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IPL से पहले गौतम गंभीर ने दी कोहली को सलाह, 2 बार के चैंपियन ने विराट और MS Dhoni की कप्तानी में बताया फर्क

आईपीएल के 13वें सीजन की शुरुआत 19 सितंबर को होगी। धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी।

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गौतम गंभीर और महेंद्र सिंह धोनी आईपीएल चैंपियन बन चुके हैं, लेकिन कोहली ने अब तक खिताब नहीं जीता है। (सोर्स – सोशल मीडिया)

पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के पूर्व कप्तान गौतम गंभीर ने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलुरु (RCB) के कप्तान विराट कोहली को आईपीएल से पहले एक जरूरी सलाह दी है। गंभीर ने विराट से कहा कि वे यूएई में एक ही प्लेइंग इलेवन के साथ लंबे समय तक खेले। दो बार के आईपीएल चैंपियन ने विराट और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में में सबसे बड़ा अंतर खिलाड़ियों पर भरोसा और उन्हें लगातार मौका देना बताया। 13वें सीजन की शुरुआत 19 सितंबर को होगी। धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग्स पहले मुकाबले में मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी।

गंभीर ने कहा कि आरसीबी की टीम प्लेइंग इलेवन में लगातार बदलाव करते रहती है। उनकी टीम में निरंतरता की कमी होती है। गंभीर ने कोहली से अपील की है कि आरसीबी में अपने खिलाड़ियों को ज्यादा से ज्यादा मौके दें। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोहली को लगता है कि उनके पास बैलेंस टीम है तो उन खिलाड़ियों के साथ टिके रहे। जब आप एक कप्तान के रूप में अपने टीम के साथ खुश होते हैं, तो आप पहले से ही योजना बना लेते हैं कि आप कौन से प्लेइंग इलेवन के साथ खेलना चाहते हैं। अगर आप संतुष्ट हैं, तो टीम में शांति भी साथ आती है। क्योंकि कई बार आप पूरे टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्लेइंग इलेवन के बारे में नहीं जानते हैं और यही कारण है कि आप बहुत सारे बदलाव करते हैं।’’

गंभीर ने स्टार स्पोर्ट्स के कार्यक्रम क्रिकेट कनेक्टेड में कहा, ‘‘विराट कोहली और एमएस धोनी के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि धोनी 6-7 मैचों के लिए अपने खिलाड़ियों के साथ बने रहते हैं। यदि आप आरसीबी को देखते हैं, तो वे बहुत जल्दी बदलाव करते हैं क्योंकि उन्हें संदेह है कि उनके प्लेइंग इलेवन में उचित संतुलन नहीं है। इसलिए मैं आरसीबी में यह देखना चाहता हूं कि भले ही शुरुआत अच्छी न हो, लेकिन उन्हें अपने प्लेइंग इलेवन के साथ बने रहना चाहिए और उन्हें 6-7 मैच जिताने चाहिए। अगर वो मोइन अली के साथ स्टार्ट करते हैं तो कम से कम 6-7 मैच में उन्हें खेलने का मौका दें। अगर वो शुरू में बेहतर नहीं खेल पाते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि दूसरे खिलाड़ी को टीम में ले आओ।’’

गंभीर ने कहा, ‘‘इसलिए अगर विराट कोहली के मन में इस बात को लेकर शांति है कि यह सबसे संतुलित टीम है, तो महत्वपूर्ण बात यह होगी कि वे कैसा प्रदर्शन करते हैं। साथ ही इन खिलाड़ियों के साथ कितना टिकते हैं।’’ गंभीर का यह बयान उस समय आया है जब कोहली ने खुद ही कहा कि 2016 के बाद वर्तमान आरसीबी की टीम सबसे ज्यादा मजबूत है। उस साल सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।

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