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Junior World Hockey Cup: अपने खर्च पर खेलने आई है दक्षिण अफ्रीका की टीम, जानिए क्‍यों?

आखिरी लीग मैच में मेजबान भारत को कड़ी चुनौती देने वाली दक्षिण अफ्रीका की हाकी टीम को ना तो यहां के समान सुविधायें मयस्सर हैं और ना ही पैसा लेकिन हाकी का जुनून है कि उनके माता पिता ने जूनियर विश्व कप में खेलने के लिये न सिर्फ उन पर खर्च किया बल्कि उनकी हौसलाअफजाई के लिये अपने खर्च पर यहां पहुंचे हैं ।

Author लखनऊ | December 14, 2016 6:06 PM
हॉकी खेलने भारत आई साउथ अफ्रीका की टीम

आखिरी लीग मैच में मेजबान भारत को कड़ी चुनौती देने वाली दक्षिण अफ्रीका की हाकी टीम को ना तो यहां के समान सुविधायें मयस्सर हैं और ना ही पैसा लेकिन हाकी का जुनून है कि उनके माता पिता ने जूनियर विश्व कप में खेलने के लिये न सिर्फ उन पर खर्च किया बल्कि उनकी हौसलाअफजाई के लिये अपने खर्च पर यहां पहुंचे हैं । दक्षिण अफ्रीका ने यहां चल रहे जूनियर हाकी विश्व कप के आखिरी लीग मैच में भारत को काफी परेशान किया हालांकि टीम 1 . 2 से हार गई लेकिन अपने खेल की छाप छोड़ी । इस टीम की हौसलाअफजाई के लिये कई खिलाड़ियों के माता पिता और बहन केपटाउन, नटाल , पोर्ट एलिजाबेथ, डरबन और जोहानिसबर्ग से यहां पहुंचे हैं । कप्तान एलेक्स स्टीवर्ट के पिता लीथ स्टीवर्ट 1978 से 1988 के बीच दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम के लिये खेल चुके हैं ।

वह अपनी पत्नी लारेन के साथ टूर्नामेंट देखने यहां पहुंचे हैं । उन्हें मेजर ध्यानचंद स्टेडियम स्थित दर्शक दीर्घा में दक्षिण अफ्रीकी टीम की जर्सी पहने ध्वज लहराते देखा जा सकता है । लारेन ने भाषा से बातचीत में कहा ,‘‘ इस टीम में सभी युवा खिलाड़ी काफी प्रतिभाशाली है लेकिन ना तो उन्हें एक्सपोजर मिलता है और ना ही पैसा । भविष्य भी अनिश्चित है । दक्षिण अफ्रीका में हाकी महासंघ है लेकिन खिलाडियों के लिये कुछ नहीं करता । यहां तक कि कोच को भी वेतन नहीं दिया जाता ।’

वहीं जोहानिसबर्ग से आये माइक पाफ का बेटा वोल्टर टीम का मुख्य स्ट्राइकर है । उन्होंने कहा ,‘‘हमारे साथ 10 और लोग अपने बच्चों के लिये यहां आये है । हमने सिर्फ अपनी यात्रा पर ही खर्च नहीं किया बल्कि अपने अपने बच्चों की यात्रा पर भी खर्च किया है । हाकी के लिये हमारा लगाव हमें यहां तक ले आया है ।’

लीथ ने कहा कि हाकी इंडिया लीग के चलते दक्षिण अफ्रीका में अब खेल लोकप्रिय हो रहा है लेकिन अभी काफी प्रयास किये जाने बाकी हैं ।
उन्होंने कहा ,‘‘ दक्षिण अफ्रीका में क्रिकेट और रग्बी का क्रेज है लेकिल अब हाकी भी लोकप्रिय हो रहा है । हाकी इंडिया लीग का प्रसारण होने से इसकी लोकप्रियता बढी है । बच्चों को खेल के साथ सुरक्षित भविष्य भी मिलना जरूरी है । इन बच्चों ने टूर्नामेंटों के बिना और विदेश में अभ्यास के बिना इतनी तैयारी की है । इन्हें प्रोत्साहन मिलने पर ये बड़ी टीमों को चौका सकते हैं । भारत के खिलाफ इनका प्रदर्शन शानदार था ।’

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