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मुंबई इंडियंस को हारता देख सचिन तेंदुलकर ने खो दिया था आपा, मैदान पर बल्ला पटक उतारी थी खीज; देखें Video

सचिन तेंदुलकर ने उस मैच में 45 गेंद में 48 रन बनाए थे। अभिषेक नायर 26 गेंद में 27 रन बनाकर आउट हुए। इन दोनों के अलावा अंबाती रायुडू (14 गेंद 21 रन) और कीरोन पोलार्ड (10 गेंद 27 रन) ही दहाई का आंकड़ा छू पाए।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: September 15, 2020 1:58 PM
Sachin Tendulkar 2010 MI vs CSK2010 आईपीएल फाइनल में अभिषेक नायर के रन आउट होने पर सचिन तेंदुलकर ने अपना आपा खो दिया था। (सोर्स- स्क्रीनशॉट)

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपरकिंग्स की गिनती टूर्नामेंट की दमदार टीमों में की जाती है। मुंबई अब तक सबसे ज्यादा 4 बार आईपीएल की चैंपियन बन चकी है। उसने अब तक पांच बार फाइनल खेला है। वहीं, चेन्नई सुपरकिंग्स तीन बार खिताब अपनी झोली में डाल चुकी है। उसने 8 बार फाइनल में जगह बनाई है। 2010 में मुंबई और चेन्नई के बीच ही फाइनल खेला गया था।

तब महेंद्र सिंह धोनी की अगुआई वाली चेन्नई चैंपियन बनी थी। उसने पहली बार आईपीएल ट्रॉफी जीती थी। वहीं, सचिन तेंदुलकर के नेतृत्व वाली मुंबई इंडियंस को 22 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी थी। मैच के दौरान ऐसा मौका भी आया था, जब बल्लेबाजी करते हुए सचिन तेंदुलकर अपना आपा खो बैठे थे। वह इतना गुस्सा हो गए थे कि अपना बल्ला मैदान पर ही पटक दिया था।

मैच के दौरान सीएसके ने बल्लेबाजी चुनी। उसने सुरेश रैना की 37 गेंदों में नाबाद 57 रन की पारी के मदद से 20 ओवरों में 5 विकेट पर 168 रन का स्कोर बनाया। बाद में चेन्नई सुपरकिंग्स ने सामूहिक गेंदबाजी प्रयास के दम पर मुंबई को 20 ओवरों में 9 विकेट पर 146 रन ही बनाने दिए। जिसके परिणामस्वरूप एकतरफा मामला हुआ। उस मैच में रविचंद्रन अश्विन ने चेन्नई के आक्रमण की शुरुआत की। उनका पहला ओवर मेडन रहा।

अगले ओवर में डग बोलिंगर ने शिखर धवन को आउट किया। इसके बाद सचिन तेंदुलकर का साथ देने अभिषेक नायर आए। दोनों ने मिलकर 11 ओवर में स्कोर को 67 रन पहुंचा दिया। दोनों 66 रन जोड़ चुके थे और बड़ी साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे। इस बीच, धोनी ने सुरेश रैना को 12वां ओवर फेंकने को दिया। रैना की पहली गेंद पर नायर कोई रन नहीं बना पाए।

अगली गेंद उन्होंने स्क्वायर लेग की ओर गेंद खेली और रन लेने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि, दूसरे छोर से सचिन ने नायर को लौटने को कहा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और धोनी उन्हें रन आउट कर चुके थे। नायर के आउट होने पर सचिन ने अपना आपा खो दिया। उन्होंने गुस्से में अपना बैट जमीन पर पटक दिया। शायद सचिन को लगा कि उनका आईपीएल ट्रॉफी जीतने का सपना चकनाचूर हो गया।

ऐसा हुआ भी। नायर के आउट होने के समय मुंबई का स्कोर 67 रन था और 100 रन तक उसकी आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी। तेंदुलकर ने उस मैच में 45 गेंद में 48 रन बनाए। नायर 26 गेंद में 27 रन बनाकर आउट हुए। इन दोनों के अलावा अंबाती रायुडू (14 गेंद 21 रन) और कीरोन पोलार्ड (10 गेंद 27 रन) ही दहाई का आंकड़ा छू पाए। इस मैच में धोनी के ट्रंप कार्ड रहे थे, शादाब जकाती। जकाती ने 3 ओवर में 26 रन देकर 2 विकेट (सचिन तेंदुलकर और सौरभ तिवारी) झटके थे। इसके साथ ही चेन्नई पहली बार आईपीएल चैंपियन बनने में सफल रही।

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