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IND vs SA: भारतीय स्पिनरों के आगे घनचक्‍कर हुए दक्षिण अफ्रीकी बल्‍लेबाज, जेपी डुमिनी ने निकाला ये उपाय

जेपी डुमिनी ने कहा, ‘‘हममें से कई युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की गुगली का सामना नहीं कर सके। उन्होंने इतनी अच्छी गेंदबाजी की कि हम अपना स्वाभाविक खेल नहीं दिखा पाए। हमें उनके खिलाफ नए सिरे से रणनीति बनानी होगी।"

Author केपटाउन | February 8, 2018 2:18 PM
दक्षिण अफ्रीकी टीम के बल्लेबाज जेपी डुमिनी। (File Photo)

वनडे श्रृंखला में युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव की गेंदों का सामना नहीं कर पा रही दक्षिण अफ्रीकी टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज जेपी डुमिनी ने कहा है कि उन्हें इन दोनों स्पिनरों के खिलाफ नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। तीसरे वनडे में जीत के लिए 304 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीकी टीम 40 ओवर में 170 रन पर आउट हो गई। चहल और यादव ने चार चार विकेट लिए। डुमिनी ने कहा, ‘‘हममें से कई उनकी गुगली का सामना नहीं कर सके। उन्होंने इतनी अच्छी गेंदबाजी की कि हम अपना स्वाभाविक खेल नहीं दिखा पाए। हमें उनके खिलाफ नए सिरे से रणनीति बनानी होगी। उन्होंने हमें हर विभाग में उन्नीस साबित किया।’’ उन्होंने कहा कि श्रृंखला में अभी तीन मैच बाकी है और वे चौथे मैच से पहले इस पर गंभीर विचार करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘एक योजना होनी जरूरी है। हम चौथे मैच से पहले आत्ममंथन करेंगे। हम उनके स्पिनरों को नहीं खेल पा रहे हैं।’’ डुमिनी ने कहा, ‘‘हमें उनका तोड़ निकालना होगा। जब आप उनकी ढीली गेंदों को भी नहीं खेल पा रहे तो इसका मतलब है कि आप सहज नहीं हैं। एक बार सहज होने पर आप आत्मविश्वास के साथ खेल सकते हैं।’’ भारतीय कप्तान विराट कोहली ने नाबाद 160 रन बनाए जो वनडे क्रिकेट में उनका 34वां शतक है। डुमिनी ने कहा कि कोहली अलग ही लीग में हैं और दक्षिण अफ्रीका के गेंदबाजों को उनके बल्ले पर अंकुश लगाने के लिए अलग तरीके से सोचना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘वह दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से हैं। आपको उनके खिलाफ एक भी मौका नहीं छोड़ना चाहिए। हमने मौके बनाए लेकिन उन्हें भुना नहीं सके।’’ वहीं दूसरी तरफ, भारतीय कप्तान विराट कोहली का कहना है कि यदि आक्रामकता चली गई तो पता नहीं वह क्या करेंगे। कोहली ने अपने वनडे कैरियर का 34वां शतक जमाकर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में भारत को 124 रन से जीत दिलाई। कोहली ने मैच के बाद कहा, ‘‘मैं इस साल 30 बरस का हो जाऊंगा और 34-35 की उम्र में भी इसी तरह खेलना चाहूंगा। यही वजह है कि मैं इतनी वर्जिश करता हूं क्योंकि मुझे आक्रामक क्रिकेट खेलना पसंद है। अगर यही नहीं रहा तो पता नहीं मैं मैदान पर क्या करूंगा।’’

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