रजत पाटीदार रविवार (31 मई) को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की लगातार दूसरे इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) फाइनल में अगुआई करेंगे तो उनके पास महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज कप्तानों के क्लब में शामिल होने का मौका होगा, जिन्होंने लगातार दो आईपीएल खिताब जीते हैं। हालांकि, मध्य प्रदेश के रजत का सफर भारतीय क्रिकेट के दोनों दिग्गज धोनी और रोहित से काफी विपरीत है।

महेंद्र सिंह धोनी ने 2010-11 में चेन्नई सुपर किंग्स को लगातार दूसरी बार खिताब दिलाया तो वह पहले ही खुद को दिग्गज खिलाड़ी के तौर पर साबित कर चुके थे। उन्होंने 2007 में भारत को टी20 वर्ल्ड कप जिताया था और 2009 में भारत को टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर पहुंचाया था। रोहित शर्मा ने 2019-20 में मुंबई इंडियंस को लगातार खिताब जिताया तब तक वह टीम को आईपीएल का कई खिताब दिला चुके थे। उनकी कप्तानी में भारत एशिया कप जीता था। 2019 वर्ल्ड कप में पांच शतक लगाकर धूम मचा दी थी।

भारतीय टीम में नहीं मिला मौका

रजत पाटीदार ने आखिरी बार 2024 की शुरुआत में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और तीन टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था। तब से वह भारतीय टीम में चयन के करीब भी नहीं पहुंच पाए हैं। आईपीएल 2026 में दनदार प्रदर्शन के बाद वह चर्चा में हैं। पाटीदार ने 196.76 के स्ट्राइक रेट से 486 रन बनाए हैं।

कप्तान बनते ही आरसीबी को दिलाया खिताब

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पाटीदार को 2025 की शुरुआत में कप्तानी सौंपी थी। उन्होंने पहले ही सीजन में वह काम करके दिखाया जो राहुल द्रविड़, केविन पीटरसन, अनिल कुंबले, डेनियल विटोरी, विराट कोहली और फाफ डुप्लेसिस जैसे दिग्गज नहीं कर सके। पिछले साल आरसीबी को पहला खिताब जिताने के बाद पाटीदार के पास अब अपनी विरासत बनाने का मौका है।

राजस्थान के बाहर होने के बाद सैम करन पर भड़के संगकारा

आईपीएल 2026 से पहले राजस्थान रॉयल्स ने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ संजू सैमसन को ट्रेड किया था। उसने अपने साथ रविंद्र जडेजा और सैम करन को जोड़ा था। चोट के कारण करन ने आईपीएल 2026 में खेलने से मना कर दिया। पूरी खबर पढ़ें