इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) में गुरुवार (9 अप्रैल) को लखनऊ सुपर जायंट्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को आखिरी गेंद पर 3 विकेट से हरा दिया। लखनऊ सुपर जायंट्स की इस जीत के हीरो 21 साल मुकुल चौधरी रहे। आईपीएल 2026 के ऑक्शन में मुकुल के लिए तीन फ्रेंचाइजियों ने बोली लगाई। लखनऊ सुपर जायंट्स के अलावा राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस ने भी उन्हें अपने साथ जोड़ने में दिलचस्पी दिखाई थी। यही कारण है कि 30 लाख बेस प्राइस वाले मुकुल 2.60 करोड़ रुपये में बिके। उन्हें बेस प्राइस से करीब 760 प्रतिशत ज्यादा रकम मिली।
राजस्थान के झुंझुनू में मुकुल पले-बढ़े हैं, जहां क्रिकेट की बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पिता दलीप कुमार चौधरी हमेशा चाहते थे कि उनका बेटा खेल में करियर बनाए, लेकिन राह काफी मुश्किल थी। पैसे की तंगी थी और मौका मिलना भी आसान नहीं था। वह विकल्प तलाशते रहे। मुकुल को सीकर की एक क्रिकेट एकेडमी में भेजा गया। तब वह एक मीडियम-फास्ट बॉलर थे। बैटिंग पर उनका ध्यान नहीं था। टीम को एक दिन विकेटकीपर की जरूरत थी तो मुकुल ने जिम्मैदारी संभाली। तब किसी को नहीं लगा था कि मुकुल का करियर ही बदल जाएगा। उन्होंने बल्लेबाजी पर ध्यान देने शुरू कर दिया।
हॉस्टल में हुई स्किन एलर्जी
लंबाई और ताकत की वजह से मुकुल में गेंद को दूर तक मारने की काबिलियत थी। उनके कोच ने बल्लेबाजी की तकनीक पर काम किया। मुकुल क्लीन हिटर बन गए और मैच का रुख पलटने में माहिर हो गए। हालांकि, मुकुल का सफर आसान नहीं रहा। मुकुल को हॉस्टल में स्किन एलर्जी हो गई। इसके बाद उनके परिवार ने पास में ही एक घर किराए पर लिया ताकि वह अपनी सेहत की चिंता किए बिना ट्रेनिंग जारी रख सकें। मुकुल का खेल बेहतर होता गया और वह अरावली क्रिकेट एकेडमी में ट्रेनिंग के लिए जयपुर चले गए। यह एक बड़ा कदम था, लेकिन मुश्किल भी था। उनके परिवार ने इसे आसान बना दिया। उनकी मां और छोटी बहन उनके साथ रहने लगीं ताकि उन्हें अकेला महसूस न हो। धीरे-धीरे चीजें ठीक होने लगीं।
| प्रतिद्वंद्वी | तारीख | रन | गेंद | 4s | 6s | SR | परिणाम |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| DC | 1 अप्रैल | 14 | 11 | 2 | — | 127.27 | हार |
| SRH | 5 अप्रैल | 2 | 5 | — | — | 40 | जीत |
| KKR | 9 अप्रैल | 54* | 27 | 2 | 7 | 200.00 | जीत |
पापा का सपना पूरा
कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ 27 गेंद पर 7 छक्कों और 2 चौकों की मदद से 54 रन बनाने के बाद मुकुल ने कहा, ‘मेरा सफर मेरे जन्म से भी पहले शुरू हो गया था। मेरे पापा का सपना था कि एक दिन उनका बेटा क्रिकेट खेलेगा, लेकिन उस समय हमारी माली हालात अच्छी नहीं थी, इसलिए मैं जल्दी खेलना शुरू नहीं कर सका। मैंने लगभग 12-13 साल की उम्र में खेलना शुरू किया। उस समय ज्यादा एकेडमी नहीं थीं।’
IPL के 154 किमी की रफ्तार वाले पेसर अशोक शर्मा की कहानी
रैंपुरा के एक छोटे से गांव से निकलकर 154 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने की यह कहानी सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि त्याग, संघर्ष और सपनों की है- जहां बड़े भाई ने अपना करियर छोड़कर छोटे को आगे बढ़ाया। पूरी खबर पढ़ें।
