ताज़ा खबर
 

India vs England 3rd Test: जसप्रीत बुमरा ने खोला सफलता का राज, व्‍हाइट और रेड बॉल से बॉलिंग करने का तरीका भी बताया

भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच में दौरान दूसरी पारी में 10 रन देकर तीन विकेट लेने वाले बुमराह ने कहा कि कुछ भी आसान नहीं है। कैमरे से अलग हम जो कड़ी मेहनत करते हैं, इस तरह का परिणाम उसी का नतीजा है।

भारतीय क्रिकेट खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह (Photo: Reuters)

भारत आैर इंग्लैंड के बीच पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में तीसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ी व तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने शानदार गेंदबाजी की। नॉटिंघम के ट्रेंट ब्रिज में दूसरी पारी के दौरान 10 गेंद में 3 विकेट लेकर मैच को भारत के कब्जे में ला दिया। चौथे दिन का खेल खत्म होने पर इंग्लैंड की टीम के पास मात्र एक विकेट बचे हैं और जीत के लिए 210 रन बनाने हैं। मैच लगभग भारत के कब्जे में है। इस शानदार गेंदबाजी के बाद बुमराह ने अपनी सफलता का राज बताया। साथ ही उन्होंने व्‍हाइट और रेड बॉल से बॉलिंग करने का तरीका भी बताया। बता दें कि चोटिल होने की वजह से वे पहले दो टेस्ट मैचों में नहीं खेल पाए थे।

24 वर्षीय बुमराह अपने इंटरनेशनल कैरियर का चौथा टेस्ट खेल रहे हैं। इसके बावजूद उनका टी-20 और टेस्ट खेल को लेकर प्लान स्पष्ट है। बुमराह का कहना है कि, “व्हाइट बॉल क्रिकेट में चीजें बदल जाती है। आप वहां आप अपनी चालाकी से बल्लेबाज को मात देते हैं। वहीं, टेस्ट क्रिकेट में रेड बॉल से बाॅलिंग की वजह से सफलता स्थिरता और धैर्य पर निर्भर करता है। मैने अपने खेल के दौरान इसी बात पर फोकस किया। मैं शुरू से ही बल्लेबाजों को गुड लाइन और लेंथ से चुनौती देने की सोच रहा था। अंत में यह एक अच्छा दिन साबित हुअा। मुझे एक मुकाम मिला।” बटलर के लगातार स्टोक्स लगाने के बावजूद वे अपनी गेंदबाजी की योजना से पीछे नहीं हटे।

मैच की दूसरी पारी में जोस बटलर और बेन स्टोक्स की साझेदारी ने इंग्लैंड की जीत की उम्मीदों को बनाए रखा था। दोनों बल्लेबाजों के बीच 150 से अधिक रनों की साझेदारी हुई। लेकिन 83वें ओवर में बुमराह दूसरी नई गेंद से गेंदबाजी की और जोस बटलर को एलबीडब्लू आउट कर दिया। भारत की जीत को आसान बना दिया। बुमराह ने उसने दूसरी नई गेंद के साथ इन दोनों की जोड़ी को तोड़ दिया।

 

बुमराह ने कहा कि, “मैंने जोस बटलर के साथ आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए एक साथ खेला है। इसलिए मैंने नेट में उन्हें थोड़ी सी गेंदबाजी की है, लेकिन ज्यादा कुछ नहीं। यह हमेशा एक दिलचस्प प्रतियोगिता है क्योंकि वे एक हमलावर खिलाड़ी है। अगर उन्हें अच्छी शुरुआत मिलती है, तो वे आगे बढ़ते रहते हैं और इससे समस्याएं पैदा हो सकती है। मैंन उन्हें आईपीएल में और नेट में भी दो-तीन बार आउट किया था। मेरे पास एक योजना थी। मैं उसी पर फोकस कर रहा था। कुछ भी आसान नहीं है। कैमरे से अलग हम जो कड़ी मेहनत करते हैं, इस तरह का परिणाम उसी का नतीजा है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App