रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रचने वाली जम्मू-कश्मीर की टीम के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार (28 फरवरी) को 2 करोड़ रुपये का नकद इनाम देने का ऐलान कर दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया पर खिताब जीतने के तुरंत बाद घोषणा की कि खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ दोनों को इनाम दिया जाएगा। इसके अलावा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी देने की भी बात कही गई है।
जम्मू-कश्मीर सरकार के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कहा गया, ‘रणजी ट्रॉफी में ऐतिहासिक जीत पर जम्मू-कश्मीर टीम को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कर्नाटक पर अपने घरेलू मैदान पर शानदार जीत के बाद खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए 2 करोड़ रुपये के नकद इनाम की घोषणा की। इसे जम्मू और कश्मीर क्रिकेट के लिए एक अहम पल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे इलाके को गर्व और प्रेरणा से भर दिया है। खिलाड़ी हाल ही में उतकृष्ट खिलाड़ियों के लिए लाए गए नियमों के तहत सरकारी नियुक्तियों के भी हकदार होंगे।’
कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा का शतक
उमर अब्दुल्ला शनिवार को जम्मू-कश्मीर और कर्नाटक के बीच रणजी फाइनल भी देखने पहुंचे थे। चौथे दिन नाबाद लौटे कामरान इकबाल और साहिल लोत्रा ने पांचवें दिन शतक जड़ा। लोटरा के शतक पूरा होने के पांच मिनट बाद जम्मू-कश्मीर ने पारी घोषित कर दी। उन्हें उस नियम का फायदा मिला जिसमें कहा गया कि दोपहर 2.10 तक पारी घोषित करने पर टीम को जीत दी जाएगी। जम्मू-कश्मीर की बढ़त 600 से ज्यादा की हो गई थी।
मिथुन मन्हास की अहम भूमिका
जम्मू-कश्मीर के कप्तान पारस डोगरा को रणजी ट्रॉफी दी गई और उन्होंने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट संघ और अपने सभी 15 खिलाड़ियों के ग्रुप के शुक्रगुजार हैं, जिन्होंने मैच के अलग-अलग स्टेज पर अपना योगदान दिया। बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने 2021 में जेकेसीए को मजबूत बनाने की नींव रखने और अपने सीनियर अजय शर्मा को कोच के तौर पर बुलाने में अहम भूमिका निभाई थी।
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