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विश्व टैस्ट चैंपियनशिप : भारत बनाम न्यूजीलैंड: गेंदबाजों की मददगार पिच पर किसकी चलेगी बादशाहत

भारतीय टीम ने 24 सदस्यीय दल में नौ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। न्यूजीलैंड ने अपने चार शीर्ष तेज गेंदबाजों को जगह दी है। एक तरफ ईशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह भारत की अगुआई करेंगे तो न्यूजीलैंड की टीम में टिम साउदी, ट्रेन बोल्ट, नील वैगनर और डग ब्रेसवेल शामिल हैं।

भारतीय क्रिकेटर जसप्रीत बुमराह, ईशांत वर्मा और मोहम्मद शमी।

आइसीसी विश्व टैस्ट चैंपियनशिप फाइनल में एक महीने से कम समय रह गया है। न्यूजीलैंड की टीम इंग्लैंड पहुंच चुकी है और उसे वहां अभ्यास के लिए पर्याप्त मौके मिलने वाले हैं। भारतीय क्रिकेटर मुंबई में एकांतवास पर हैं और उन्हें इस इंग्लैंड की पिच को परखने का मौका नहीं मिलेगा। ऐसे में वे बल्ले और गेंद से ज्यादा मानसिक अभ्यास पर ध्यान दे रहे होंगे। यहां की पिच गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। मौसम ने साथ दिया तो बल्लेबाजों को भी हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। विश्व मुकाबला दो दिग्गज टीमों के गेंदबाजों और बल्लेबाजों की परीक्षा के लिए उम्दा मंच साबित होगा।

भारतीय टीम ने 24 सदस्यीय दल में नौ तेज गेंदबाजों को शामिल किया है। न्यूजीलैंड ने अपने चार शीर्ष तेज गेंदबाजों को जगह दी है। एक तरफ ईशांत शर्मा, उमेश यादव, मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह भारत की अगुआई करेंगे तो न्यूजीलैंड की टीम में टिम साउदी, ट्रेन बोल्ट, नील वैगनर और डग ब्रेसवेल शामिल हैं। दोनों टीमों में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है। पांच दिवसीय खेल हमेशा से धैर्य और हुनर के प्रदर्शन का मंच रहा है और भारत के गेंदबाज इस मामले में काफी परिपक्व नजर आते हैं। चूंकि मैच तटस्थ स्थल पर खेला जाएगा, इसलिए अनुभव काफी मायने रखता है। भारतीय इस मामले में न्यूजीलैंड पर बीस दिख रहे हैं।

इंग्लैंड की धरती पर खेले गए मुकाबलों की बात करें तो भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड के मुकाबले करीब 25 फीसद ज्यादा विकेट लिए हैं। शीर्ष चार गेंदबाजों ने यहां कुल 24 टैस्ट खेले हैं। इसमें से ईशांत ने 12 टैस्ट में 43 विकेट, शमी ने आठ टैस्ट में 21 विकेट, बुमराह ने तीन टैस्ट में 14 विकेट और उमेश ने एक टैस्ट में तीन विकेट लिए हैं। वहीं शीर्ष चार किवी गेंदबाजों ने कुल 12 टैस्ट खेले हैं। इसमें बोल्ट के नाम चार टैस्ट में 21 विकेट, साउदी के नाम पांच टैस्ट में 20 विकेट, वैगनर दो टैस्ट में सात विकेट और ब्रेसवेल के नाम एक टैस्ट में एक विकेट है। किवी गेंदबाजों के पास भारत से 50 फीसद कम मैचों का अनुभव है। हालांकि उनके देश और इंग्लैंड की पिच में थोड़ी बहुत समानताएं हैं। ऐेसे में कम अनुभव के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों के सतर्क रहने की जरूरत है।

अब बात बल्लेबाजों की। बगैर रन बनाए किसी भी टीम के गेंदबाजों से कमाल की उम्मीद रखना बेईमानी होगी। दोनों टीम के बल्लेबाजों ने बीते कुछ समय में उम्दा प्रदर्शन किया है। हालांकि बल्लेबाजी क्रम के निरंतरता की बात करें तो इसमें भारतीय टीम पीछे दिख रही है। मैच में हमेशा उम्मीद शीर्ष के चार-पांच बल्लेबाजों से होती है। और भारत का यह बल्लेबाजी क्रम बहुत बेहतर खेल नहीं दिखा पाया है। मध्यक्रम के बल्लेबाजों की स्थिति जो ज्यादा खराब है। न्यूजीलैंड की टीम ने जनवरी 2018 से 22 टैस्ट खेले हैं। इसमें उन्होंने अपने शीर्ष से छठे क्रम तक कुल 12 बल्लेबाजों को आजमाया है। उसने कई मौके पर ऐसे बल्लेबाजों को ऊपर भेजा जो निचले क्रम में खेलते हैं। वहीं भारत ने इस दरम्यान 32 मैच खेले और इसी क्रम में 20 खिलाड़ियों की अदला-बदली की।

किसी भी मुकाबले में मैच को स्थिर और बड़े स्कोर तक पहुंचाने में मध्यक्रम का योगदान होता है। भारतीय मध्यक्रम काफी समय से उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाया है। सलामी बल्लेबाजों की बात करें तो भारत ने इसमें कई बार फेरबदल किया है। जनवरी 2018 से अब तक 13 मैचों में मयंक और राहुल ने इस जिम्मेदारी के संभाला है। लेकिन इसके अलावा रोहित ने 11, शुभमन गिल ने सात, पृथ्वी साव ने पांच, शिखर धवन ने छह, मुरली विजय ने आठ, हनुमा विहारी और पार्थिव पटेल ने एक-एक बार ओपनिंग की है। टैस्ट मैचों में अभी भी भारत की सलामी जोड़ी तय नहीं है। वहीं मध्यक्रम में अकसर चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे क्रमवार उतरते हैं। कप्तान विराट नवंबर 2019 से कोई भी शतक नहीं जमा पाए हैं।

दूसरी तरफ न्यूजीलैंड ने एक जनवरी 2018 से अब तक सलामी बल्लेबाज के तौर पर सिर्फ चार खिलाड़ियों को आजमाया है। इस दौरान खेले गए 22 मैचों में एक छोर से टॉम लैथम ने जिम्मेदारी संभाली है। इसके अलावा जीत रावल ने 14, थॉमस ब्लंडेल ने सात और विल यंग ने एक मैच में ओपनिंग की है। इससे यह साफ है कि भारत के मुकाबले न्यूजीलैंड की टीम में सलामी बल्लेबाजों को लेकर काफी स्थिरता है। वहीं नंबर तीन पर तीन साल से उसके कप्तान केन विलियमसन का कब्जा है। चार पर रॉस टेलर और पांच पर हेनरी निकोलस 20 से ज्यादा मैचों में टीम की अगुआई कर चुके हैं।

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