कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाड़ी रोवमैन पॉवेल ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) के मैच के दौरान अंपायरों की ‘गलती’ की आलोचना की और अपनी टीम की करीबी हार के लिए ईडन गार्डन की धीमी पिच को जिम्मेदार ठहराया। एलएसजी का स्कोर 16 ओवर के बाद सात विकेट पर 127 रन था, लेकिन उसने युवा बल्लेबाज मुकुल चौधरी की नाबाद 54 रन की पारी की मदद से तीन विकेट से जीत हासिल की।

पॉवेल ने मैच के बाद पत्रकारों से कहा, ‘आप ईडन गार्डन को अपना गढ़ बनाना चाहते हैं। यह आपका घरेलू मैदान है और दर्शकों का समर्थन आपको मिलता है। घरेलू मैदान पर खेलने का फायदा उठाना अच्छा लगता है, लेकिन इस युवा खिलाड़ी (मुकुल) को श्रेय जाता है। उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की।’ केकेआर को चार मैच में एक भी जीत नहीं मिली है। इनमें से तीन मैच उसने अपने घरेलू मैदान पर खेले हैं।

फिन एलन के विकेट पर बवाल

एलएसजी के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए अच्छी शुरुआत के बावजूद केकेआर चार विकेट पर 181 रन ही बना पाई। इस मैच में टीम के ओपनर बल्लेबाज फिन एलन (09) विवादास्पद तरीके से आउट हो गए। एलन के बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर गई गेंद को डीप थर्ड मैन की बाउंड्री पर खड़े दिगवेश राठी ने कैच कर लिया। रीप्ले से पता चला कि उनके पैर की उंगलियां बाउंड्री को छू गई थीं, लेकिन मैदानी अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक (साउथ अफ्रीका) और अक्षय टोत्रे (भारत) ने तीसरे अंपायर का सहारा नहीं लिया और इस कैच को क्लीन करार दिया।

अंपायरिंग पर क्या बोले पॉवेल

पॉवेल ने कहा, ‘बिल्कुल और भी पहलुओं पर गौर किया जाना चाहिए था। जब वह मैदान से बाहर आए तो हमने इस बारे में बात की थी। हमने आईपीएल में देखा है कि अंपायर इससे भी छोटी-छोटी चीजों के लिए तीसरे अंपायर की मदद लेते रहे हैं। हो सकता है कि यह उनकी तरफ से एक गलती थी, लेकिन हम यह नहीं कहेंगे कि इसी वजह से आज रात हमें दो अंक गंवाने पड़े।’

220 रन वाला विकेट नहीं था

पॉवेल ने कहा कि इस पिच पर स्ट्रोक लगाना इतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, ‘यह ईडन गार्डन के उस पारंपरिक विकेट जैसा नहीं था जहां आप क्रीज पर उतरकर ताबड़तोड़ बल्लेबाजी कर देते हैं। यह 220 रन वाला विकेट नहीं था। गेंदबाजों को थोड़ी मदद मिल रही थी, विशेषकर जब उन्होंने धीमी गेंदों का इस्तेमाल किया।’

पॉवेल को स्थिति में सुधार की उम्मीद

केकेआर का अब चार मैचों में सिर्फ एक अंक है, जो उसे सोमवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के कारण रद्द किए गए मैच से मिला था, लेकिन पॉवेल को स्थिति में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने कहा, ‘अगर आप इतिहास देखें तो आईपीएल के विजेता टूर्नामेंट के मध्य और अंतिम चरण में अपनी लय हासिल करते हैं। जब शुरुआत अच्छी न हो तो जीतना आसान नहीं होता। अभी हमने 10 मैच खेलने हैं और हमारा भविष्य हमारे हाथ में है।’

मुकुल चौधरी के पिता का सपना पूरा

राजस्थान के झुंझुनू में मुकुल पले-बढ़े हैं, जहां क्रिकेट की बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पिता दलीप कुमार चौधरी हमेशा चाहते थे कि उनका बेटा खेल में करियर बनाए, लेकिन राह काफी मुश्किल थी। पैसे की तंगी थी और मौका मिलना भी आसान नहीं था। पूरी खबर पढ़ें