल के मुताबिक मुख्यमंत्री मैदान के चक्कर भी लगाना चाहते थे लेकिन बीसीसीआइ के तकनीकि निदेशक ने इसकी इजाजत नहीं दी क्योंकि यह आइसीसी नियमों के खिलाफ है। यह मैच मेरी देखरेख में हो रहा है और बीसीसीआई के निर्देश की मैं अनदेखी नहीं कर सकता। मैंने दिल्ली सरकार को सूचित ईमेल द्वारा सूचित किया कि मैं जितनी कोशिश कर सकता था मैंने की लेकिन बीसीसीआइ के नियम ही आखिरी फैसला हैं। मुदगल ने कहा कि समारोह नहीं होने का मुझे अफसोस है और मैं किसी को दोष नहीं दे रहा बल्कि समारोह होता तो मुझे बहुत खुशी होती।

दूसरी तरफ इस बात की चर्चा भी हो रही है कि केजरीवाल अपने साथ समारोह से पहले अपने 14 गाड़ियों के काफिले के साथ स्टेडियम आने वाले थे लेकिन सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देकर दिल्ली पुलिस ने उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी। दिल्ली व जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) के कोषाध्यक्ष रविंदर मनचंदा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीसीसीआइ सचिव अनुराग ठाकुर ने मेल भेजा कि वे टैस्ट के दौरान खेलने के स्थान पर किसी तरह के सम्मान समारोह की इजाजत नहीं देंगे। यह संदेश रात को करीब दस बजे मिला।

मेल में कहा गया था कि मैदान पर इस तरह के किसी भी समारोह की इजाजत देने का मतलब आइसीसी के नियमों का पालन नहीं करना होगा। सहवाग के सम्मानित किए जाने पर उनका कहना था कि यह मैच शुरू होने से पूर्व किया गया था। मैच शुरू हो जाने के बाद मैदान पर कोई समारोह नहीं हो सकता। इसके बाद कोई भी समारोह मैच खत्म होने के बाद ही किया जा सकता है। फिर हमने जो समारोह किया वह बीसीसीआइ का था। यह आइसीसी से मान्यता प्राप्त मैच के दौरान किसी तीसरे पक्ष का समारोह था, इसलिए बीसीसीआइ ने कहा कि मैदान के अंदर कुछ नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा, कि यहां तक कि ठाकुर ने कहा कि वह मैदान के बाहर किसी गैलरी में समारोह किया जा सकता है, लेकिन दिल्ली सरकार ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि इसमें डीडीसीए की कोई भूमिका नहीं है। हमने सिर्फ बीसीसीआइ का आदेश माना। हमने समारोह के लिए ‘हिल ए’ में तैयारियां की हुई थीं। लेकिन सुबह आठ बजकर 35 मिनट पर दिल्ली सरकार ने सूचित किया कि कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है। मनचंदा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने एअर टाइम की मांग की थी। आधिकारिक प्रसारणकर्ता ने नौ बजकर पांच मिनट से नौ बजकर 15 मिनट तक का उन्हें समय दे दिया था। दिल्ली सरकार ने हालांकि अभी यह साफ नहीं किया है कि इन खिलाड़ियों को वह अब सम्मानित करेगी भी या नहीं।

 

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