बोर्ड (BCCI) की सभी 10 टीमों की कप्तानों के साथ बुधवार (25 मार्च) को मुंबई में बैठक होगी। इस बैठक में इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट नियम के असर, गेंद बदलने और कोड ऑफ कंडक्ट जैसे मामलों पर चर्चा होगी। बीसीसीआई के साथ कप्तानों की बैठक हर आईपीएल सीजन से पहले होती है। इस बैठक को भारत के पूर्व खिलाड़ी जवागल श्रीनाथ और अंपयार नितिन मेनन संबोधित करेंगे। श्रीनाथ मैच रेफरी और मेनन अंपायर पैनल के हेड हैं।

बीसीसीआई के पादधिकारी ने पीटीआई से कहा, ‘इस साल नियमों में कुछ भी नया नहीं है। कुछ कप्तान और कोच नए हैं और उन्हें नियमों के बारे में बताना जरूरी है।’ जिन बातों पर चर्चा होनी है उनमें हर ओवर में दो बाउंसर, बल्ले के आकार की जांच, गेंद खो जाने या खेलने लायक न रहने पर उसे बदलना, रिटायर्ड आउट कॉल और गेंद को चमकाने के लिए थूक का इस्तेमाल शामिल हैं।

2025 में कप्तानों की बैठक में हुए थे जरूरी फैसले

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सितंबर 2022 से गेंद को चमकाने के लिए थूक के इस्तेमाल पर बैन लगा था। आईपीएल 2025 में थूक के इस्तेमाल को इजाजत दे दी गई। 2025 में कप्तानों की बैठक में कुछ जरूरी फैसले लिए गए और 10 कप्तानों से आम सहमति मिलने के बाद लार के इस्तेमाल की इजाजत देना उनमें सबसे अहम था। यह भी तय किया गया कि दूसरी गेंदबाजी करने वाली टीम को 10वें ओवर के बाद एक बार गेंद बदलने का विकल्प दिया जाएगा। यह शाम के मैचों के दौरान ओस से होने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए किया गया था।

ये नियम आईपीएल 2026 में भी लागू रहेंगे

नियम के मुताबिक ओस हो या नहीं फील्डिंग कर रही टीम के कप्तान गेंद बदलने की गुजारिश कर सकता है, लेकिन मैदान पर मौजूद अंपाय नई गेंदे चुनेंगे। हॉक-आई और बॉल-ट्रैकिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके ऑफ-स्टंप के बाहर की वाइड और हाई फुलटॉस को भी रिव्यू में शामिल करके डीआरएस का दायरा बढ़ाने का भी फैसला किया गया। ये सभी नियम आईपीएल 2026 एडिशन में भी लागू रहेंगे।

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