ताज़ा खबर
 

2011 वर्ल्‍ड कप टीम का एक खिलाड़ी बुकी के संपर्क में था, IPL मैच फिक्सिंग कांड के जांच अधिकारी का दावा

IPL Match Fixing Scandal : मिश्रा ने कहा, "मुझे एन श्रीनिवासन (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष), गुरुनाथ मयप्पन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन (पूर्व आईपीएल सीओओ) के खिलाफ लगे आरोपों पर ध्यान देना पड़ा।"

Author Updated: August 23, 2018 2:29 PM
वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल एक खिलाड़ी 2008-09 सत्र के दौरान बुकी से संपर्क में था। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

IPL Match Fixing Scandal : 2011 में वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम में शामिल एक खिलाड़ी 2008-09 सत्र के दौरान एक बुकी से संपर्क में था। कथित तौर पर उन दोनों के बीच बातचीत का एक रिकार्डिंग है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त आईपीएल भ्रष्टाचार मामले के एक वरिष्ठ पुलिस जांचकर्ता ने कहा कि बुकी उन्हें सबूत देने को तैयार था, लेकिन आखिरी मौके पर वह पीछे हट गया। 2013 में इंडियन प्रीमियर लीग भ्रष्टाचार जांच मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुख्य जांचकर्ता के रूप में नामित पुलिस अधिकारी बी बी मिश्रा ने इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में कहा कि, “वह इस मामले का खुलासा नहीं कर सकें क्योंकि उनके पास पर्याप्त समय नहीं था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में रिपोर्ट जमा करने की अपनी अंतिम तिथि से कुछ ही दिनों पहले बुकी से बात की थी। हालांकि, यह उनके कार्य का हिस्सा नहीं था।

2008-09 में खिलाड़ी-बुकी के बीच हुई कथित बातचीत के बारे में मिश्रा ने कहा, “यह भारत में खेले जाने वाले अंतरराष्ट्रीय मैच से संबंधित मामला है। लेकिन मैं उस घटना की पूरी जांच नहीं कर सका। यह वाकया एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के दौरान हुआ। मैच से सिर्फ एक या दो दिन पहले या शायद मैच के दौरान हुआ था।” हालांकि, मिश्रा ने खिलाड़ी की पहचान करने से इंकार कर दिया।

सबूतों के बारे में पूछे जाने पर, मिश्रा ने कहा, “खिलाड़ी और बुकी के बीच फोन पर बातचीत की गई थी, जो रिकॉर्ड किया गया था। इसमें दो लोगों की आवाज स्पष्ट रूप से सुनाई दे रही है। इसमें एक खिलाड़ी का है और दूसरा बुकी का। अगर मुझे जांच करनी है, तो मुझे खिलाड़ी के आवाज के नमूने और बुकी के आवाज के नमूने लेना होगा। इसके बाद फोरेंसिक जांच के लिए भेजना होगा। इसमें एक महीने लग सकते हैं। लेकिन मैं ऐसा क्यों करुं, जब यह मेरे कार्य का हिस्सा ही नहीं है? अगर हमारे पास अधिक समय होता तो यह किया जा सकता था। लेकिन अभी तक मेरा खिलाड़ी और बुकी से आमना-सामना नहीं हुआ है। मैं किसी तरह बुकी से बात करने में कामयाब रहा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं बुकी से मिली जानकारी के आधार पर खिलाड़ी से बात करता। लेकिन वह रिकॉर्डेड सबूत बुकी से नहीं मिल सका। हालांकि मुझे पता है कि सबूत मौजूद थे, लेकिन मैं इसे पाने के लिए पीछे नहीं लग सका। बुकी ने मेरे सामने इस बात को स्वीकार भी किया था कि उसके पास सबूत है। वह सबूत देने को भी तैयार था, लेकिन आखिरी मिनट में उसने उसने अपना फैसला बदल लिया।” मिश्रा ने कहा, “मुझे एन श्रीनिवासन (पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष), गुरुनाथ मयप्पन, राज कुंद्रा और सुंदर रमन (पूर्व आईपीएल सीओओ) के खिलाफ लगे आरोपों पर ध्यान देना पड़ा। साथ ही नौ खिलाडि़यों पर लगे आरोपों को भी देखना पड़ा। हमने दोनों की जांच की। फिलहाल चारों अधिकारियों से संबंधित जांच को सार्वजनिक कर दिया गया है।”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 आकलन: हार्दिक में है कपिल सरीखा हरफनमौला बनने का दम!
2 खेलों की नई दुनिया है ई-स्पोर्ट्स
3 IND vs ENG: बाकी दो टेस्‍ट के लिए मुरली विजय, कुलदीप यादव बाहर, पृथ्‍वी शॉ-हनुमा विहारी को मौका
ये पढ़ा क्‍या!
X