जय मूंद्रा अपने रनअप की शुरुआत में भीतर के शोर को शांत करने और अपनी लय पर भरोसा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन एक बार दौड़ते ही सब कुछ स्वाभाविक हो गया और उनके लिये पहली गेंद पर विकेट लेना अविश्वसनीय अनुभव रहा। मूंद्रा का असाधारण सफर किसी भी तरह से पारंपरिक या आसान नहीं रहा है।

राजस्थान के टोंक से आने वाले बाएं हाथ के मध्यम गति के गेंदबाज मूंद्रा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने करियर की स्वप्निल शुरुआत की। हालांकि, इंटेल की नौकरी की छोड़कर क्रिकेट को अपनाने वाले मूंद्रा का करियर अधर में है। फिलहाल वह वर्क परमिट पर आयरलैंड में रहते हैं, जो समाप्त होने वाला है।

कॉरपोरेट करियर को छोड़कर क्रिकेट को अपनाया

बेलफास्ट में शुक्रवार (26 जून) को खेले गए पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने आयरलैंड की ओर से अपने अंतरराष्ट्रीय करियर की पहली ही गेंद पर भारत के दिग्गज संजू सैमसन को बोल्ड कर टीम की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाई। जय मूंद्रा के लिए यह विकेट केवल एक प्रतिष्ठित बल्लेबाज का विकेट नहीं था, बल्कि उससे कहीं अधिक भावनात्मक और व्यक्तिगत महत्व रखता था। यह उस साहसिक निर्णय की पुष्टि थी, जिसमें उन्होंने एक सुरक्षित कॉरपोरेट करियर को छोड़कर अपने क्रिकेट के सपने को पूरी तरह नई दिशा देने का फैसला किया।

एमटेक की पढ़ाई

जय मूंद्रा जब 2021 में डबलिन पहुंचे थे और ‘यूनिवर्सिटी ऑफ डबलिन’ से इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन में एमटेक की पढ़ाई कर रहे थे, तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट उनके जीवन की प्राथमिकताओं में नहीं था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंटेल जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी हासिल की और एक स्थिर पेशेवर जीवन की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी, लेकिन खेल उनसे पूरी तरह कभी दूर नहीं हुआ। दिलचस्प बात यह है कि इस अवधि में उन्होंने अपनी गेंदबाजी शैली भी बदल दी थी और तेज गेंदबाज से बाएं हाथ के स्पिनर के रूप में खुद को ढाल लिया था, साथ ही जरूरत पड़ने पर शीर्ष क्रम में बल्लेबाजी भी करते थे।

2024 में कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहा

क्रिकेट के उनके सफर में असली मोड़ 2024 में आया, जब उन्होंने कॉरपोरेट जीवन को अलविदा कहने के बाद डबलिन स्थित ‘लेइनस्टर क्रिकेट क्लब’ से जुड़कर क्रिकेट को पूरी तरह अपनाने का फैसला किया। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें कई तरह के त्याग भी करने पड़े। कई दिनों तक वे डबलिन से बेलफास्ट तक लंबा सफर तय कर सिर्फ अभ्यास सत्रों में हिस्सा लेने पहुंचते थे और देर रात वापस लौटकर फिर अगले दिन इसी दिनचर्या को दोहराते थे। उनके इस जोखिम ने अंततः उनके करियर को सबसे बड़ा इनाम दिया।

जय मूंद्रा अपनाते हैं यह रणनीति

आयरलैंड के लिए पदार्पण करने के बाद जय मूंद्रा ने ‘क्रिकेट आयरलैंड’ से कहा, ‘बाएं हाथ के गेंदबाज के रूप में मेरा कोण मेरी सबसे बड़ी ताकत है। मैं नई गेंद से स्विंग का इस्तेमाल करने, पैड और स्टंप को निशाना बनाने और बल्लेबाज को लगातार असहज करने की कोशिश करता हूं। मेरी कोशिश होती है कि बल्लेबाज मुझे परखने में नाकाम रहे और मैं उनसे गलतियां करवा सकूं।’

संजू सैमसन का विकेट झटका

भारत के खिलाफ मुकाबले में उनकी यह सोच पूरी तरह रंग लाई और उनकी पहली ही गेंद पर भारत के टी20 विश्व कप के नायक संजू सैमसन आउट हो गए। जय मूंद्रा ने कहा, ‘आयरलैंड की भारत पर पहली और ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनना मेरे लिए बेहद खास है। यह पल मैं जीवनभर याद रखूंगा। यह टीम और आयरिश क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है।’

आयरलैंड क्रिकेट भविष्य अब भी अनिश्चित

आयरलैंड क्रिकेट के साथ उनका भविष्य अब भी अनिश्चित है क्योंकि उनका वर्क परमिट जल्द समाप्त हो रहा है और उनके पास केंद्रीय अनुबंध भी नहीं है। ऐसे में वे केवल मैच फीस पर निर्भर हैं। हालांकि, इस प्रदर्शन ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि आयरलैंड को एक प्रतिभाशाली तेज गेंदबाज मिल सकता है, जो आने वाले समय में टीम का अहम हिस्सा बन सकता है।

भारत-आयरलैंड दूसरे टी20 पर बारिश का साया

बेलफास्ट में रविवार, 28 जून को होने वाले भारत-आयरलैंड टी20 मैच पर बारिश का साया है। ब्रिटेन के मौसम विभाग के अनुसार भारतीय समयानुसार शाम 5.30 बजे टॉस के समय 70 फीसदी बारिश की संभावना है। इससे एक घंटे पहले 50 प्रतिशत बारिश की संभावना है। टॉस समय से एक घंटे बाद 60 प्रतिशत बारिश की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें